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वर्तमान का गीत : डॉ शरद

रोदन करती आज दिशाएं,मौसम पर पहरे हैं ।
अपनों ने जो सौंपे हैं वो,घाव बहुत गहरे हैं ।।

बढ़ता जाता दर्द नित्य ही,
संतापों का मेला
कहने को है भीड़,हक़ीक़त,
में हर एक अकेला

रौनक तो अब शेष रही ना,बादल भी ठहरे हैं ।
अपनों ने जो सौंपे वो,घाव बहुत गहरे हैं ।।

मायूसी है,बढ़ी हताशा,
शुष्क हुआ हर मुखड़ा
जिसका भी खींचा नक़ाब,
वह क्रोधित होकर उखड़ा

ग़म,पीड़ा औ’ व्यथा-वेदना के ध्वज नित फहरे हैं ।
अपनों ने जो सौंपे हैं वो घाव बहुत गहरे हैं ।।

व्यवस्थाओं ने हमको लूटा,
कौन सुने फरियादें
रोज़ाना हो रही खोखली,
ईमां की बुनियादें

कौन सुनेगा,किसे सुनाएं,यहां सभी बहरे हैं ।
अपनों ने जो सौंपे है वो घाव बहुत गहरे हैं ।।

बदल रहीं नित परिभाषाएं,
सबका नव चिंतन है
हर इक की है पृथक मान्यता,
पोषित हुआ पतन है

सूनापन है मातम दिखता,उड़े-उड़े चेहरे हैं ।
अपनों ने जो सौंपे हैं वो घाव बहुत गहरे हैं ।।

प्रो.(डॉ)शरद नारायण खरे

मीडिया टुडे समाचार : मंडला

उचित मूल्य दुकानों में रेटलिस्ट लगाएं

भ्रमण के दौरान कलेक्टर हर्षिका सिंह ने उचित मूल्य दुकान रमपुरी का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने खाद्यान्न की उपलब्धता तथा वितरण के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि उचित मूल्य दुकानों में अनिवार्य रूप से खाद्यान्न की कीमतों तथा स्टॉक से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की जाए। वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। एक्सपायरी डेट देखकर ही सामग्री का वितरण करें। उन्होंने खाद्यान्न की सुरक्षा के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सेल्समैन स्वयं मॉस्क लगाएं तथा हितग्राहियों को भी मॉस्क लगाने के लिए प्रेरित करें।

बच्चों के भविष्य निर्धारण में सहभागी बनें शिक्षक

शासकीय नवीन माध्यमिक शाला समनापुर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर हर्षिका सिंह ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों का उपलब्धि स्तर बढ़ाने के लिए नवाचार करें। किसी भी स्थिति में गाईड आदि का प्रयोग न करें, पाठ्यक्रम को पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को शिक्षा का महत्व बताएं तथा उनके भविष्य के निर्धारण में सहभागी बनें। उन्होंने निर्देशित किया कि शिक्षक स्वयं मॉस्क लगाएं तथा बच्चों को भी मॉस्क लगाने के लिए प्रेरित करें। शिक्षक अध्यापन कार्य के दौरान कोरोना, डेंगू जैसी बीमारियों के संबंध में जानकारी देवें तथा इनसे बचने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बच्चों को जानकारी दें। कलेक्टर ने शाला में उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।

पंजीयन केन्द्र डिठौरी का किया निरीक्षण

               कलेक्टर हर्षिका सिंह ने पंजीयन केन्द्र डिठौरी का आकस्मिक निरीक्षण करते हुए उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि पंजीयन केन्द्र के बाहर बैनर तथा आवश्यक सूचनाएं अंकित कराएं। दस्तावेजों के संबंध में भी किसानों को स्पष्ट अवगत कराएं। किसानों के साथ सहयोगात्मक रूख अपनाएं। पंजीयन एवं उपार्जन के लिए किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पंजीयन के संबंध में मुनादी कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने भ्रमण के दौरान गिरदावरी के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

जिला चिकित्सालय के पी.एस.ए. प्लांट का लोकार्पण आज

जिला चिकित्सालय मण्डला में स्थापित 1000 एवं 1100 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) वाले पीएसए प्लांट का लोकार्पण 17 सितम्बर को दोपहर 2 बजे केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, राज्यसभा सांसद सम्पतिया उइके, विधायक मंडला देवसिह सैयाम विधायक बिछिया नारायण सिंह पटटा, विधायक निवास डॉ अशोक मर्सकोले, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी, उपाध्यक्ष शैलेश मिश्रा, नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा शुक्ला की गरिमामय उपस्थिति में किया जायेगा। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण जूम मीटिंग के माध्यम से भी सम्मिलित हो सकते हैं। समारोह मे कोविड-19 का पालन किया जायेगा।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 कार्यक्रम 18 सितम्बर को

उज्जवला योजना क्रमांक 2.0 के तहत् पात्र उपभोक्ताओं को गैस का फी कनेक्शन प्रदाय किया जाना है। इसके तहत् 18 सितम्बर को एजेंसी स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हुए उज्ज्वला योजना के लिए चिन्हित किए गए पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। जिला स्तरीय उज्ज्वला योजना हितलाभ वितरण कार्यक्रम मंडला नगरपालिका के टाऊनहॉल में आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि पात्र हितग्राही निर्धारित दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकि जनपद कार्यालय में संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

