मीडिया टुडे समाचार : मंडला

कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों की हुई समीक्षा

कलेक्टर ने ली बैठक

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ईईपीआईयू जीपी पटले को निर्देशित किया कि संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर की जा रही चिकित्सकीय निर्माण कार्यों की तैयारियों को जल्द पूरा करें। उन्होंने श्री पटले को निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय में निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट के कार्य को इस माह के अंत तक पूरा करें। इसी प्रकार बच्चों के लिए 10 आईसीयू बेड जल्द तैयार करें। श्रीमती सिंह ने सभी बीएमओ को निर्देशित किया कि आगामी बारिश के मद्देनजर सभी पीएचसी एवं सीएचसी में जरूरी दवाईयाँ एवं सर्पदंशरोधी दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें।

कलेक्टर ने सभी बीएमओ से उनके चिकित्सालय एवं क्षेत्र में प्रगतिरत् कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्य को ईईपीआईयू के साथ समन्वय कर पूरा करें। श्रीमती सिंह ने विधायक निधि से विभिन्न ब्लॉकों में हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने सभी बीएमओ को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्रों में कोरोना सेम्पलिंग लगातार जारी रखें। वनग्राम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी कोरोना सेम्पलिंग करें। इसी प्रकार मार्केट एरिया, बस स्टेण्ड, पीडीएस दुकानें, सोसायटी, डाकघर तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों में सेम्पलिंग जरूर कराएं। कलेक्टर ने कहा कि बीएमओ अपने क्षेत्र में कोविड टीकाकरण के लिए जन जागरूकता अभियान संचालित करें। लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। इसी प्रकार भ्रांतियों को दूर करते हुए टीकाकरण सत्र आयोजित करें।

श्रीमती सिंह ने टीकाकरण के लिए माईक्रोप्लानिंग के संबंध में जरूरी चर्चा की। उन्होंने सभी बीएमओ को सीईओ जनपद के साथ समन्वय स्थापित कर टीकाकरण के लिए सकारात्मक माहौल बनाकर टीकाकरण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित टीकाकरण के साथ-साथ कोविड टीकाकरण भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत संचालित कार्यस्थलों पर भी टीकाकरण के लिए जागरूकता प्रसारित करें तथा टीकाकरण कराएं। बैठक में एडीएम मीना मसराम, सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह एवं संबंधित उपस्थित थे।

कलेक्टर ने की आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने बारिश के मद्देनजर आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मई माह में आपदा प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई विस्तृत बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने होमगार्ड्स से बारिश के पूर्व की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी जरूरी वस्तुओं की जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करें। श्रीमती सिंह ने ईईपीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान प्रभावित होने वाले पुल-पुलियों की जानकारी तैयार रखें। इसी प्रकार बारिश के दौरान संवेदनशील स्थानों पर संकेतक एवं साईनबोर्ड लगाएं। बैठक में एडीएम मीना मसराम, सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह, होमगार्ड प्लाटून कमांडर परस्ते एवं संबंधित उपस्थित थे।

कलेक्टर ने कहा कि जिला स्तर पर कम्यूनिकेशन प्लान तैयार रखें। कम्यूनिकेशन प्लान में सभी जरूरी संपर्क नंबर संधारित करें। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह को निर्देशित किया कि बारिश के मौसम के दौरान होने वाली बीमारियों के लिए जरूरी दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित रखें। इसी प्रकार सर्पदंशरोधी दवाईयां एवं इंजेक्शन सभी पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर भी पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि जल जनित बीमारियां एवं सर्पदंश आदि से बचाव के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य एडवाईजरी जारी करें। उन्होंने जल संसाधन विभाग से जिले के बांधों के जल स्तर की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूआरडी बांधों के गेट की तैयारी एवं अन्य जरूरी कार्य पूर्ण रखें।

जिला आपदा कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित करने समिति गठित

