हिंदी सिर्फ भाषा नहीं विचार, संस्कार, जीवन आधार : अर्चना जैन

हिंदी लेखिका संघ इकाई मंडला की सितंबर माह की मासिक गोष्ठी आदरणीय श्रीमती मनोरमा दीक्षित जी के मुख्य आतिथ्य, आदरणीय श्रीमती मालती लखेराजी की अध्यक्षता आदरणीया अर्चना जैन जी के समीक्षा एवं आदरणीय रश्मि मिश्रा जी के विशिष्ट आतिथ्य में 14 सितंबर 2021- हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर सायं 6 बजे से 8 बजे तक आयोजित की गई,जिसमें सभी साहित्यकार बहनों ने सहभागिता की ।

वीणावादिनी के चित्र पर माल्यार्पण वदीप प्रज्वलन कर गोष्ठी का शुभारंभ श्रीमती मनोरमा दीक्षित, श्रीमती मालती लखेरा जी व श्रीमती रश्मि मिश्रा , श्रीमती अर्चना जैन द्वारा किया गया । श्रीमती नीलू मुस्ताजर द्वारा” मां सरस्वती शारदे ” वंदना का सुमधुर गायन किया गया तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों का स्वागत पुष्पमालाओं एवं पुष्पगुच्छ से किया गया, श्रीमती नवीनता दुबे द्वारा सरस्वती पूजन व अतिथि स्वागत अवसर पर सहयोग प्रदान किया गया स्वागत गीत” नमन नमन हे पूज्य नमन” गीत द्वारा श्रीमती नीलू मुस्ताजर ने अतिथियों का स्वागत किया ।
हिंदी दिवस की शुभकामनाओं के आदान प्रदान के साथ सभी रचनाकार बहनों ने हिन्दी के महत्व, हिन्दी की उपयोगिता, हिन्दी भाषा के सौंन्दर्य, हिन्दी राजभाषा और विश्वभाषा बने इसकी कामना व प्रयास, बिंदुओं पर मार्मिक भावाभिव्यक्ति विविध विधाओं में की प्रस्तुति मनमोहक रही।
.श्रीमती नवीनता दुबे नूपुर द्वारा “हिन्दी हमारा गौरव” लघुकथा
.श्रीमती प्रीति मनीष दुबे द्वारा “मेरे देश की शान है हिन्दी”
श्रीमती रश्मि मिश्रा द्वारा” मैं हिन्दी मेरी व्यथा बड़ी” एवं “मै बन जाऊं एक कविता”,
श्रीमती मालती लखेरा द्वारा”हिन्द के निवासी, हिन्दी मातृभाषी”,
श्रीमती अर्चना जैन द्वारा ” हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं, संस्कार ,एक विचार, जीवन आधार” कविता
श्रीमती योगिता चौरसिया द्वारा मनहरण घनाक्षरी ” हिंदी है हमारी भारतमाता की बिंदी” कविता,
श्रीमती प्रतिमा संत बाजपेयी द्वारा भारत माता के बेटे हम, मुख्य
बोली हिंदी “,कविता श्रीमती नीलू मुस्ताज़र द्वारा” हिंदी है हिन्द का गौरव, हिंद की संस्कृति का कलरव” गीत, श्रीमती मनोरमा दीक्षित ने अपने आलेख द्वारा एकता, समानता, हिन्दी राजभाषा और विश्वभाषा का दर्जा कैसे प्राप्त करे, आरक्षण, नेताओं के कथनी और करनी में भिन्नता पर सवाल खड़े कर चिंतन करने व प्रयोग करने पर बल दिया।श्रीमती साधना दुबे द्वारा “करना है करले भारत मां की आरती” गीत गाया।डाॅ.रश्मि बाजपेई द्वारा “साथी संग गीतों को गाती हूं” मुक्तक कर सबका मन मोह लिया। रचनाकारों की रचनाओं की त्वरित कुशल समीक्षा व आभार प्रदर्शन हिंदी लेखिका संघ की सचिव श्रीमती अर्चना जैन द्वारा किया गया, आनलाइन कार्यक्रम का सफल संचालन नीलू मुस्ताजर ने किया ।

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