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2021-22 का बजट जनता का बजट है : मुख्यमंत्री श्री चौहान मिशन मोड में शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और रोजगार के लिए होगा कार्य

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्ष 2021-22 का प्रदेश का बजट जनता का बजट है। यह केवल आँकड़ों का दस्तावेज नहीं अपितु प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं और जनता का प्रतीक है। यह जनता और सरकार के विजन और मिशन का प्रतिबिम्ब है। आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के यज्ञ के मध्य लाये गये इस बजट को आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए जनता के सुझाव प्राप्त कर तैयार किया गया है। यह जनता का जनता के द्वारा जनता के लिए निर्मित बजट है, जिसमें आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की तड़प साफ दिखाई देती है।

मिशन एप्रोच से होगी आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्यों को प्राप्त करेंगी। इसके लिए सुशासन, भौतिक अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थ-व्यवस्था और रोजगार के क्षेत्रों में मिशन एप्रोच अपनाकर गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाएगा।

मिशन को एक्शन में बदलेंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक मिशन को एक्शन में बदलने वाले कार्यक्रम लागू होंगे।

मिशन जनगण – बार-बार जमा नहीं कराने होंगे दस्तावेज

आम आदमी को नागरिक सुविधाएँ संवेदनशीलता, पारदर्शिता और सहजता से समय-सीमा में प्राप्त हो यही सुशासन है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए मिशन जनगण का संचालन होगा। लोक सेवा गारंटी कानून में संशोधन कर मान्य अनुमोदन (डीम्ड एप्रूवल) का प्रावधान किया गया है। अब चयनित सेवाएँ प्राप्त करने संबंधी आवेदन यदि तय समय-सीमा में निराकृत न हो तो नागरिकों को पोर्टल से स्वत: ऐसी सेवा या प्रमाण-पत्र प्राप्त हो जाएंगे। इसी क्रम में एकत्व कार्यक्रम के अंतर्गत एकल नागरिक डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे शासकीय सेवाओं के लिए नागरिकों को बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही परिचय कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त नागरिक सेवाओं को एकीकृत कर एक ही पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रदेश में भौतिक अधोसंरचना के लिए मिशन निर्माण, मिशन ग्रामोदय और मिशन नगरोदय संचालित किये जाएगे।

मिशन निर्माण में बनेंगे महापथ

आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए अधोसंरचना का तेज गति से विकास आवश्यक है। इससे रोजगार के नये अवसर निर्मित होंगे और संतुलित क्षेत्रीय विकास संभव होगा। इस वित्तीय वर्ष के बजट में 2 हजार 441 किलोमीटर के नवीन सड़क कार्य तथा 65 नवीन पुल सम्मिलित है, साथ ही अधिक यातायात वाले सभी रेलवे फाटकों पर रेलवे ओवर ब्रिज बनाने का लक्ष्य हैं। चंबल अंचल के विकास को गति देने के लिए अटल प्रोग्रेस-वे बनाये जाने की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों को जोड़ने वाले नर्मदा एक्सप्रेस-वे के निर्माण का परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। इन महापथों के निर्माण से रोजगार और व्यवसाय के बेहतर अवसर स्थानीय रूप से मिलेंगे। लोक निर्माण के बजट में 475 करोड़ रूपये का इजाफा किया गया है।

मिशन ग्रामोदय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की लगभग 72 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च स्तर की अधोसंरचना उपलब्ध कराना तथा रोजगार के अवसर उत्पन्न कर ग्रामीण आमदनी को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सामान्य क्षेत्र के 500 और आदिवासी क्षेत्र के 250 से अधिक आबादी की जो बसाहटें सड़क मार्ग से नहीं जुड़ी, उन्हें बारहमासी डामरीकृत सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य है। आवास निर्माण, रोजगार सृजन और प्रशिक्षण के लिए भी महत्वाकाँक्षी योजनाएँ हैं।