निर्धन परिवारों के लिए पात्रता –

जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि उज्ज्वला गैस के लिए जो एसईसीसी 2011 की सूची अनुसार पात्र हो, अनुसूचित जाति, जनजाति गृहस्थी, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के हितग्राही, अन्त्योदय अन्न योजना, वनवासी, अति पिछड़ा वर्ग। इस प्रकार उक्त 7 श्रेणी से संबंध रखती हो। इस हेतु पात्र श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। यदि आवेदिका उपरोक्त क्रमांक 01 एवं 02 अंतर्गत नहीं आती है एवं गरीब गृहस्थी से संबंध रखती है तो योजना का हितग्राही होने के दावे के रूप में 14 बिन्दुओं का घोषणा पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा जो कम्पनी एजेंसी के पास आवेदन पत्र के साथ उपलब्ध रहेगा। आवेदिका को दस्तावेज जैसे मानक प्रारूप में विधिवत हस्ताक्षर एवं फोटो युक्त केवाईसी फार्म, पहचान का प्रमाण, निवास का प्रमाण पत्र, आवेदिका के आधार की प्रति, परिवार के समस्त वयस्क सदस्यों के आधार की प्रति, आवेदिका के बैंक खाते का विवरण, राशन कार्ड अथवा समग्र आई.डी., आवेदिका प्रवासी होने की स्थिति में परिवार संयोजन की जानकारी संबंधी स्व-घोषणा पत्र, यदि आवेदिका उपरोक्त अ(2) अंतर्गत 7 श्रेणिओं से संबंध रखती है, तो पात्र श्रेणी का प्रमाण पत्र, गरीब गृहस्थी से संबंधित होने के दावे के रूप में 14 बिन्दुओं का घोषणा पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा जिसका आवेदन पत्र में संलग्न है जो गैस कम्पनी से प्राप्त हो जायेगा।

जिले में अब तक 890.8 मिमी. औसत वर्षा दर्ज

जिले में इस वर्ष एक जून से 16 सितम्बर के दौरान 890.8 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 1340.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 449.8 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 सितम्बर को मंडला में 113, नैनपुर में 33.7, बिछिया में 18.4, निवास में 73.2, घुघरी में 48.6 एवं नारायणगंज में 47.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार जिले में 16 सितम्बर को 55.6 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई।

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए एडवाईजरी जारी

बरसात के दिनों में आकाशीय बिजली अक्सर जानलेवा साबित होती है। खेतों में काम करने वाले, पेड़ों के नीचे पनाह लेने वाले, तालाब में नहाते समय बिजली चमकने पर इसकी आगोश में आने की संभावना अधिक रहती है। आकाशीय बिजली से बचाव के कुछ उपाय ऐसे हैं जिससे  बचा जा सकता है। राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लोगों को सतर्क रहने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

आकाशीय बिजली कड़कने पर यदि घर के भीतर हों तो बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। खिड़कियां व दरवाजे बंद कर दें, बरामदे और छत से दूर रहें। इसके अलावा ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं उनसे भी दूर रहना चाहिए। धातु से बने पाइप, नल, फव्वारा, वाश बेसिन आदि के संपर्क से दूर रहना चाहिए।

इसी तरह जब आप घर के बाहर हैं तब वृक्ष जो बिजली को आकर्षित करते हैं। बिजली चमकते समय वृक्ष के नीचे न खड़े रहें, ऊंची इमारतों वाले क्षेत्र में आश्रय न लें, समूह में खड़े होने के बजाय अलग-अलग हो जाएं। किसी मकान में आश्रय लेना बेहतर है। सफर के दौरान अपने वाहन में ही रहें। मजबूत छत वाले वाहन में रहें, खुली छत वाले वाहन की सवारी न करें, बाहर रहने पर धातु से बने वस्तुओं का उपयोग न करें। बाइक, बिजली या टेलीफोन का खंभा तार की बाड़ और मशीन आदि से दूर रहें। तालाब और जलाशयों से दूर रहें यदि आप पानी के भीतर हैं, अथवा किसी नाव में हैं तो तुरंत बाहर आ जाएं। सिर के बाल खड़े हो जाएं तो समझिए बिजली गिरेगी। यदि आकाशीय बिजली चमक रही है और आपके सिर के बाल खड़े हो जाएं व त्वचा में झुनझुनी होने लगे तो फौरन नीचे झुककर कान बंद कर लें। क्योंकि यह इस बात का सूचक है कि आपके आस-पास बिजली गिरने वाली है।

आकाशीय बिजली गिरने पर क्या करें-

बिजली का झटका लगने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर, कार्डियो पल्मोनरी रेसिटेंशन यानि कृत्रिम सांस देनी चाहिए। तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देने की व्यवस्था करनी चाहिए।

प्लेसमेंट ड्राईव में 41 प्रशिक्षणार्थी का चयन

               शासकीय आई0टी0आई0 मंडला में सुजुकी मोटर्स गुजरात के द्वारा प्लेसमेन्ट ड्राइव आयोजित किया गया। प्लेसमेन्ट ड्राइव में व्यवसाय (टर्नर, फिटर, मषीनिष्ट, इलैक्ट्रिीषियन, मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, वेल्डर, पेन्टर जनरल, सीओई-आटोमोबाइल, टैक्टर मैकेनिक) के 70 आई0टी0आई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी लिखित चयन परीक्षा में सम्मिलित हुये, जिसमें 41 प्रशिक्षणार्थियों का प्रारम्भिक चयन कम्पनी के द्वारा किया गया।

