हनुमान जी प्रसन्न होने पर जो नव निधियां भक्तों को देते है वो इस प्रकार है

१- पद्म निधि : – पद्मनिधि लक्षणो से संपन्न मनुष्य सात्विक होता है तथा स्वर्ण चांदी आदि का संग्रह करके दान करता है |

२- महापद्म निधि :- महाप निधि से लक्षित व्यक्ति अपने संग्रहित धन आदि का दान धार्मिक जनों में करता है |

३- नील निधि :- नील निधि से सुशोभित मनुष्य सात्विक तेजसे संयुक्त होता है| उसकी संपति तीन पीढी़ तक रहती है |

४- मुकुंद निधि :- मुकुन्द निधि से लक्षित मनुष्य रजोगुण संपन्न होता है वह राज्यसंग्रह में लगा रहता है |

५- नन्द निधि : – नन्दनिधि युक्त व्यक्ति राजस और तामस गुणोंवाला होता है वही कुल का आधार होता है |

६- मकर निधि : – मकर निधि संपन्न पुरुष अस्त्रों का संग्रह करनेवाला होता है |

७- कच्छप निधि :- कच्छप निधि लक्षित व्यक्ति तामस गुणवाला होता है वह अपनी संपत्ति का स्वयं उपभोग करता है |

८- शंख निधि :- शंख निधि एक पीढी के लिए होती है |

९- खर्व निधि :- खर्व निधिवाले व्यक्ति के स्वभाव में मिश्रित फल दिखाई देते हैं |

नवीन मिश्रा

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