मिशन नगरोदय

भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए 262 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। हाउसिंग फॉर ऑल योजना के लिए 1 हजार 500 करोड़ रूपये, सीवरेज और जलप्रदाय कार्यों के लिए एक हजार करोड़ और स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत चयनित शहरों के विकास के लिए 900 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

मिशन बोधि- 24 हजार से अधिक शिक्षकों की होगी भर्ती

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि शासकीय शालाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सी.एम. राइज स्कूल संचालित किये जाएंगे। इन स्कूलों में प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कम्प्यूटर लैब और विद्यार्थियों के आवागमन के लिए बस सुविधा होगी। प्रदेश में 9 हजार 200 विद्यालय विकसित करने का लक्ष्य है। प्रथम चरण में 350 विद्यालयों का विकास किया जा रहा है, जिसके लिए वर्ष 2021-22 में एक हजार 500 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2021-22 में लगभग 24 हजार 200 पदों पर शिक्षकों की नवीन भर्ती की जाएगी।

मिशन निरामय

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रबंधन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए मिशन निरामय लागू किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्र के लिए वर्ष 2021-22 में 15 हजार 622 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। योग्य और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एम.बी.बी.एस. सीटों को 2,035 से बढ़ाकर 3,250 किया जाएगा। शीघ्र ही 23 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कार्यशील होंगे। प्रदेश के उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेषज्ञ परामर्श के लिए टेली मेडिसिन सेवाएँ उपलब्ध करायी जा रही है।

मिशन अर्थ

प्रदेश के विकास में हर नागरिक भागीदार बने, रोजगार के नये अवसर सृजित हो और अर्थ-व्यवस्था तेजी से आगे बढ़े इसके लिए मिशन अर्थ के अंतर्गत कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी, खाद्य-प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य- विकास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन तथा विमानन से जुड़ी गतिविधियों का सभंवित रूप से संचालन किया जाएगा। कृषि और संबंधित क्षेत्रों के कार्यों के लिए वर्ष 2021-22 में 35 हजार 353 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन राशि एक हजार 437 करोड़ रूपये की गई है।

मिशन दक्ष

स्थानीय अर्थ-व्यवस्था को संबंल देने और रोजगार के अतिरिक्त अवसर निर्मित करने के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अंधोसरचनात्मक सुधार किया जाएगा। ग्लोबल स्किल पार्क, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों का उन्नयन प्रस्तावित है।

बजट में कोई नया कर नहीं : मुख्यमंत्री श्री चौहान

डिजीटल रूप में प्रस्तुत हुआ बजट 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्ष 2021-22 के प्रदेश के बजट में किसी प्रकार के नये कर प्रस्तावित नहीं है और न ही किसी भी कर की दर को बढ़ाया गया है। पहली बार डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत हुए बजट के माध्यम से प्रयास यह है कि हम निरंतर सकारात्मक रहते हुए अपना श्रेष्ठ देते रहे। इसी क्रम में राज्यकोषीय घाटा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.5 प्रतिशत है, इसे अगले तीन वर्ष में घटाकर 3 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

मददगार रहा केन्द्रीय बजट का पहले आना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार का बजट पहले प्रस्तुत होने की परम्परा बनी है। इससे राज्य को अपना बजट अधिक व्यवहारिक रूप से बनाने में मदद मिली।

15वें वित्त आयोग ने बढ़ायी प्रदेश की हिस्सेदारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 14वें वित्त आयोग में राज्यों में बँटने वाले केन्द्रीय करों में मध्यप्रदेश के लिए तय की गई 7.548 प्रतिशत की हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश द्वारा ज्ञापन सौंपा गया था। 15 वें वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2020-21 से 2025-26 की अवधि के लिए प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ा कर 7.85 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इस बढ़ोत्तरी से वर्ष 2021-22 में प्रदेश को केन्द्रीय करों से लगभग 2 हजार करोड़ अतिरिक्त राशि प्राप्त होना अनुमानित है। पिछले साल की तुलना में नये वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय में 42 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि हुई है। बजट में सभी जन-हितैषी और विकासोन्मुखी योजनाओं की निरंतरता के लिए आवश्यक प्रावधान रखे गये हैं।

