अब गांव की महिलाएं एवं किसान बनेंगे आत्मनिर्भर

विगत दिवस मंडला जिले के ग्रामीणांचल से आये किसान बंधुओं की उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता में अपने घर पर वर्मीकम्पोस्ट अर्थात केंचुआ खाद निर्माण इकाई लगाकर स्वयम का रोजगार का साधन स्थापित किया जा सकता है । विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । प्रशिक्षण का उद्देश्य मुख्य रूप से खेती को रसायन मुक्त करना अर्थात जैविक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को खेती की लागत अर्थात खर्चे को कम करते हुए नियमित आय अर्जित करने की सोच और आगामी योजना पर विस्तृत चर्चा करना था ।
विविध शिक्षा प्रशिक्षण केंद्र अनूपपुर के डायरेक्टर डॉ.आर.के. लाल के दिशा निर्देशन में प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री डी. डी. बैरागी जी ने कहा – हम पूरे मध्यप्रदेश में खेती को जहर मुक्त करने हेतु केंचुआ खाद निर्माण के माध्यम से किसानों को नियमित आय का जरिया तैयार करने में सहयोग कर रहे हैं । इस हेतु मंडला जिले में कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी से हुए अनुबंध के अनुसार किसानों से केंचुआ खाद निर्माण इकाई का लागत मूल्य लेकर उन्हें नियमित आय की सुनिश्चितता किए जाने हेतु प्रयासरत हैं । हमारी संस्था अभी कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से और भी कई परियोजनाओं को इस जिले में क्रियान्वयन किए जाने के लिए प्रयासरत है ।

कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के सी.ई.ओ. रंजीत कछवाहा ने कहा- हम नियमित रूप से अपने जिले में गौ वंश आधारित खाद, जैविक खाद के उपयोग को खेती में बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं । इस हेतु विविध शिक्षा प्रशिक्षण केंद्र के साथ हुए अनुबंध के अनुसार किसानों को प्रशिक्षण देकर केंचुआ खाद एवं वर्मीवाश की किसानों से खरीदी के लिए भी प्रयासरत हैं । इससे किसानों को रोजगार भी मिलेगा और जिन किसानों के यहाँ पशुधन है उनके यहां गोबर एवं गोमूत्र का जैविक खेती करने हेतु बढ़ावा भी मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत मिशन की सोच के अंतर्गत नियमित आय का जरिया भी बनेगा । किसानों को पलायन नहीं करना पड़ेगा । हमारा प्रयास है ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन आगे भी नियमित करते रहेंगे ।
कार्यक्रम में महेश लहरे, रंजीत सिंगौर, आरती पटैल, संजीत सिंगौर, धनीराम रघुवंशी, लक्ष्मी भाँवरे, डॉ.विशाल मेश्राम, जमना प्रसाद नंदा की सक्रिय सहभागिता रही।

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