कलेक्टर ने किया परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कक्षा 12वी की विशेष परीक्षा के लिए वरिष्ठ मूलशाला में बनाए गए परीक्षा केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केन्द्र में आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान कोविड-19 के संबंध में शासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। परीक्षा में 35 में से 24 परीक्षार्थी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने हाईस्कूल वरिष्ठ मूलशाला के शिक्षकों को शाला परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी मंडला पुष्पेन्द्र अहके, सहायक संचालक एमएस सिंद्राम आदि उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने फीता काटकर रथ को किया रवाना

फिल्म प्रदर्शन, मोहल्ला बैठक आदि के माध्यम से लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करेगा जागरूकता रथ

कोरोना विजय अभियान के तहत संचालित जागरूकता रथ को कलेक्टर हर्षिका सिंह ने फीता काटकर रवाना किया। आसरा सामाजिक लोक कल्याण समिति द्वारा चलाया जा रहा यह रथ चिन्हित विकास खंडों में फिल्म प्रदर्शन, मोहल्ला बैठक आदि के माध्यम से लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करेगा।

इस अभियान के तहत् जिले के मवई, घुघरी, मोहगांव, बिछिया एवं नारायणगंज विकासखण्डों को चिन्हित किया गया है, जहां पर टीकाकरण का प्रतिशत कम है। टीम के द्वारा जागरूकता रथ में फिल्म प्रदर्शन मुहल्ला मीटिंग, पम्पलेट्स, प्रश्नोत्तरी, लीप्टेट्स गीत के माध्यम से मुख्य रूप से आदिवासी जनजाति, वरनेवल वीनेन एवं दिव्यांगों को मुख्य रूप से प्रेरित किया जाएगा। इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी वायके झारिया, आसरा सामाजिक लोक कल्याण समिति से नागेश्वर धनंजय एवं एआईएफ की केम्पेनिंग टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

48 नमूनों में मिली मिलावट, 3 लाख का अर्थदण्ड अधिरोपित

जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट से मुक्ति अभियान के अर्न्तगत की गई कार्यवाही

खाद्य सुरक्षा प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कलेक्टर हर्षिका सिंह के आदेशानुसार खाद्य पदार्थों में मिलावट से मुक्ति अभियान के अर्न्तगत मिलावटखोरों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। अभियान में खाद्य पदार्थों के 251 नमूने लेकर जांच हेतु प्रयोग शाला भोपाल भेजे गये हैं। 575 खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण किये गये हैं तथा 75 खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार सूचनापत्र जारी किये गये हैं। मोबाईल लेब के द्वारा 502 खाद्य पदार्थों के नमूनों की स्पॉट टेस्टिंग की गई है तथा 14 नमूने मिलावटी पाए जाने पर उनके रेगुलेटरी नमूने जांच हेतु भेजे गए हैं। मैजिक बॉक्स की सहायता से कुल 1930 नमूनों की मौके पर स्पॉट टेस्टिंग की गई है। कमी पाये जाने पर सुधार सूचना पत्र जारी किए गए हैं। अभियान के दौरान लिये गये नमूनों में से 48 नमूने मिलावट पाई गई है जिनमें 37 प्रकरण में सक्षम न्यायालय में दायर किये गये हैं, अन्य प्रकरणों में विवेचना जारी है। अभियान के द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत एडीएम न्यायालय द्वारा 40 प्रकरणों में कुल तीन लाख रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। मिलावट से मुक्ति अभियान के अन्तर्गत निरंतर कार्यवाही की जा रही है।

बाघ संरक्षण क्षेत्रों के प्रबंधन में मध्यप्रदेश फिर होगा टॉप पर – वनमंत्री डॉ. शाह

वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों के प्रबंधन और मूल्यांकन में मध्यप्रदेश अन्य प्रदेशों से बढ़त बनाये हुए है। कान्हा, सतपुड़ा, बांधवगढ और पन्ना को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली है। वनमंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने वन्यजीव प्रबंधन से जुडे़ अमले को बधाई देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जिस प्रकार अनेक क्षेत्रों में कामयाबी के शिखर पर पहुंचा है वैसे ही वन्य जीव संरक्षण में भी पूरे देश में गौरव प्राप्त करेगा। वन मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टेण्डर्ड की अंतर्राष्ट्रीय समिति और डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ द्वारा संयुक्त रूप से संचालित 17 मुख्य मापदण्डों और उनसे जुड़े अन्य उपघटकों के आधार पर बाघ संरक्षण क्षेत्रों के प्रबंधन स्तर के मूल्यांकन चार चरण में प्रक्रिया पूरी कर मान्यता दी जाती है।

