भूमिजा इस्पात कम्पनी में 7 महिने में दूसरा धमाका

पहले धमाके में 7 घायल 4 की मौत, दूसरे धमाके में 4 घायल

मजदूरों की जान इतनी सस्ती हो गई है कि आये दिन बड़ी-बड़ी फेक्ट्रीयों में हो रहे हादसे में असमय काल के गाल में समा रहे हैं। जबकि केंद्र और राज्य सरकार की बनाई नितियों में मजदूरों को देने वाली सुविधा एवं उनकी सुरक्षा के लिए बड़े नियम बनाये गये हैं। यहां तक की समय-समय पर मजदूरों को मिलने वाली सुविधा में कोई कमी आ रही है तो इसके लिए उन्होंने विभाग बना रखा है जहां लेवर डिपार्टमेंट के अधिकारी समय-समय पर उनसे मिलकर उनकी समस्याओं का निराकरण कर सकें, लेकिन मजदूरों के लिए सरकार द्वारा बनाई नीतियां कागजों में ही सिमट कर रह गई हैं। उद्योगिक क्षेत्र मनेरी में स्थित भूमिजा इस्पात कम्पनी में लगातार हो रहे विस्फोट पर प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। जिसके कारण फेक्ट्री मालिक मनमाने तौर पर मजदूरों से ऐसे काम कराये जा रहे हैं जहां उनकी जान जा रही है। इसके पहले जब इसी कम्पनी में विस्फोट हुआ तब 7 लोग घायल हो गये थे और 4 की मौत हुई थी, वहीं 7 महिने के बाद उसी कम्पनी में दूसरा बड़ा विस्फोट मंगलवार को शाम 6 बजे हुआ जहंा ं4 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गये।  

मण्डला। उद्योगिक इकाई मनेरी में स्थित भूमिजा इस्पात कम्पनी में फिर से दोबारा विस्फोट हुआ ओर 4 मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में स्थानीय विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने बताया कि इसके पहले फरवरी माह में रात ढ़ेड़ बजे विस्फोट हुआ था जिसमें 7 मजदूर घायल और 4 मजदूरों की मौत हो गई थी।   7 महिने बाद उसी फैक्ट्री में फिर से विस्फोट हुआ जिसमें 4 मजदूरों के घायल होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसके पहले जब भूमिजा इस्पात कम्पनी में विस्फोट हुआ था तब मण्डला कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अमला उक्त फैक्ट्री का निरीक्षण किया था और कमिश्रर लेवल पर जॉच करने की बात की गई थी। उसी फैक्ट्री में दोबारा विस्फोट होना कहीं न कहीं प्रशासन की कार्यवाही न होने का परिणाम है। क्योंकि पहले ही कार्यवाही बेहतर ढंग से होती तो शायद दोबारा उसी फैक्ट्री में 7 महिने बाद विस्फोट नहीं होता।

पहले विस्फोट में ये दो मजदूर की हुई थी मौत 5 घायल
फरवरी माह में देर रात औद्योगिक क्षेत्र मनेरी स्थित भूमिजा इस्पात कम्पनी में जब विस्फोट हुआ था उस समय क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। यह विस्फोट लगभग 1:30 बजे रात को हुआ था। घटना के संबंध में जब स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई तो उन्होंने बताया कि कारखाने में लोहा गलाकर सरिया बनाई जाती है। लोहा गलाने वाली भट्टी जिसमें टनों से पानी जैसे गर्म लोहा भरा रहता है। अचानक भट्टी से गर्म लोहा विस्फोट के साथ बाहर निकला और भट्टी में कार्यरत मजदूर अवधेश पिता किशनलाल पटैल निवासी ग्राम डूंडी जबलपुर की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं गंभीर रूप से घायल हुये शिवकुमार ग्राम झुरकी प्रमोद पटेल ग्राम बम्हनी, रमेश प्रजाति, आकाश कुमार, ब्रजेश लाल प्रजापति सभी सीधी जिले के हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। बताते हैं कि उस दौरान हुये विस्फोट में मौके पर दो लोगों की मौत हो गई थी, वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार कराया जा रहा था, लेकिन उनमें से भी दो लोगों की मौत हो गई थी।

