व्यावसायिक योजना निर्माण पर सम्पन्न हुआ चार दिवसीय प्रशिक्षण – रंजीत कछवाहा

   विगत दिवस मंडला जिले की चयनित कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कम्पनी से जुडी उन २५ महिलाओं के कृषि,वनोपज, व्यवसायिक गतिविधियों को गति देने, उनके क्षमता वर्धन, कौशल विकास के उद्देश्य को लेकर समुन्नति एग्रो फायनेंस सोल्युसंस एवं कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कम्पनी के हुए अनुबंध के मुताबिक प्रति माह 3 से 4 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है पिछले माह से शुरू हुए एक वर्षीय प्रशिक्षण का द्वितीय सत्र का समापन विगत दिवस हुआ..

इन्सटीटयुट आफ लाइवलीहुड रिसर्च एंड ट्रेनिंग  से आये शशांक सिंह ने कम्पनी की संचालित  व्यावसायिक गतिविधियों के अनुरूप सुगन्धित चावल, गुड, कोदो-कुटकी, दाल के बिजनेस प्लान की तैयारी प्रोड्यूसर ग्रुप बनवाकर आनलाइन सोफ्टवेयर के अंतर्गत तैयारी करवाई जिसके अंतर्गत उत्पादन, उत्पाद, लागत, स्थिर लागत, परिवर्तनीय लागत के साथ-साथ व्यवसाय की बारीकियां और उनका व्यावसायिक प्लान में लेखा-जोखा किस तरह किया जाता है. ये अनुभव और सीख आदिवासी बाहुल्य जिले की महिला किसानों के लिए नया अनुभव था उनका कहना था ये सीख हमें अपने व्यापार करने में और मदद करेगी.

ग्राम-मांद  से आयी यशोदा नायडू का कहना है- पिछले कई वर्षो से मैं अचार और पापड़ का निर्माण अपने समूह की दीदियों की सहभागिता में कर रही हूँ किन्तु, इतनी बारीकियां आज पहली बार सीखने को मिली और अपने व्यवसाय का दस्तावेजीकरण के महत्त्व को जाना.

ग्राम-लफरा एवं ग्राम झिगराघाट से इस प्रशिक्षण में सहभागिता दे रही गन्ना किसान मिथला केवट एवं कंचन पटेल ने अपने गुड निर्माण व्यवसाय पर विस्त्रत चर्चा, अपनी दैनिक मेहनत की कीमत और वेस्ट मटेरियल की कीमत का व्यवसाय में महत्त्व को समझ में आने की बात कही.

इस पूरे प्रशिक्षण में समुन्नति एग्रो फायनेंस सोल्युसंस भोपाल से आयी कार्यक्रम निर्देशिका गायत्री देवी एवं निलेश कन्हेरकर , कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर के सी.ई.ओ. रंजीत कछवाहा , इन्सटीटयुट आफ लाइवलीहुड रिसर्च एंड ट्रेनिंग  से राजकुमार जी और राजस्थान जयपुर से पूरे समय ऑनलाइन स्क्रीन पर उपलब्ध रहे और हमें मार्गदर्शन दे रहे संजीव कुमार जी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान व मार्गदर्शन मिला. आगामी माह फरवरी के संभावित द्वितीय सप्ताह में इसका अगला चरण का प्रशिक्षण आयोजित किये जाने की जानकारी सभी से साझा की गई.जिससे व्यावसायिक योजना प्रशिक्षण में दिए गए टास्क को तैयारी कर अपने व्यावसाय में इसको समाहित किये जाने की बात की गयी.

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