कोरोनाकाल एवं विद्यार्थी धर्म


कोरोनाकाल काल में प्रशासन दूरुस्थ है, शासन चुस्त है और पूरी तैयारी उस वायरस से लडने की है जो अदृश्यण होकर प्रहार करता है । किसी से उसकी पहचान पूछकर यह प्रभावित नहीं करता, बहरहाल इस संकट के बारे में हजारों व्याख्यान वा समझाइसे दी जा चुकी हैं परंतु हमारा विद्यार्थी वर्ग इस समय अस्थिर मनोस्थिति में हैं कि हमारे विद्यार्थीयों के दो वर्ग बन गए है जो एक वर्ग समय और अवसर को पकड लेने का प्रयास करता है और दूसरा वर्ग ऐसा भी है जो आपदा अवकाश को आनंद की अनुभूती का प्रसाद समझता है। कक्षा में भी एसे बच्चे मिलना स्वाभविक हैं जो शिक्षक के लिए यह चुनौती रहतें है। शिक्षकों को कोरोना काल में बंद पडे स्कूलों में छात्र एवं पालक आँनलाईन संपर्क का चुनौती पूर्ण कार्य करना पड रहा है। परिथितियां भी बदली हुई है प्राथमिक शाला स्तर की अध्यापन समस्याएं अलग है तो उच्चस्तर के कक्षाओं का आँनलाइन अध्यापन विद्यार्थी के लिए आधुनिक संसाधनों से ग्रामीण क्षेत्रों में परिचित होने का माध्यम बन रहा है।
विद्यार्थी अपनी दिनचर्या और कार्यावधि को कैसे मैंनेज करे यह संदेश देना हमारा उद्धेश्य है। उपर लिखी बातें वर्तमान परिथितियों में मानवजाति और प्रकृति संबंधों का पाठ भी हमें सिखा रहीं हैं

तो आखिर विद्यार्थी क्या करें?