पहले की जॉच समाप्त नहीं हुई, हो गया दूसरा विस्फोट
फरवरी माह में भूमिजा इस्पात कम्पनी में हुए विस्फोट की जानकारी कलेक्टर हर्षिका सिंह को जैसे ही मिली थी वह दूसरे दिन मनेरी औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत संचालित लोहा प्लांट में हुई दुर्घटना की स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने घटना स्थल का दौरा करते हुए दुर्घटना के कारणों की विस्तार से जानकारी ली थी, वहीं श्रीमती सिंह ने दुर्घटना के पीडि़तों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल होने वाले 6 व्यक्तियों तथा एक मृतक के परिजनों को श्रम कानून एवं अन्य नियमों के तहत् मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने प्लांट में बायलर के फटने की घटना के कारणों की जानकारी लेते हुए प्लांट के अधिकारियों से सुरक्षा मानकों के संबंध में विस्तार से पूछताछ की साथ ही उन्होंने प्लांट के सुरक्षा मानकों एवं नियमित रूप से किए जाने वाले सुरक्षा इंस्पेक्शन रिपोर्ट मांगी थी। पहले विस्फोट की जॉच  अभी समाप्त नहीं हुई और दूसरा विस्फोट उसी फैक्ट्री में होना बड़ा दुर्भाग्य है।
पूर्व जांच में कोटवार की सेवा समाप्ति के दिये थे निर्देश
भूमिजा इस्पात कम्पनी में जब पहली बार विस्फोट हुआ था तो उस दौरान कलेक्टर श्रीमती हर्षिका सिंह ने दुर्घटना के कारणों का वास्तविक पता लगाने के लिए अनेक कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की थी। जिन्हें जॉच की जिम्मेदारी सौंपी शायद वहीं लापरवाह बन गये इसलिए भूमिजा इस्पात कम्पनी में 7 महिने बाद फिर से दोबारा विस्फोट हो गया और 4 मजदूर घायल हो गये। जबकि कलेक्टर ने 11 फरवरी को हुई इस औद्योगिक दुर्घटना के कारणों का वास्तविक पता करने के लिए जांच के आदेश जारी कर दिए थे। उन्होंने कहा कि उद्योग, श्रम, पुलिस तथा राजस्व विभाग मिलकर दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि घटना की संपूर्ण जांच गंभीरता से सुनिश्चित करें। उन्होंने दुर्घटना के संबंध में तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले कोटवार की सेवा समाप्ति के निर्देश दिए थे।

श्रम अधिकारी की कार्यप्रणाली है संदिग्ध
मनेरी क्षेत्र में स्थित ओद्योगिक इकाईयों में काम करने वाले मजदूरों की जान-माल का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं में मजदूर असमय काल के गाल में समा रहे हैं फिर भी जिले में पदस्थ श्रम अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन पूर्ण ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं। श्रम अधिकारी की कार्यप्रणाली संदिग्ध लग रही है। मजदूरों की सुरक्षा का औद्योगिक इकाई कितना ध्यान रख रही है ये हो रही लगातार दुर्घटनाओं से पता चल रहा है। जबकि पहली घटना जब हुई थी तब कलेक्टर हर्षिका सिंह ने श्रम अधिकारी जितेन्द्र मेश्राम को निर्देश दिए कि मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित अन्य इकाईयों में सुरक्षा मानकों की विस्तार से जांच करें। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र के समस्त इकाईयों में किए जाने वाले नियमित इंस्पेक्शन के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि आगामी 10 दिनों में औद्योगिक क्षेत्र में संचालित अन्य इकाईयों में सुरक्षा के उपलब्ध इंतजाम तथा नियमानुसार आवश्यक व्यवस्थाओं संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिये थे। श्रीमती सिंह ने उद्योग, श्रम एवं राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट के सुरक्षा मानकों की नियमानुसार पड़ताल करें तथा घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपे जाने के निर्देश दिये थे। उसी फैक्ट्री में दोबारा विस्फोट होने से सभी के द्वारा की जा रही जॉच एवं कार्यवाही का स्तर सामने आ गया। किस तरह उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर निचले स्तर का अमला काम  कर रहा है।

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