बजट में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के लिये ऐतिहासिक प्रावधान – मंत्री श्री डंग

पर्यावरण, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग ने कहा कि प्रदेश का वर्ष 2021-22 का बजट आत्म-निर्भर भारत और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास कार्यों के लिये बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के लिये किया गया ऐतिहासिक प्रावधान देश-विदेश के पर्यावरण को बचाने में महती भूमिका निभायेगा।

मंत्री श्री डंग ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के पूँजीगत कार्यों के लिये वर्ष 2020-21 के बजट अनुमान को 14 हजार 265 करोड़ रूपये बढ़ाया जाकर 2021-22 में 44 हजार 152 करोड़ रूपये के प्रस्तावित प्रावधान का स्वागत किया। श्री डंग ने कहा कि इससे नीमच, शाजापुर, आगर एवं मुरैना जिलों की 4 हजार 500 मेगावाट के सोलर पार्क और 600 मेगावाट की विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट सहित अनेक परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सकेगा।

गरीबों, किसानों और विद्यार्थियों के लिए समर्पित बजट- राज्य मंत्री श्री परमार

स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि वर्ष 2021-22 का आम बजट गरीबों, किसानों और विद्यार्थियों के लिए ही समर्पित बजट है। बजट प्रथम दृष्टया ही लोक कल्याणकारी राज्य की कल्पना को साकार कर रहा है। मध्यप्रदेश के विकास की दिशा को तय कर रहा है। बजट में विशेष रूप से किसानों,गरीबों और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। श्री परमार ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में सीएम राइज योजना के तहत 9200 स्कूलों को चयनित किया गया है। उसमें से 350 स्कूलों को प्रथम चरण में सर्व- सुविधा युक्त बनाया जाएगा। इस योजना के लिए बजट में एक हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2021-22 में लगभग 24 हजार 200 शिक्षकों की नवीन भर्ती की जाएगी। स्ट्रेंथनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फॉर स्टेट्स (STARS) योजना अंतर्गत राज्य स्तर पर असेसमेंट सेल की स्थापना की जाएगी। इस योजना के लिए आम बजट में 26 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। विद्यालयों के संधारण, विद्युतीकरण एवं फर्नीचर प्रदाय के लिए 319 करोड़ का प्रावधान किया गया है। श्री परमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन करने के लिए यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।

बजट में स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान रखा गया: मंत्री डॉ. चौधरी

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मंगलवार को पेश हुए वर्ष 2021-22 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं का बजट में पर्याप्त ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य विभाग के लिये कुल प्रावधानित राशि में पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को विश्व-स्तरीय गुणवत्ता तक पहुँचाने के लिये प्रदेश सरकार ‘मिशन निरामय’ लागू करेगी। इसको बजट में प्रावधानित किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में उप स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेषज्ञ परामर्श के लिये ‘हब एण्ड स्पोक मॉडल’ के माध्यम से टेली मेडिसिन सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रावधानित है। कोविड महामारी को नियंत्रित करने में प्रदेश अग्रणी रहा है। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की व्यवस्था को ध्यान में रखकर बजट में अनेक प्रावधान किये गये हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा है कि इस बार बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग के बजट को बढ़ाये जाने और स्वास्थ्य विभाग में नई योजनाओं, नवाचारों के लिये प्रावधान करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