प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन लोक सेवा प्रबंधन विभाग एवं महानिदेशक, राज्य लोक सेवा अभिकरण म0प्र0 भोपाल द्वारा आपदा प्रबंधन के सुचारू समन्वय एवं प्रबंधन के लिए स्टेट डिजास्टर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (कॉल सेंटर) स्थापित किये जाने का निर्णय लिया गया है। राज्य लोक सेवा अभिकरण भोपाल द्वारा जिला स्तर पर निविदा कार्यवाही प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (कॉल सेंटर) स्थापित करने के लिए जिला स्तर पर ऑनलाईन निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने समिति गठित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के तहत् समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। अपर कलेक्टर मीना मसराम, जिला कोषालय अधिकारी जितेन्द्र मंडलोई एवं लेखाधिकारी जिला पंचायत प्रवीण श्रीवास, ई-गवर्नेंस प्रबंधक विपिन पांडेय सदस्य बनाए गए हैं। समिति में जिला प्रबंधक लोक सेवा प्रबंधन कविता गुप्ता को सदस्य सह सचिव बनाया गया है।

जिले में आज 5 कोरोना मरीज स्वस्थ हुए

               मरीजों के द्वारा कोरोना को हराकर स्वस्थ होने एवं घर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में 7 जून की शाम 4 बजे से 8 जून की शाम 4 बजे तक जिले में 5 कोरोना मरीजों ने कोरोना को हराकर अपने घर लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ हुए मरीजों को कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की समझाईश दी गई।

8 जून को लगाए गए 268 कोविड टीके

सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आम जनता को एक मार्च 2021 से कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए जिले में 8 जून को 8 केन्द्र बनाए गए। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पात्र हितग्राहियों को 8 जून को शाम 4 बजे तक कुल 268 टीके लगाए गए।

खाद्य विभाग द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित

जिला आपूर्ति अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार शासन द्वारा माह अप्रैल, मई एवं जून 2021 का राशन पात्रता पर्चीधारियों को निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा माह अप्रैल एवं मई 2021 का राशन राशि देकर प्राप्त किया गया है, उन्हें माह जून, जुलाई एवं अगस्त 2021 का राशन निःशुल्क प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही पीएमजीकेएवाई योजनान्तर्गत प्रति व्यक्ति 10 किग्रा. गेहूं माह जून 2021 में निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। इस संबंध में कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशानुसार उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण के लिए जिला स्तर पर कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जिसका दूरभाष क्रमांक 9755952475 है। जिन उपभोक्ताओं को उक्तानुसार राशन प्राप्त करने में असुविधा हो रही हो। वे अपना नाम, अपनी समग्र परिवार आई.डी., दुकान का नाम एवं समस्या के विवरण से कन्ट्रोल रूम को अवगत कराकर शिकायत का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

धान बोनी के संबंध में एडवाईजरी

उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार धान की सीधी बोवनी जून के दूसरे सप्ताह तक करें। बीज की मात्रा 10-12 किलो बीज उपचारित बीज प्रति एकड़ रखें। बिजाई बरार वाले खेतों में गेहूँ की तरह मशीन प्रणाली से करें बिजाई के तुरंत बाद एक लीटर पेडांमेथलीन स्टाम्प 200 लीटर पानी में प्रति एकड़ की दर से स्प्रे भी जरूरी है। पहली सिंचाई देर से बीजाई के लगभग 15 से 20 दिनों के बाद करें। उसके बाद सीमित सिंचाई गीली सूखी प्रणाली से 15 दिनों के अंतराल पर कितनी बारिश हुई उसके आधार पर करें।

सूखे खेत में सीडड्रिल से बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें खेत को 2 से 3 जुताई कर तैयार करें। ड्रिल से 3-5 से.मी. गहराई पर बिजाई करें। खेत की तैयारी व बिजाई शाम को करें ड्रिल से 2 से 5 से.मी. गहराई पर बिजाई करें। बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें। बिजाई के तुरंत बाद व सूखी बिजाई में 3 दिन बाद पेडांमेथलीन 1.3 लीटर प्रति एकड़ स्प्रे करें। खतपरवार आने पर 15 से 25 दिन बाद विस्पायरी बैग 100 एम.एल. प्रति एकड़ स्प्रे करें और खतपरवार नियंत्रण करें। इस प्रकार से बिजाई कर किसान धान की खेती से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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