नलकूप खनन रोकने पर बवाल

परिषद अध्यक्ष-एसडीएम आमने सामने, विरोध कर डेढ़ घंटे चक्काजाम

नगर परिषद निवास आईटीआई रोड शमशान स्थल पर नलकूप खनन को लेकर बीती रात बवाल हो गया है। एसडीएम ने मशीन पहुंचते ही खनन में रोक  दी है। इसके बाद नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षदों ने विरोध करते हुए सड़क मार्ग जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे के जाम से दोनो ओर वाहनो की कतार लग गई। कलेक्टर के आश्वासन के बाद मार्ग खोला गया है। इसके बाद नलकूप खनन किया गया। जिसमें करीब चार सौ फिट खनन के बाद पानी निकला है।
 बताया गया है कि शासन ने गर्मी के मौसम में जल समस्या को देखते हुए नलकूप खनन में प्रतिबंध लगाया है। यहां मंडला जिले में भी यह प्रतिबंध लागू है। जिससे की जल समस्या वाले क्षेत्र में जल स्रोत्र नए खनन से प्रभावित नहीं हो। विकट परिस्थिति में क्षेत्र के सक्षम अधिकारी से अनुमति के बाद नगरीय निकाय या पंचायते वार्डो में जल समस्या को देखते हुए नल कूप खनन करा सकती है। यहां इसी बात को लेकर एसडीएम निवास और नगर परिषद अध्यक्ष आमने सामने हो गए है। गत देर शाम आईटीआई मार्ग स्थित शमशान घाट में नगर निकाय के द्वारा नल कूप खनन कराया जा रहा था। इसकी जानकारी एसडीएम को लगी। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने खनन नहीं करने की बात कही है। खास बात यह है कि खनन के लिए नगरीय निकाय ने एसडीएस से अनुमति भी नहीं थी। यहां पास ही में एक हैंडपंप है जिसके पानी का उपयोग बड़ी संख्या में रहवासी करते है। शमशान घाट में नए कूप खनन से पुराना जल स्रोत्र प्रभावित हो सकता है। काफी देर तक अफसर और अध्यक्ष के बीच इसी बात को लेकर बहस होती है। इसके बाद मौके पर ही माहौल गरर्माया गया। नगर परिषद अध्यक्ष के साथ कुछ पार्षद और कांग्रेसी नेता एसडीएम के खिलाफ हो गए। 
आईटीआई मार्ग पर चक्काजाम
रात में ही नगरपरिषद अध्यक्ष चैन सिंह बरकड़े, पार्षद और कांग्रेसी नेता एसडीएम की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध करने लगे। यहां आईटीआई मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक मार्ग बंद रहा है। मार्ग के दोनो  ओर वाहनो की लंबी कतार लग गई। इसके कारण मार्ग आवागमन बंद हो गया। इसी बीच कलेक्टर को शिकायत की गई, जिसके बाद जाम खोल दिया गया। यहां कलेक्टर के मौखिक आदेश के बाद शमशान स्थल पर खनन कर दिया गया।
अधिकारी मौके पर नही थे
 सरकारी नलकूप खनन से पहले मौका स्थल की जांच भी जरूरी है। जिस स्थल पर नलकूप खनन किया जा रहा था। वहां नगर परिषद के सीएमओ और पीएचई के तकनीकी अधिकारी भी नहीं थे। जिसके चलते लोगो यह भी संदेह था कि नल कूप खनन होने के बाद पानी निकेलेगा की नहीं है। या फिर सरकारी धन की होली खेल ली जाएगी।
 इनका कहना है-
 
नगरीय निकाय के द्वारा शमशान स्थल पर खनन किया जा रहा था जिसपर एसडीएम ने अनुमति नहीं होने पर रोक लगा दी। इस बात पर विवाद भी हुआ। कलेक्टर के आदेश पर बाद खनन किया गया। अनुमति के लिए आवेदन किया था।
चैन सिंह बरकड़े, नगर परिषद अध्यक्ष
ग्रीष्म काल में नलकूप खनन से पास के चालू हैंडपंप प्रभावित नहीं हो इसके लिए खनन रोका गया था।
आशाराम मेश्राम,एसडीएम निवास.

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