उल्लेखनीय है कि इस समिति द्वारा पेंच टाइगर, बांधवगढ़ टाइगर और संजय टाइगर रिजर्व में तीन चरण पूर्ण किए जा चुके हैं। अब प्रदेश के टाइगर रिजर्व को सीए/टीएस अनुसार प्रबंधन की दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानदण्डों पर खरे उतरना है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश बाघ संरक्षण क्षेत्रों के प्रबंधन में अन्य सभी राज्यों में शीर्ष स्थान पर होगा। सतपुड़ा और पन्ना टाइगर रिजर्व को यह अंतर्राष्ट्रीय मान्यता पहले ही मिल चुकी है। इस तरह प्रदेश के सभी 6 टाइगर रिजर्व अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता को पूर्ण करेंगे। इससे पहले भी टाइगर रिज़र्व के प्रबंधन की प्रभावशीलता मूल्यांकन में पेंच टाइगर रिजर्व देश में सर्वाेच्च रैंक हासिल कर चुका हैं। बांधवगढ़, कान्हा, संजय और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन वाले टाइगर रिजर्व माना गया है। इन राष्ट्रीय उद्यानों में अनुपम प्रबंधन योजनाओं और नवाचारी तरीकों को अपनाया गया है।

हर एक टाइगर रिजर्व की है यह विशेषता

वन्य जीव संरक्षण मामलों पर नीतिगत निर्णय लेने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा प्रभावी प्रबंधन के आंकलन से संबंधित आंकडों की आवश्यकता होती है। ये आंकडे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के विश्व संरक्षण निगरानी केंद्र में रखे जाते हैं। टाइगर रिजर्व की प्रबंधन शक्तियों का आकलन कई मापदण्डों पर होता है जैसे योजना, निगरानी, सतर्कता, निगरानी स्टाफिंग पैटर्न, उनका प्रशिक्षण, मानव, वन्य-जीव संघर्ष प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी, संरक्षण, सुरक्षा और अवैध शिकार निरोध के उपाय आदि। पेंच टाइगर रिजर्व के प्रबंधन को देश में उत्कृष्ट माना गया है। फ्रंट-लाइन स्टॉफ को उत्कृष्ट और ऊर्जावान पाया गया है। वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत दर्ज सभी मामलों में पैरवी कर आरोपियों को दंडित करने में प्रभावी काम किया गया है। मानव-बाघ और बाघ-पशु संघर्ष के मामलों में पशु मालिकों को तत्काल वित्तीय राहत दी जा रही है। साथ ही उन्हें विश्व प्रकृति निधि भारत से भी सहयोग दिलवाया जा रहा है।

नियमित चरवाहा सम्मेलन आयोजित किये जा रहे है और चरवाहों के स्कूल जाने वाले बच्चों को शैक्षिक सामग्री वितरित की जा रही है। इसके अलावा, ग्राम स्तरीय समितियों, पर्यटकों के मार्गदर्शकों, वाहन मालिकों, रिसॉर्ट मालिकों और संबंधित विभागों और गैर सरकारी संगठनों के प्रबंधकों के प्रतिनिधियों की बैठकें भी होती हैं। पर्यटन से प्राप्त आय का एक तिहाई हिस्सा ग्राम समितियों को दिया जाता है। परिणामस्वरूप इन समितियों का बफर जोन के निर्माण में पूरा सहयोग मिलता है। पर्यटन से प्राप्त आय पार्क विकास फंड में दी जाती हैं और इसका उपयोग बेहतर तरीके से किया जाता है। इसी तरह, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने बाघ पर्यटन द्वारा प्राप्त राशि का उपयोग कर ईको विकास समितियों को प्रभावी ढंग से पुनर्जीवित किया गया है। वाटरहोल बनाने और घास के मैदानों के रखरखाव के लिए प्रभावी वन्य-जीव निवास स्थानों को रहने लायक बनाने का कार्यक्रम भी चलाया गया है। मानव, वन्य-जीव संघर्षों को ध्यान में रखते हुए, मवेशियों, एवं मानव मृत्यु और जख्मी होने के मामले में राहत एवं सहायता राशि के तत्काल भुगतान की व्यवस्था बनाई गई है।

कान्हा टाइगर रिजर्व ने अनूठी प्रबंधन रणनीतियों को अपनाया है। कान्हा, पेंच वन्य-जीव विचरण कोरीडोर भारत का पहला ऐसा कोरीडोर है। इस कोरीडोर का प्रबंधन स्थानीय समुदायों, सरकारी विभागों, अनुसंधान संस्थानों, नागरिक संगठनों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाता है। पार्क प्रबंधन ने वन विभाग कार्यालय परिसर में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किया है, जो वन विभाग के कर्मचारियों और आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों के लिये लाभदायी सिद्ध हुआ है। पन्ना टाइगर रिजर्व ने बाघों की आबादी बढ़ाने में पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया है। शून्य से शुरू होकर अब इसमें 60 से 65 बाघ हैं। यह भारत के वन्य-जीव संरक्षण इतिहास में एक अनूठा उदाहरण है। सतपुड़ा बाघ रिजर्व में सतपुड़ा नेशनल पार्क, पचमढ़ी और बोरी अभ्यारण्य से 42 गाँवों को सफलतापूर्वक दूसरे स्थान पर बसाया गया है। यहाँ सोलर पंप और सोलर लैंप का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

