स्पेशल बच्चों की कलाकृति देख मंत्रमुग्ध हुए डॉक्टर जटिया

इनके बनाए दीपों से मनाएंगे दीवाली

मण्डला के योजना भवन में कुछ अलग ही नजारा था यहाँ अपने हाथों से सजाए और सँवारे दीपों के साथ ही झूमर और कागज के थैले लेकर स्पेशल स्कूल के बच्चों ने स्टॉल लगाया जिसे देख कर कलेक्टर डॉक्टर जगदीश चंद्र जाटिया भी मंत्र मुग्ध रह गए और उन्होंने न केवल इस स्टॉल का अवलोकन किया बलिक नंन्हेमुन्नों के द्वारा बनाए गाये दीपोत्सव के इन सामानों की खरीदारी भी की वहीं इन मूक बधिर बच्चों के द्वारा दिये गए स्वादेशी और स्वावलंबन के संदेश की भूरी भूरी प्रशंसा भी की

जगदीश चंद्र जाटिया कलेक्टर मंडला

दीवाली का त्यौहार स्पेशल चाइल्ड स्कूल के बच्चे अलग ही तरह से मनाते हैं ये खाली पीरियड में अपने हाथों से मिट्टी के दियों को अलग अलग रंगों से पूरी कलात्मकता के साथ सजाते हैं इनमें रंगीन स्टोन भी लगाते हैं वहीं दरवाजे और खिड़की में लगने वाले झूमर भी अपने हाथों से तैयार करते हैं जिसके बाद स्कूल के शिक्षक और बच्चे मिल कर इन सामानों का स्टॉल लगा कर इनकी बिक्री करते हैं और जो रुपये आते हैं उनसे ऐसे बच्चों के लिए मिठाई,पटाखे और कपड़े खरीदी जाते हैं जिनके पालक आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं इस तरह दीवाली के त्योहार में बच्चों के द्वारा स्वाबलंबन, स्वादेशी के साथ ही दूसरों के मदद का संदेश दिया जाता है।

खरीददारो का कहना –

इन बच्चों के द्वारा दीपों के माध्यम से प्रस्तुत की गई कलाकृति की सभी ने खुल कर तारीफ की वहीं सबके लिए ये बच्चे एक सवाल भी छोड़ गए कि इन बच्चों को समाज क्यों डिसेबल्ड या या विकलांग समझता है आखिर इनकी कल्पनाओं की उड़ान तो हम सभी से ऊँची ही है।

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