किसानों को आत्म-निर्भर बनाएगा बजट – मंत्री श्री पटेल

गांव, गरीब और किसान के लिये ऐतिहासिक बजट

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत बजट को गाँव, गरीब और किसान के लिये ऐतिहासिक बजट बताया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट किसानों को आत्म-निर्भर बनाने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के सपने को भी साकार करेगा। मंत्री श्री पटेल ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों के हित में निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री फसल उपार्जन सहायता योजना शुरू की जा रही है। बजट में इसके लिये 2000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की योजना को पुन: प्रारंभ किया जा रहा है, जिसे पूर्व सरकार ने बंद कर दिया था। बजट में इसके लिये 1000 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। बजट में मुख्यमंत्री किसान-कल्याण निधि अंतर्गत 3 हजार 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। किसान परिवारों को सम्मान निधि के रूप में प्रतिवर्ष दो किश्तों में 2-2 हजार रूपये की राशि प्रदान की जायेगी। बजट में सिंचाई का रकवा भी बढ़ाये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार द्वारा प्रतिवर्ष किसानों को दी जाने वाली बिजली की सब्सिडी पर साढ़े 14 हजार करोड़ रूपये को भी निरंतर रखने का निर्णय लिया गया है। मंत्री श्री पटेल ने कहा है कि बजट किसानों की आय को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने के अनुसार दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक रहेगा। यह बजट मध्यप्रदेश को तेजी से आगे ले जाने वाला बजट है। उन्होंने किसान हितैषी बजट के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान और वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा का प्रदेश के किसानों की ओर से आभार व्यक्त किया है।

आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश निर्माण की झलक दिखाई देती है बजट में

वर्ष 2018 के बाद पहला बजट जिसमें कोई नया कर नहीं लगाया : राज्य मंत्री श्री कुशवाह 

उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की झलक साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के बाद यह पहला बजट है जब कोई नया कर नहीं लगाया गया है। यह किसान हितैषी और सर्वजन विकास का बजट है।

राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मूलभुत सुविधाओं और नवाचार के साथ प्रदेश के विकास के लिये बजट में कई प्रावधान किये हैं। उन्होंने कहा है कि बजट में राज्य सरकार द्वारा मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सर्वजन हिताय और सर्वांगीण विकास शामिल है। राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर जिले के डबरा, ग्वालियर ग्रामीण और भितरवार विधानसभा क्षेत्र में जल-जीवन मिशन में 70 करोड़ की 45 नल जल योजनाओं का प्रावधान किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर में नल से पानी पहुँचेगा।

राज्यमंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि बेहट से दंगियापुरा और खुरैरी, बिजौली, गुन्धारा, जगनिया, गुहिसर सडक निर्माण के लिये बजट में 48 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ग्वालियर शहर में स्वर्ण रेखा पर ऐलीवेटेट कोरीडोर के लिये 440 करोड़ रूपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही देवनारायण मंदिर के पास स्टॉप डेम के लिए 1 करोड़ 23 लाख रूपये एवं सांक नदी पर 03 स्टॉप डेम के लिये 2 करोड 72 लाख़ रूपये का बजट में प्रावधान किया गया है। यह बजट प्रावधान ग्वालियर जिले में अन्य विभागों की योजनाओं में दी गई राशि के अतिरिक्त है।

मीडिया टुडे समाचार – घुघरी

जनजातीय कल्याण केंद्र महाकौशल के तत्वाधान में 3 मार्च से घुघरी विकासखण्ड में निःशुल्क विशाल नेत्र शिविर का शुभारंभ ग्राम पंचायत पाटन से

