राष्ट्रीय पर्व, गणतन्त्र दिवस को प्रणाम – सुमन

राष्ट्रीय पर्व, गणतन्त्र दिवस को प्रणाम
संविधान ,शौर्य सम्मान दिवस को प्रणाम। चारों और,भीड़ लगा सब दे रहे सलाम
देशभक्त खड़े स्वागत को,करे सलाम।।

भारत माता मुक्त हुई थी दिन थे वो आज
सदा याद दिलाता वीरों की कुर्बानी आज।
नूतन विधान बना देखो दिन भी थे वो आज
भारतीयो के लिये संविधान बना दिन आज।।

देखो न यही एक सारा सच, गणतंत्र पर्व बना
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई,सब है भाई भाई ।
वीरों की शहादत, एक यादगार बनाई गई
एक राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान बनाई गई।।

गणतन्त्र दिवस है आज, फिर से आया
ढेरो खुशियों संग नूतन वर्ष को है लाया। याद करे सब संविधान के जन्मदाता को पुष्पगुच्छ अर्पित करे सब अंबेडकर को।।

देश विदेशों को दिखाऐ, शौर्य ये मतवाले
मातृ भूमि के यह , प्यारे वतन के रखवाले।
रखते है सदैव ,जी जान अपनी हथेली पर
हिंदुस्तानी फौजी भाई सदा रहते तत्तपर।।

देशभक्ति संस्कृति समारोह हमारा झंडावंदन
जयहिंद के नारों से थर्राता देश का दुश्मन
26 जनवरी राजपथ में होता भव्य समारोह।
सच है ,महापर्व है गणतन्त्र दिवस समारोह।।

एक बार जोड़ से लगाओ जयकारा सब मिल
प्रेम से बोलो वंदे मातरम वंदे मातरम।
जोड़ से बोलो भारत माता की जय
जब तक सूरज चाँद रहेगा भारत माता तेरा नाम रहेगा।।

रचनाकार – सुमन सोनी वाइस प्रिंसिपल (स्वरचित कविता)
भागलपुर बिहार भारत

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