जिले को शतप्रतिशत वैक्सीनेट करने सम्मिलित प्रयास आवश्यक – हर्षिका सिंह

कलेक्टर ने किया वैक्सीनेशन कोन्द्रों का निरीक्षण

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने मंडला विकासखण्ड के लिमरूआ, ग्वारा, ठरका, सिलगी एवं नैनपुर विकासखण्ड के रमपुरी, चीचगांव, अलीपुर सहित अन्य ग्रामों के वैक्सीनेशन केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए लक्ष्य एवं उपलब्धि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। कोई भी व्यक्ति वैक्सीनेशन से वंचित नहीं रहना चाहिए। अधिकारी एवं कर्मचारी लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें मोबीलाईज करें। वैक्सीनेशन से शेष बचे लोगों का मतदाता सूची से मिलान कर सूची तैयार करें तथा घर-घर जाकर उनका वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि टीकाकरण की जानकारी तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाए। भ्रमण के दौरान संबंधित एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीमती सिंह ने निर्देशित किया कि पेंशनधारी, पात्रतापर्चीधारी, जॉबकार्डधारी, श्रमिकों सहित शासन की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उनका भी वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। संबंधित अधिकारी कर्मचारी सुनिश्चित करें कि उनके कार्यक्षेत्र में कोई भी पात्र व्यक्ति वैक्सीनेशन से वंचित नहीं रहे। कलेक्टर ने भ्रमण के दौरान ग्रामवासियों से चर्चा करते हुए विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में फीडबैक लिया। किसानों से फसलों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय के लिए प्रस्तावित भूमि का भी अवलोकन किया।

स्वयं टीका लगवाते हुए अन्य लोगों को प्रेरित करें

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए उन्हें आगे आकर टीका लगवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता सभी ने देखी है। अतः स्वयं को, अपने परिवार को एवं अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सभी लोग अनिवार्य रूप से अपना वैक्सीनेशन कराएं। स्वयं टीका लगवाएं तथा अन्य लोगों को भी टीका के लिए प्रेरित करें। कोरोना से बचने के लिए वैक्सीनेशन ही एकमात्र एवं सुरक्षित उपाय है। टीकाकरण से बचे लोगों को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, कोटवार, रोजगार सहायक, पंचायत सचिव, शिक्षक आदि के माध्यम से मोबीलाईज करें। जो लोग केन्द्र तक नहीं आ रहे हैं उनके घर जाकर वैक्सीनेशन करें। कलेक्टर ने दिव्यांगजनों का वैक्सीनेशन उनके घर में ही करने के निर्देश दिए।

वैक्सीनेशन सेंटर में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें

               कलेक्टर हर्षिका सिंह ने एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैक्सीनेशन सेंटरों में बिजली, पेयजल तथा समुचित बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि टीका लगवाने वाले व्यक्ति से सेंटर में कम से कम आधा घंटा बैठने के लिए आग्रह किया जाए। कोविड टीकाकरण के समय अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण करें। उन्होंने जिला टीकाकरण अधिकारी तथा एसडीएम को ग्रामों में आवश्यकता के अनुरूप वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए परिणाममूलक कार्य करें

               कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि अधिकारी कर्मचारी पूरी क्षमता से कार्य करते हुए जिले को शतप्रतिशत वैक्सीनेट कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें। स्थानीय जनप्रतिनिधि, संकट प्रबंधन समूह के सदस्य, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह के सदस्य, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता, युवामंडल सहित ग्राम के जागरूक लोगों का सहयोग लेते हुए ग्राम को शतप्रतिशत वैक्सीनेट कराएं। हर गांव की समिति अपने ग्राम को संपूर्ण वैक्सीनेट कराने की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए परिणाममूलक कार्य करे। जिले को शतप्रतिशत वैक्सीनेट कराने के लिए सम्मिलित प्रयास आवश्यक है।

पुलिस लाइन बॉयज ने फाइन स्पोर्ट्स क्लब को 7 / 1 से दी शिकस्त

आज को खेले जायेगे 5 मैच

मंडला – स्थानीय महात्मा गांधी स्टेडियम में नर्मदा स्पोर्ट्स क्लब के तत्वावधान में खेली जा रही स्वामी विवेकानंद जिला स्तरीय ओपन फुटबॉल लीग टूर्नामेंट के चौथे दिन बुधवार को बारिश की वजह से खेल नहीं हो सका। इसके बाद गुरुवार को तीन मैच खेले गए। पहला मैच देवेंद्र स्पोर्ट्स अकैडमी (डीएसके) और रब्बानी स्पोर्ट्स क्लब के मध्य खेला गया। इस मैच में डीएस अकैडमी में 3 / 0 से जीत दर्ज की। डीएस एकेडमी की तरफ से बॉबी ने दो और शिवम मरकाम ने एक गोल किया। दूसरा मैच मुगदारा और आजाद स्पोर्ट्स क्लब टिकरिया के मध्य खेला गया। इस मैच में मुगदारा ने टिकरिया को 2 / 0 से मात दी। मुगदारा की तरफ से नवनीत सैयाम व मयंक यादव ने एक – एक गोल किए। तीसरा मैच पुलिस लाइन बॉयज और फाइन स्पोर्ट्स क्लब के मध्य खेला गया। इस मैच में पुलिस लाइन बॉयज ने फाइन स्पोर्ट्स क्लब को 7 / 1 से हरा दिया। पुलिस लाइन की तरफ से माही, मनीष व प्रशांत मार्को ने 2 – 2 और संदीप धुर्वे ने 1 गोल किया। फाइन स्पोर्ट्स क्लब की तरफ से एकमात्र गोल शेख आरिफ ने किया।

