दो दिन की हड़ताल पर गए बैंककर्मी, सरकारी बैंकों में लटके ताले

आज सभी बैंक कर्मचारी व अधिकारियों ने दो दिवसी हड़ताल का आह्वान किया है इस संबंध में सभी अधिकारी व कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक सिविल लाइन के समक्ष एकत्रित होकर आई बी ए के विरुद्ध प्रदर्शन एवं नारेबाजी की इनकी मुख्य मांगे शीघ्र एवं सम्मानजनक वेतन समझौता पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य के घंटे निश्चित करना परिवार पेंशन में सुधार ऑपरेटिंग लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण निधि के लिए रकम जारी करना इत्यादि हैं आईबीए के साथ बातचीत के बाद मुंबई से जारी परिपत्र के अनुसार यूएफबी एवं आईबीए के बीच हुई बैठक में आईपीएल के adiyal एवं हठधर्मिता पूर्ण रवैया की वजह से बैठक का कोई भी निष्कर्ष नहीं निकला अगर यही रवैया IBA ka रहा तो आगे भी इन हड़ताल ओं का क्रम जारी रहेगा इसके आगे 11 12 व 13 मार्च की तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी उसके बाद 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी .

यूनाइटेड बैंक यूनियन के आव्हान पर हफ्ते में 5 डे वर्किंग,7 वें वेतनमान में बढ़ोतरी और स्टाफ की कमी को पूरा करने जैसी मांगों को लेकर मंडला बैंक के कर्मचारी 31 जनवरी और 1 फरवरी को दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं. जिनका कहना है कि सरकार ने अगर हमारी मांगों को नहीं माना तो मार्च महीने में तीन दिन की हड़ताल की जाएगी और इसके बाद भी सरकार मांगों को पूरा नहीं किया तो 1 अप्रैल से अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी.

दो दिन की हड़ताल पर गए बैंककर्मी, सरकारी बैंकों में लटके ताले

बैंक कर्मचारियों का कहना है कि सभी सरकारी बैंक के कर्मचारी कम स्टाफ होने के चलते ओवर टाइम करते हैं, साथ ही नोटबंदी जैसी सरकार की विभिन्न योजनाओं के समय सरकार को पूरा सहयोग भी देते हैं. इसके बाद भी सरकार बैंक के कर्मचारियों के विषय में उदासीन है और लगातार बातचीत के बाद भी उनकी मांगे नहीं मान रही इस लिए उन्हें मजबूरन हड़ताल का सहारा लेना पड़ रहा है.

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