1 दिनचर्या निर्धारण:- स्वाभाविक है कि लाँकडाउन से हमारे बच्चों की दिनचर्या आरामदायक हो गई है विद्यालय के दिनों की नियमित दिनचर्या को यथावत रखना संभव ना भी हो तो कम से कम हमें समय और अध्ययन वाले क्रियाकलाप में व्यस्त रहना होगा । इसके लिये बच्चों पर अभिभावक अगर जोर डालते है तो यह बच्चें के कमजोरी होगी क्योकि समय की उपयोगिता को सार्थक बनाना विद्यार्थी का काम है ना की पालकों का। अतः अपना दैनिक समय निधारण विद्यार्थी को स्वयं करना होगा ।
2 आँनलाईन अध्ययन से जुडें:- सच पूछा जाये तो शासकीय स्तर के आँनलाइन स्तर से शत् प्रतिशत विद्यार्थी नहीं जुड पाये है इसमें दोष शासन का नहीं है बल्कि संसाधनों का है । कहीं लोगों की गरीबी तो कहीं नेटवर्क की समस्या तो कहीं पारिवारिक कठिनाईयां अध्यापन में समस्या पैदा करती है परंतु शासन ने इसका समाधान भी ढूढ़ निकाला है ।
ऑंनलाइन अध्ययन सूविधा प्रदान करने के लिए दीक्षा एप] ई पाठशाला लोकल टीवी चैनल] सोशल मीडीया, टेब और मोबाईल की मदद से सुविधांए दी जा रही हैं। स्वयं के स्तर पर अध्ययन सामग्री तैयार कर शिक्षक विद्यार्थी को उपलब्ध करा रहें है। साथ ही डीजीलैप व्हाट़सप लिंक, लोकल केबल आपरेटर चैनल एवं दूरदर्शन पर कक्षाएं संचालित की जा रहीं है अतः विद्यार्थीयों की पढाई प्रभावित नहीं हो रहीं है हॉं यह जरुर है कि जिज्ञासाओं के समाधान में असुविधा अवश्य है।
3 शारीरिक व्यायाम:- विद्यार्थी कम से कम एक घंटे सुबह अथवा शाम से समय व्यायाम के लिए अवश्य देंवें इसके लिए उनहें हॉट स्पोट जोन में घर से बाहर जाने की अवश्यकता नहीं है । ग्रीन जोन में भी अकेले व्यायाम करें एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अवश्य करें ।
4 बाजार में उचित दूरी बानावें:- आप जानते है कि बच्चों और बुजुर्गों को कोरोना संक्रमण का खतरा 8 प्रतिशत अधिक रहता है । इसलिये बाजार में किशोर विद्यार्थी या युवा कतिपय करणो से बाजार जाये तो कृपया धैर्यता का परिचय दें] आवश्यक दूरी अवश्य रखें एंव एक छोटा सेनेटाईजर पास में अवश्य रखें। ध्यान रहें कि सेनेटाईजर बच्चें के आख एवं कान की पहूंच से दूर होना चाहिये । सब्जियॉं ज्यादा दिन के लिए ना खरीदे विटामिन सी युक्त नीबू संतरा का अधिक प्रयोग करें इससे शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता बढती है ।
5 पैकेट वाले समानों को पानी से धोंए:- सील बंद पैकिट वाले सामानों को घर लाकर सबसे पहले पानी से धोना चाहिये। सब्जी वा फलों को गर्म पानी से धोना चाहिये। इस काम के उपरांत स्वयं को भी सेनेटाईज होना आवश्यक है । घर में सामान बडें लोग लाये तो बच्चे कम से कम उन्हें इतनी समझाईस अवश्य दे कि वे सेनेटाईजिंग नियमों का पालन अवश्य करें। घर के बारह निकले तो मास्क अवश्क लगावें।
6 किसी बाहरी सामान या वस्तु को स्पर्श करने के बाद हाथ साबुन या सेनेटाइजर से अवश्य धोवें।
7 आपस में 1 मीटर की दूरी आवश्यक बनावें।
8 खाने में सादगी रखें व आपके परिवार में शुगर और ब्लडपेशर के मरीज हो उनका विशेष ध्यान रखें ।
9 प्रायः देखा जाता है कि बच्चे बडों की बात ना मान कर जिद में समूह में खेलने जाते है। प्रिय विद्यार्थीयों यह आपके साथ साथ परिवार एवं समाज के लिये घातक है ।
10 ऑनलाईन स्टडी के साथ साथ अगर आपके मित्र सोशल मीडिया में आपसे जुडे है तो उन्हें आप आवश्यक सावधानी बरतने के लिये अवश्य सालाह देवें।
11 अपने शिक्षकों से निरंतर संपर्क बनाये रखें उनसे फोन पर नियमित बात करते रहें व मार्गदर्शन प्राप्त करें क्योंकि पढाई का समय नष्ट होने पर विद्यार्थीयों का ही नुकसान है।
12 दिनभर आप घर पर रहते है अतः पढाई के साथ साथ अपने माता पिता की सेवा में व छोटे भाई बहनों के कामों में सहयोग देवे तथः आपके अंदर छिपी कला या शौक को भी समय देवें ।
13 कोरोना संक्रमण काल मे बच्चे देंखें की घर की सफाई में ब्लीच सोलयूशन] फिनाईल अदि से घर के फर्स एवं बार-बार स्पर्श की जाने वाली वस्तुओं की सफाई होंनी चाहिए।
14 70प्रतिशत से अधिक एलकोहल युक्त सेनेटाईजर का ही प्रयोंग करें अगर यह ना हो तो साबुन से कम से कम 20 सैकेन्ड हाथ अवश्य धोना चाहीयें ।

प्यारे बच्चों कोरोना माहामारी की भयावहता के विषयमें आप अच्छी तरह शायद ना
समझ पायें परंतु अपने शिक्षक के द्वारा एवं माता पिता द्वारा दी जा रही सलाह का अवश्य
पालन करें तभी कोरोना ज्लदी भागेगा और आपके स्कूल फिर यथावत संचालित होने लगेंगे ।

अखिलेश उपाध्याय

शिक्षक/कैरियर कांउसलर,
जैवविविधता पर्यटन एवं पर्यावारण मोंगली क्विज मास्टर/
जीवन कौशल कांउसलर
शास.उत्कृष्ट विद्यालय मण्डला

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