सिद्ध बाबा टेकरी में लौटेगी हरियाली

सिध्दबाबा टेकरी को हरा – भरा व जल संरक्षण की दिशा में प्रयास शुरू

सिद्वबाबा टेकरी के नाम से एक प्रसिद्व एवं धामिक स्थल मंडला मेे स्थित है। वर्तमान में वह टेकरी वीरान हो थी उस टेकरी को हरा-भरा करने के संकल्प के साथ नगर की कुछ समाज सेवी संस्थाओं ने एक साथ मिलकर इसे पूरा करने का वीड़ा उठाया है। इन संस्थाओं में हरित जीवन संघ, न्यू विजन इंडिया, नर्मदा समग्र, श्री परशुराम सेवा समिति, श्री व्यास नारायण सेवा संगठन, पंतजलि योग समिति, विप्रांश एक सामाजिक समूह के साथ साथ नगर के युवा एवं गणमान्य पर्यावरण के शुभचिंतक नागरिकों ने भी बढ़ चढ कर इस अभियान में हिस्सा लेकर इसे पूरा करने का संकल्प लिया है। बेशक कार्य आसान नही है पर नामुकिंन भी नही। इसी भाव के साथ सब मिलकर इस कार्य को आगे नित प्रतिदिन शनै शनै आगे बढाते जा रहे है । इस कार्य की सफलता का कारण यही है कि इसे किसी एक व्यक्ति या संस्था के नाम से ना जोड़कर कर सामूहिक प्रयास का नाम दिया जा रहा है जिससे प्रतिदिन नये नये जागरूक सदस्यों की संख्या बढ़ती जा रही है । आपसी तालमेल एवं भविष्य की चिंता करते हुये हम सब को इसे सफलता की ऊंचाइयों तक पंहुचाना है। 4 लोगों से शुरू इस मुहिम को आज 50 से अधिक लोगो तक भावनात्मक जुड़ाव की तरफ चल पडे़ है। समिति का अनुरोध है कि प्रतिदिन अपने सुविधा से समय निकालकर श्रमदान हेतु स्वयं आये और अपने साथ कम से कम 5 लोगों को इस मुहिम में जोडने का प्रयास करें। इस कार्य में सफलता का प्रतिशत फिलहाल ना के बराबर है परन्तु जब सब एक दूसरे से कन्धे से कन्धा मिलाकर इस मुहिम में बिना निज स्वार्थ के लगातार लगे रहेंगे तो निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी।

सभी से अनुरोध है यह कार्य आने वाली पीढियों के लिये हमारे व्दारा दिया हुआ एक अमूल्य प्राकृतिक उपहार होगा। कार्य को राजनीति फोटो गैलरी, व्यक्तिगत केमपेनिंग आदि यदि दूर रखा गया तो यह कार्य निश्चित ही सफलता प्राप्त करेगा ,

  • वर्तमान कार्य कि स्थिति का विवरण इस प्रकार है 
  • वर्तमान में 500 गढढे पूर्ण हो चुके है।
  • गढढों में मिट्टी एवं रेत डालने का कार्य चल रहा है।
  • मिट्टी नीचे से ऊपर ले जाने हेतु श्रमदान किया जा रहा है।
  • अभी तक 2 पीपल के पौधों को एक स्थान से निकाल कर टेकरी पर रोपित किया गया है।
  • सभी से अनुरोध है कि श्रमदान में अपना पूर्ण भावनात्मक सहयोग प्रदान करें।
  • 1 या 2 दिनों में पौधों को रोपित करने का कार्य प्रांरभ किया जावेगा।
  • अतः आप सभी से निवेदन है कि प्रतिदिन सुवह 6 बजे से 8 बजे तक श्रमदान हेतु पडाव स्थित राम मंदिर में अवश्य आये एवं अपने साथ 2 लोगो को प्रतिदिन लेकर आये।

नीलेश कटारे-

अपने अपने स्तर पर हमेशा ही जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति चिन्तित रहते है व इस वर्ष गर्मी में बढ़ते तापमान से भलीभांति परिचित भी है स्वयं के घर की बोरिंग का जल स्तर घटते, माँ नर्मदा का जल स्तर कम होते हमने देखा है । मन पीड़ित भी हो रहा है और समय भी नही है तो फिर कैसे पर्यावरण बचेगा ।अनेको बन्धु watsapp, facebook पर पर्यावरण पर चिंता व्यक्त करते भी है परन्तु जल एवं पर्यावरण के लिए कोई ठोस कदम नही उठा पाते जिसके कारण उनकी यह चिंता सोशल मीडिया तक ही रह जाती है । अतः एक सामूहिक पहल हम सभी ने मिलकर शुरू की है जिसमे आपकी भागीदारी भी सुनिश्चित हो एसी आशा है की आप सब भी इस पुण्य कार्य के घटक बनेंगे

मनीष दुबे –

जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान समाज जागरण की दिशा में एक पहल है, जिसमे समाज का प्रत्येक वर्ग अपना श्रमदान सामूहिक रूप से किसी निश्चित स्थान पर करे व उसका संरक्षण समाज अपने कंधों में लेकर कार्य को सफलतापूर्वक मॉडल ( प्रेरणा स्रोत ) बनाये ताकि जल एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अन्य लोग स्थाई कार्य करने की दिशा में आगे बढे । आप सभी जानते है कि वर्तमान परिदृश्य में लोग पर्यावरण संरक्षण की बात तो करते है संरक्षण के कार्य मे स्वयं असफल होते है । अतः एक सामूहिक प्रयास से जो सफलता, विफलता हम सभी को मिलेगी यह हमारे कार्य की क्षमता में वृद्धि ही करेगा ।

श्याम श्रीवास –

प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक सिद्ध बाबा टोरिया श्रमदान किया जा रहा है इसमें मुख्य रूप से पोधो के लिए गड्ढे करना , खाद डालना आदि कार्य किये जा रहे है जो भी इस अभियान से जुड़ना चाहे उसका स्वागत है .

आनंद प्रकाश तिवारी – सिद्ध बाबा टोरिया में किया जा रहा पौध रोपण हमारे पर्यावरण बहुत ही सराहनीय कार्य है बिना किसी के आमंत्रण के मैं स्वयं इस अभियान में शामिल हुआ हूँ आखिर समाज और देश के प्रति भी हमारी कुछ जिम्मेदारिया है .

सोनू भलावी – सिद्ध बाबा टोरिया में किया जा रहा पौध रोपण आने वाले समय में बहुत ही लाभ कारी सिद्ध होगा , प्रति दिन में और और अन्य सहयोगियों द्वारा श्रमदान किया जा रहा है …

कपिल वर्मा , मंडला

1 COMMENT

  1. बहुत ही सराहनीय कार्य है । परंतु अप्रैल,मई और जून के महीने में इन पौधों के लिए पानी की व्यबस्था भी जरूरी है ताकी लगाये गए पौधे जीवित रह सकें।

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