शुक्रवार को स्वामी विवेकानंद जिला स्तरीय ओपन फुटबॉल लीग टूर्नामेंट के अंतर्गत 5 मैच खेले जाएंगे। पहला मैच दोपहर 12:00 बजे से देवेंद्र स्पोर्ट्स अकैडमी और खेल एवं युवा कल्याण विभाग बॉयज के मध्य खेला जाएगा। दूसरा मैच नर्मदा स्पोर्ट्स क्लब मंडला और आजाद स्पोर्ट्स क्लब टिकरिया के मध्य होगा। तीसरा मैच पदमी बॉयज पदमी और सिद्ध बाबा स्पोर्ट्स क्लब बड़ी खैरी के मध्य होगा। चौथा मैच नर्मदा स्पोर्ट्स क्लब मंडला और फाइन स्पोर्ट्स क्लब मंडला के बीच खेला जाएगा। शुक्रवार का पांचवा व अंतिम मैच मुगदारा स्पोर्ट्स क्लब मुगदारा और पुलिस लाइन बॉयज मंडला के मध्य खेला जाएगा।

इस प्रतियोगिता को आयोजित करने में पंकज उसराठे, अभिषेक यादव, प्रकाश नंदा, शिवम् मिश्रा, जुनैद कुरैशी, अर्पित मिश्रा, स्वप्निल श्रीवास्तव, विक्रम सिंह, दीपांशु श्रीवास, अमित कुमरे, मुज्बी हसन आदि का उल्लेखनीय योगदान है। 

अंजनिया के राय ढाबा में चाकू के वार से युवक घायल

कांग्रेस नेता के साथी ने किया चाकू से वार, घायल युवक ने चौकी में की शिकायत

अंजनिया। बम्हनीबंजर थानांतर्गत पुलिस चौकी अंजनिया में 14 सितंबर की रात में दो युवकों के बीच हुये वाद-विवाद में बड़ा रूप ले लिया जिसमें एक युवक ने दूसरे के ऊपर चाकू से हमला बोल दिया। स्थानीय संवाददाता जयदीप झा ने बताया कि मामला दो युवकों में मामूली विवाद से लेकर बड़े फसाद तक जा पहुंचा। जहां एक युवक ने दूसरे के ऊपर चाकू से हमला कर दिया। जिसकी शिकायत चौकी अंजनिया पहुंची। घटना अंजनिया बाईपास में स्थित राय ढाबा की है जहां कविंद्र पटेल, राजेश पटेल, मुकेश पटेल, बसंत पंद्रे और शक्ति पटेल ये पांच लोग रात्रि में भोजन कर रहे थे। इसी बीच वहां राजकिशोर पटेल नामक युवक भी ढाबे में मौजूद था, तभी राजकिशोर से अचानक कविंद्र पटेल ने पूछा कि ढाबे मालिक ने मुझे गाली दी है या नहीं ,तब राज ने कह दिया कि मैंने नहीं सुना है। इस पर गुस्सा होते हुए कविंद्र पटेल ने राजकिशोर पटेल को पकड़ लिया और अपने साथी राजेश पटेल से बोला कि इसे चाकू से मारकर खत्म कर दो, अपने आप को बचाने के लिए राजकिशोर ने कोशिश की जिससे उसके बाएं कंधे के नीचे सीने में चाकू का वार पड़ गया और खून निकलने लगा, जिसके बाद आरोपी राजेश पटेल और उसके साथी वहां से फरार हो गए।
आरोपी पर किया मामला दर्ज
पुलिस को रात में जब इस घटना की जानकारी लगी तब चौकी प्रभारी राजेंद्र सिलेवार ने राय ढाबा पहुंचकर वहां मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली और आरोपी राजेश पटेल के विरुद्ध 294, 323, 324, 506 आईपीसी के तहत मामला कायम कर दिया। बात केवल यहां तक ही सिमटी रही अगले दिन प्रार्थी राजकिशोर पटेल पिता रामकिशोर पटेल ने अंजनिया चौकी में लिखित शिकायत में इन पांचों आरोपियों का जिक्र किया और घटना के आधार पर न्याय दिलाने अपील की, लेकिन चौकी प्रभारी राजेंद्र सिलेवार का कहना है कि रात में जो घटना हुई थी, उस आधार पर हमने मामला दर्ज किया था। जिसमें आरोपी केवल राजेश पटेल का जिक्र किया। मैंने स्वयं ढाबे में जाकर वहां मौजूद ढाबे के मालिक और कर्मचारियों से घटना की जानकारी लेकर आरोपी राजेश पटेल के विरुद्ध मामला दर्ज किया था, लेकिन बुधवार को फिर से प्रार्थी राजकिशोर पटेल द्वारा थाने में लिखित शिकायत की गई जिसमें आरोपी के साथ अन्य चार लोगों के भी नाम जोड़े गए हैं।
घटना से अंजनिया में फैली दहशत
अब आगे की कार्यवाही बम्हनी बंजर थाना प्रभारी के द्वारा की जा रही है। वैसे तो अंजनिया बाईपास के इस राय ढाबा में ऐसी मारपीट और छोटी-मोटी घटनाएं आए दिन होती रहती है, लेकिन इस बार युवक पर चाकू से वार करना एक बड़ी घटना है। ऐसी घटनाओं का होने का मुख्य कारण यह भी है कि ढाबे में अवैध रूप से शराब की बिक्री होती है जिससे वहां लोग नशा करते हैं और अपना आपा खो देते हैं। अवैध रूप से होने वाली शराब बिक्री पर भी ना तो पुलिस विभाग अंकुश लगा पा रहा है और ना ही आबकारी विभाग। इस घटना से अंजनिया के ग्राम वासियों में काफी आक्रोश है क्योंकि आज तक ऐसी घटना अंजनिया में नहीं हुई है। कुछ वरिष्ठ लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से गांव की छवि धूमिल होते जा रही है। यही नहीं आरोपी राजेश पटेल के साथी कविंद्र पटेल युवा कांग्रेस पार्टी के विधानसभा बिछिया के पूर्व  अध्यक्ष  रह चुके हैं जिससे उनकी पहुंच और पकड़ भी बहुत अच्छी है। ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले राजेश पटेल का साथ देने पर आम जनता ने उनके प्रति आक्रोश जताया है। इस आक्रोश को विपक्षी दल ने बहुत अच्छी तरह से अपने जहन में बना रखा है। विपक्षी दलों ने पुलिस प्रशासन से मामले की न्यायोचित जांच करने अपील की है। यदि पुलिस प्रशासन  प्रार्थी राजकिशोर पटेल को न्याय दिलाने में असफल होता है तो निश्चित ही ऐसे आरोपियों के हौसले बुलंद होंगे और अंजनिया जैसी शांत बस्ती के वातावरण के साथ खिलवाड़ किया जाएगा। जिससे न्याय व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो जाएगा।

