नेशनल लोक अदालत सम्पन्न

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन सम्पूर्ण देश में किया गया। इसी तारतम्य में जिला न्यायालय मंडला में भी नेशनल लोक अदालत का अयोजन किया गया जिसका शुभारंभ माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती अंजुली पालो, म0प्र0 उच्च न्यायालय जबलपुर एवं पोर्टपोलियो न्यायाधीश द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया है।

माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती अंजुली पालो ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत में दोनो ही पक्षों की जीत होती है। इसलिए लोक अदालत के द्वारा प्रकरणों के निराकरण होने पर दोनों ही पक्षों को खुशी मिलती है। उनके समय व धन की बचत होती है तथा मामले का पूर्ण रूप से निपटारा हो जाता है। इसलिए लोक अदालत का अधिक से अधिक प्रचलन होना चाहिए। जिला मण्डला में जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आर0एस0 शर्मा के निर्देशन में एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री डी0आर0 कुमरे के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी प्रकार के राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल प्रकरण विद्युत प्रकरण, मोटर दुर्घटना, भरण-पोषण, चैक बाउन्स, श्रम, राजस्व, पारिवारिक वैवाहिक मामले न्यायालय के प्रकरणों के साथ-साथ, बैंक, नगरपालिका, विद्युत एवं बी0एस0एन0एल0 के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।

जिला न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डी0आर0 कुमरे ने बताया कि नेशनल लोक अदालत जिला न्यायालय मण्डला एवं तहसील न्यायालय नैनपुर, निवास, बिछिया में भी उक्त नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई है जिसमें सभी समझौते योग्य प्रकरणों के निराकरण हेतु 17 खंडपीठों का गठन किया गया है। आपसी सुलह के आधार पर राजीनामा किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार की नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 2064 प्रकरणों में से 90 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 1464121 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई। बी0एस0एन0एल0 विभाग के 462 प्रकरणों में से 26 प्रकरण निराकृत हुये। विद्युत विभाग के397 प्रकरणों में से 72 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 368000 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई। नगरपालिका के 404 प्रकरणों में से 22 प्रकरण निराकृत हुये, जिसमें 77940 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई।

न्यायालय के लंबित केसेस में समझौता योग्य आपराधिक प्रकरणों केे 84 प्रकरणों में से 24 निराकृत। धारा 138 एन0आई0एक्ट के 210 प्रकरणों में से 21 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 3940935 राशि का अवार्ड पारित किया गया, एम0ए0सी0टी0 के 272 प्रकरणों में से 70 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 15010000 राशि का अवार्ड पारित किया गया, एवं पारिवारिक विवाद के 82 प्रकरणों में से 34 प्रकरणों को निराकृत किया गया। अन्य सिविल प्रकृति के 110 प्रकरणों में से 20 प्रकरण निराकृत हुये। सभी समझौता योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह के आधार पर किया गया। इस प्रकार न्यायालय के पेंडिंग केसेस कुल 859 प्रकरणों में से 189 प्रकरण निराकृत किये गये तथा 19194734 रूपये राशि का धनादेश पारित किया गया। इस लोक अदालत से कुल 442 लोग लाभांवित हुये। इस नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला न्यायाधीश व सचिव श्री डी0आर0 कुमरे द्वारा सभी न्यायाधीशगणों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों के प्रति आभार प्रकट किया गया।

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