भूल गए मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंस भी गायब

अज़ब तेरी कुदरत-गज़ब तेरा खेल

यह दृश्य है,मण्डला जिला मुख्यालय के योजना भवन के सामने का।एक ओर कोरोना की तीसरी लहर ‘ओमिक्रोन’ को लेकर आम नागरिकों को कोरोना गाइडलाइंस का पालन करने की लगातार हिदायत जिला प्रशासन द्वारा दी जा रही है,वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन की ठीक नाक के नीचे गाइडलाइन की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है।
ऐसा लगता है,जैसे सारी की सारी गाइडलाइन केवल उस आम नागरिक के लिए है,जो नियमों का पालन करना अपना धर्म समझता है।

अभी तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ में एक,दिल्ली में 22,गुजरात में 5,महाराष्ट्र में 32,कर्नाटक में 8,केरल में 5,बंगाल में 1,तेलंगाना में 8,आंध्रप्रदेश में 1 और तमिलनाडु में 1’ओमिक्रोन’ के पॉजेटिव मरीज मिले हैं।इस सूचि में मध्यप्रदेश का नाम अभी तक नहीं है।किंतु इस तरह की लापरवाही को देखते हुए,यह कह पाना मुश्किल है,कि कितने दिन मध्यप्रदेश/मण्डला कोरोना की तीसरी लहर के प्रकोप से बचा रह पाएगा ?

कोरोना गाइड लाईन की उड़ रही धज्जियां

नामांकन पत्र भरने व शपथ पत्र बनवाने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय व कोर्ट परिसर के आसपास काफी भीड़ नजर आ रही है। जिला योजना भवन के सामने पूरी लाईन से टाइपिंग करने व नोटरी करवाने वालों ने अपनी दुकान सजा ली है। लेकिन यहां कोरोना गाइड लाईन का पालन नहीं किया जा रहा। दुकानो सैनिटाइजर रखना तो दूर शोसल डिस्टेसिंग व मास्क के उपयोग का पालन भी नहीं कराया हा रहा है। वहीं अव्यस्थित वाहन पार्किंग से रोड में जाम की स्थिति भी निर्मित हो रही है।

भूल गए मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंस भी गायब

कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर का विकराल रूप देख चुके लोगों में खौफ का माहौल था। लोग न सिर्फ मास्क लगाते हुए नजर आए बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी गंभीर दिखे। जिले में अब धीरे-धीरे कोरोना का कहर खत्म होने लगा तो लोग संक्रमण का डर फिर से भूल गए। अब नए वैरियेंट ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ पुराने वैरियेंट के भी केस मिल रहे है। लेकिन कोविड से निपटने के लिए जिले में सख्ती नहीं बरती जा रही है। यहां बाजार, बैंक, यात्री वाहनों में संक्रमण के प्रति बेपरवाह दिख रहे है। कलेक्टर के निर्देशों का कहीं भी सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है। जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। जनवरी माह में तीसरी लहरी की आशंका जताई जा रही है। जिसे देखते हुए प्रशासन सख्ती बरतने के निर्देश दिए है, लेकिन कोविड प्रोटोकाल का पालन कहीं नजर नहीं आ रहा है।
जानकारी अनुसार संक्रमण के प्रति आमजनों के नजर अंदाज का नाराजा हम बाजार, यात्री वाहनों में बखूबी देख सकते है, जो संक्रमण के प्रति लोगों की लापरवाही की सच्चाई खुद बयां कर रही है। भले ही कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की संभावना व्यक्त की जा रही है लेकिन जिले में लोग मास्क के नियम का कतई पालन नहीं कर रहे हैं। अधिकत्तर लोग बिना मास्क के ही शहर, गांव में घूमते नजर आ रहे हैं। यात्री वाहनों से लेकर बाजारों और प्रमुख चौराहों पर मास्क की अनदेखी हो रही है। शासन की गाईड लाईन के प्रति लोगों में लापरवाही साफ नजर आ रही है।
जानकारी अनुसार वैश्विक महामारी कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सरकार तत्पर दिख रही है लेकिन आमजन लापरवाह हो गए हैं। यात्री वाहनों, बैंकों समेत अन्य संस्थानों व सार्वजनिक स्थलों पर बगैर मास्क लगाए शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक के ऊपर एक लदे लोग बसों में देखे जा रहे हैं। सैनिटाइजर का उपयोग तो जैसे लोग अब फिर से भूल ही गए हैं। ऐसे में तीसरी लहर आने पर परिणाम भयावह होने की संभावना दिख रही है।

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