इनका कहना
घटनास्थल पर मैं मौजूद जरूर था परंतु मेरे द्वारा राज किशोर पटेल और राजेश पटेल के बीच हुई मामूली लड़ाई को शांत करने का प्रयास किया गया है। ढाबे में मौजूद अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से भी आप यह पता कर सकते हैं। इसलिए पुलिस की एफ. आई. आर. में सिर्फ राजेश पटेल आरोपी है , मैंने तो राज किशोर पटेल को बचाने का प्रयास किया था। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते विपक्षी दलों  द्वारा अगले दिन राजकिशोर पटेल से झूठी रिपोर्ट डलवाकर  मेरी साफ-सुथरी छवि को धूमिल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
कवींद्र पटेल,
पूर्व विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष,बिछिया

घटना की जानकारी मिलने के तत्काल बाद हमने ढाबे में मौजूद मालिक और कर्मचारियों से पूछताछ करके आरोपी राजेश पटेल के विरुद्ध मामला कायम कर दिया था परंतु  राज किशोर पटेल ने आज फिर लिखित आवेदन दिया है जिस पर बम्हनी बंजर थाना प्रभारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है।
राजेंद्र सिलेवार
उप थाना प्रभारी, अंजनिया

भूमिजा इस्पात कम्पनी में 7 महिने में दूसरा धमाका

पहले धमाके में 7 घायल 4 की मौत, दूसरे धमाके में 4 घायल

मजदूरों की जान इतनी सस्ती हो गई है कि आये दिन बड़ी-बड़ी फेक्ट्रीयों में हो रहे हादसे में असमय काल के गाल में समा रहे हैं। जबकि केंद्र और राज्य सरकार की बनाई नितियों में मजदूरों को देने वाली सुविधा एवं उनकी सुरक्षा के लिए बड़े नियम बनाये गये हैं। यहां तक की समय-समय पर मजदूरों को मिलने वाली सुविधा में कोई कमी आ रही है तो इसके लिए उन्होंने विभाग बना रखा है जहां लेवर डिपार्टमेंट के अधिकारी समय-समय पर उनसे मिलकर उनकी समस्याओं का निराकरण कर सकें, लेकिन मजदूरों के लिए सरकार द्वारा बनाई नीतियां कागजों में ही सिमट कर रह गई हैं। उद्योगिक क्षेत्र मनेरी में स्थित भूमिजा इस्पात कम्पनी में लगातार हो रहे विस्फोट पर प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। जिसके कारण फेक्ट्री मालिक मनमाने तौर पर मजदूरों से ऐसे काम कराये जा रहे हैं जहां उनकी जान जा रही है। इसके पहले जब इसी कम्पनी में विस्फोट हुआ तब 7 लोग घायल हो गये थे और 4 की मौत हुई थी, वहीं 7 महिने के बाद उसी कम्पनी में दूसरा बड़ा विस्फोट मंगलवार को शाम 6 बजे हुआ जहंा ं4 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गये।  

मण्डला। उद्योगिक इकाई मनेरी में स्थित भूमिजा इस्पात कम्पनी में फिर से दोबारा विस्फोट हुआ ओर 4 मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में स्थानीय विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने बताया कि इसके पहले फरवरी माह में रात ढ़ेड़ बजे विस्फोट हुआ था जिसमें 7 मजदूर घायल और 4 मजदूरों की मौत हो गई थी।   7 महिने बाद उसी फैक्ट्री में फिर से विस्फोट हुआ जिसमें 4 मजदूरों के घायल होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसके पहले जब भूमिजा इस्पात कम्पनी में विस्फोट हुआ था तब मण्डला कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अमला उक्त फैक्ट्री का निरीक्षण किया था और कमिश्रर लेवल पर जॉच करने की बात की गई थी। उसी फैक्ट्री में दोबारा विस्फोट होना कहीं न कहीं प्रशासन की कार्यवाही न होने का परिणाम है। क्योंकि पहले ही कार्यवाही बेहतर ढंग से होती तो शायद दोबारा उसी फैक्ट्री में 7 महिने बाद विस्फोट नहीं होता।

