ट्राइबल के शिक्षकों ने सातवें वेतनमान के एरियर और अनुकंपा नियुक्ति के लिए चलाया : डिजिटल आंदोलन : डी के सिंगोर

एरियर और अनुकंपा नियमों में शिथिलीकरण के आदेश के लिए एसोसिएशन का ट्विटर आन्दोलन
शिक्षा विभाग में 8 माह पहले हो चुके हैं आदेश और एरियर भुगतान

म.प्र.के स्कूल शिक्षा विभाग के 224 विकासखण्डों में शिक्षक संवर्ग को मिला 7वें वेतनमान का एरियर व अनुकंपा नियमों में शिथिलीकरण करते हुए प्रयोगशाला सहायक के पद पर नियुक्ति का आदेश लगभग 8 महीने पहले जारी हो चुके हैं और इसका  लाभ स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों को मिलने लगा है, लेकिन ट्राईबल विभाग के 89 विकासखण्डों के शिक्षकों के लिए अब तक उक्त आदेश जारी ना करते हुए ट्रायबल के शिक्षकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसके लिए ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने सतपुड़ा भवन के अधिकारियों से लेकर ट्रायबल मिनिस्टर तक ज्ञापन और पत्राचार किया जा चुका है। फोन पर संपर्क करने पर ट्रायबल विभाग के अधिकारी महीनों से “फाइल चल रही है” का रटा रटाया जबाव दे रहे हैं। जिसके बाद ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष डीके सिंगौर के आह्वान पर प्रदेश के सभी 89 विकासखंड में 09/06/2021  को ट्विटर पर हेज टेग #ट्राइबल_7वें_वेतनमान_एरियर_दो का ट्वीट अभियान चलाया गया, जिसमें  ट्रायबल विभाग के सभी शिक्षकों द्वारा भारी संख्या में ट्वीट, री-ट्वीट कर सातवें वेतनमान और अनुकंपा नियुक्ति नियमों में शिथिलीकरण की मांग की। ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजीव सोनी ने बताया कि ट्रायबल विभाग के शिक्षकों ने ट्विटर पर माननीय मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, ट्रायबल मिनिस्टर, ट्रायबल विभाग के अधिकारियों को ट्वीट किया। कुछ शिक्षकों ने अपने ट्वीट में सरकार को याद दिलाया कि कोरोना काल के समय कर्मचारी संगठनों में ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के शिक्षकों ने अपने शैक्षणिक दायित्वों के साथ साथ  जिला प्रशासन को सहयोग करते हुए अपने खर्चे पर कोरोना से बचाव एवं वैक्सीन लगवाने हेतु जागरूकता अभियान, आक्सीजन मशीन, आक्सीजन सिलेंडर और अन्य सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से किया है। जो समाचार पत्रों के साथ सोशल मीडिया में भी देखने को मिल रहा है। इसके बाद भी ट्रायबल विभाग के शिक्षकों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करना समझ से परे है। इसी तरह बार बार निवेदन करने के बाद भी विभाग द्वारा शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं किए जा रहे, जिसके कारण विभाग के काफी शिक्षकों का विभाग में नियुक्ति (संविलियन) नहीं हो पा रही है। विभाग में नियुक्ति नहीं होने से शिक्षकों को हर महीने समय पर वेतन नहीं मिलता तथा कोरोना काल में दिवंगत शिक्षकों को विभाग की  योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। सातवें वेतनमान के एरियर और अनुकंपा नियुक्ति नियमों में शिथिलीकरण की मांग के लिए ट्विटर पर अभियान चलाकर ट्रायबल विभाग के शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही ट्राइबल विभाग के अधिकारी एवं मंत्री महोदया अपने विभाग के शिक्षकों की जायज मांगों पर सहमत होते हुए शीघ्र आदेश जारी करेंगे।
  *शिक्षकों ने हेज टेग के साथ अपने ट्वीट में लिखा*  #ट्राइबल_7वें_वेतनमान_एरियर_दो   *नियम की देते है जो दुहाई , अनुकंपा आश्रितों की पीड़ा क्यों नही देती उन्हें सुनाई?* *बिना रोजगार, कैसे चले घरबार? अनुकंपा की हो व्यवस्था, समाप्त करे यह दुर्व्यवस्था* *कोरोना काल में ट्राइबल के शिक्षकों ने तन, मन और धन से सेवा की, लेकिन उनका 7वें वेतनमान का एरियर जनवरी 2018 से लंबित हैं | दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित अनुकंपा के लाभ से वंचित हैं।* *शिक्षा विभाग में समय पर मिला 7वें वेतनमान का एरियर व अनुकंपा का लाभ, ट्राइबल में कोई अता पता नहीं, ऐसा क्यूं?? दिवंगतों के आश्रित परेशान हैं | यह भेदभाव कब दूर होगा?*  *प्रदेश को गंभीर से गंभीर संकट की परिस्थितियों से बचाने के लिए ट्राइबल का शिक्षक अपनी जान जोखिम मे डालने से कभी पीछे नहीं हटता है। फिर भी सरकार इन शिक्षकों को 7वें वेतनमान के एरियर व अनुकंपा से क्यों वंचित रख रही है ?*

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