पहले विस्फोट में ये दो मजदूर की हुई थी मौत 5 घायल
फरवरी माह में देर रात औद्योगिक क्षेत्र मनेरी स्थित भूमिजा इस्पात कम्पनी में जब विस्फोट हुआ था उस समय क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। यह विस्फोट लगभग 1:30 बजे रात को हुआ था। घटना के संबंध में जब स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई तो उन्होंने बताया कि कारखाने में लोहा गलाकर सरिया बनाई जाती है। लोहा गलाने वाली भट्टी जिसमें टनों से पानी जैसे गर्म लोहा भरा रहता है। अचानक भट्टी से गर्म लोहा विस्फोट के साथ बाहर निकला और भट्टी में कार्यरत मजदूर अवधेश पिता किशनलाल पटैल निवासी ग्राम डूंडी जबलपुर की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं गंभीर रूप से घायल हुये शिवकुमार ग्राम झुरकी प्रमोद पटेल ग्राम बम्हनी, रमेश प्रजाति, आकाश कुमार, ब्रजेश लाल प्रजापति सभी सीधी जिले के हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। बताते हैं कि उस दौरान हुये विस्फोट में मौके पर दो लोगों की मौत हो गई थी, वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार कराया जा रहा था, लेकिन उनमें से भी दो लोगों की मौत हो गई थी।

पहले की जॉच समाप्त नहीं हुई, हो गया दूसरा विस्फोट
फरवरी माह में भूमिजा इस्पात कम्पनी में हुए विस्फोट की जानकारी कलेक्टर हर्षिका सिंह को जैसे ही मिली थी वह दूसरे दिन मनेरी औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत संचालित लोहा प्लांट में हुई दुर्घटना की स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने घटना स्थल का दौरा करते हुए दुर्घटना के कारणों की विस्तार से जानकारी ली थी, वहीं श्रीमती सिंह ने दुर्घटना के पीडि़तों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल होने वाले 6 व्यक्तियों तथा एक मृतक के परिजनों को श्रम कानून एवं अन्य नियमों के तहत् मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने प्लांट में बायलर के फटने की घटना के कारणों की जानकारी लेते हुए प्लांट के अधिकारियों से सुरक्षा मानकों के संबंध में विस्तार से पूछताछ की साथ ही उन्होंने प्लांट के सुरक्षा मानकों एवं नियमित रूप से किए जाने वाले सुरक्षा इंस्पेक्शन रिपोर्ट मांगी थी। पहले विस्फोट की जॉच  अभी समाप्त नहीं हुई और दूसरा विस्फोट उसी फैक्ट्री में होना बड़ा दुर्भाग्य है।
पूर्व जांच में कोटवार की सेवा समाप्ति के दिये थे निर्देश
भूमिजा इस्पात कम्पनी में जब पहली बार विस्फोट हुआ था तो उस दौरान कलेक्टर श्रीमती हर्षिका सिंह ने दुर्घटना के कारणों का वास्तविक पता लगाने के लिए अनेक कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की थी। जिन्हें जॉच की जिम्मेदारी सौंपी शायद वहीं लापरवाह बन गये इसलिए भूमिजा इस्पात कम्पनी में 7 महिने बाद फिर से दोबारा विस्फोट हो गया और 4 मजदूर घायल हो गये। जबकि कलेक्टर ने 11 फरवरी को हुई इस औद्योगिक दुर्घटना के कारणों का वास्तविक पता करने के लिए जांच के आदेश जारी कर दिए थे। उन्होंने कहा कि उद्योग, श्रम, पुलिस तथा राजस्व विभाग मिलकर दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि घटना की संपूर्ण जांच गंभीरता से सुनिश्चित करें। उन्होंने दुर्घटना के संबंध में तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले कोटवार की सेवा समाप्ति के निर्देश दिए थे।

श्रम अधिकारी की कार्यप्रणाली है संदिग्ध
मनेरी क्षेत्र में स्थित ओद्योगिक इकाईयों में काम करने वाले मजदूरों की जान-माल का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं में मजदूर असमय काल के गाल में समा रहे हैं फिर भी जिले में पदस्थ श्रम अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन पूर्ण ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं। श्रम अधिकारी की कार्यप्रणाली संदिग्ध लग रही है। मजदूरों की सुरक्षा का औद्योगिक इकाई कितना ध्यान रख रही है ये हो रही लगातार दुर्घटनाओं से पता चल रहा है। जबकि पहली घटना जब हुई थी तब कलेक्टर हर्षिका सिंह ने श्रम अधिकारी जितेन्द्र मेश्राम को निर्देश दिए कि मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित अन्य इकाईयों में सुरक्षा मानकों की विस्तार से जांच करें। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र के समस्त इकाईयों में किए जाने वाले नियमित इंस्पेक्शन के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि आगामी 10 दिनों में औद्योगिक क्षेत्र में संचालित अन्य इकाईयों में सुरक्षा के उपलब्ध इंतजाम तथा नियमानुसार आवश्यक व्यवस्थाओं संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिये थे। श्रीमती सिंह ने उद्योग, श्रम एवं राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट के सुरक्षा मानकों की नियमानुसार पड़ताल करें तथा घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपे जाने के निर्देश दिये थे। उसी फैक्ट्री में दोबारा विस्फोट होने से सभी के द्वारा की जा रही जॉच एवं कार्यवाही का स्तर सामने आ गया। किस तरह उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर निचले स्तर का अमला काम  कर रहा है।