डॉ. पवन स्थापक जबलपुर एवं उनकी कुशल नेत्र विशेषज्ञ की टीम द्वारा निशुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर के आयोजन के सम्बंध की बैठक में घुघरी विकास खण्ड शिविर संयोजक नीरज मरकाम ने विभागों से सामाजिक सेवा कार्य में सहयोग करने की बात कही। इस आयोजन के जिला शिविर संयोजक शैलेश मिश्रा है। बैठक में जनपद पंचायत घुघरी मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय श्रीवास्तव विकासखण्ड घुघरी के सरपंच ,सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाडी कार्यकर्ता,आशा कार्यकर्ता स्वस्थ विभाग ANM आदि उपस्थित रहे।
3 मार्च ग्राम पंचायत पाटन ,4 मार्च ग्राम पंचायत भैसवाहि, 5 मार्च को ग्राम पंचायत सुरेहली, 8 मार्च ग्राम पंचायत बम्हनी में होना है। आप सभी शिविर में जांच हेतु अपना आधार कार्ड साथ मे लेकर सुबह 11 बजे से पंजीयन करवा कर जांच करवाएं ग्राम पंचायत भवन में ही आपकी जांच डॉक्टरों की टीम द्वारा की जायेगी।

पाइप लाइन सुधार हेतु संयुक्त बैठक

घुघरी – ग्राम पंचायत बनेहरी विकासखंड घुघरी में लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की सुधार हेतु जिला पंचायत सदस्य मरकाम के द्वारा तत्काल कलेकटर को सूचना देकर वहां पर जांच करने का निर्देश दिया गया जिसमें आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री ए के जोशी उपयंत्री कुमारी सुमित्रा वीके एवं लोक कल्याण विभाग के सहायक यंत्री श्री द्विवेदी जी एवं सरपंच ग्राम पंचायत बनेहरी सचिव ग्रामवासियों की उपस्थिति में पाइप लाइन सुधार हेतु संयुक्त बैठक की गई जिसमें लोक निर्माण विभाग द्वारा नाली खुदाई कार्य देने हेतु सहमति व्यक्त की गई तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विकासखंड मंडला द्वारा पाइप लाइन बदलने का प्रकरण तैयार कर तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर ग्राम पंचायत को प्रदाय की गई ग्राम पंचायत वार राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण असमर्थता व्यक्त की गई ग्राम पंचायत में राशि उपलब्ध होने के पश्चात पाइप लाइन बदलने कार्य संभव होगा तत्कालिक व्यवस्था हेतु ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन सुधार करे .

घुघरा जल प्रपात एवं लिंगामाल में पर्यटन विकास के लिए 1 करोड़ 29 लाख स्वीकृत : राज्यसभा सांसद संपतिया उईके ने दी जानकारी

मंडला। मध्यप्रदेश शासन पर्यटन विभाग द्वारा मंडला जिले में पर्यटन विकास के लिए चिन्हित किए गए 2 स्थानों के लिए 1 करोड़ 29 लाख 17 हजार रूपए के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इस संबंध में राज्यसभा सांसद संपतिया उईके ने बताया कि जिले में पर्यटन के विकास को ध्यान में रखते हुए जिले से अनेक प्रस्ताव शासन स्तर को प्रेषित किए गए थे जिनमें से वर्तमान में घुघरा जल प्रपात के सौंन्दर्यीकरण तथा लिंगामाल में घाट निर्माण कार्यों के लिए मध्यप्रदेश शासन से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
राज्यसभा सांसद ने बताया कि घुघरा जल प्रपात में दिवस बसेरा, गजीबो, पाथवे, रैलिंग तथा स्टील ब्रिज आदि कार्यों के लिए 53 लाख 56 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार लिंगामाल में नर्मदा तट पर घाट निर्माण, दिवस बसेरा एवं मंगल भवन आदि कार्यों के लिए 75 लाख 61 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। श्रीमती संपतिया उईके ने बताया कि उक्त निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ कराए जाएंगे।

वास्तविक मनुष्य बनने के लिए मानवीय गुणों को अपनाना आवश्यक- सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज

यदि हम वास्तव में मनुष्य कहलाना चाहते हैं तो हमें मानवीय गुणों को अपनाना होगा। इसके विपरीत यदि कोई भी भवना मन में आती है तो हमें स्वयं का मूल्यांकन करना होगा और सूक्ष्य दष्टि से मन के तराजू में तोलकर उसे देखना होगा। यह विचार निंरकारी सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज ने महाराष्ट्र के 54 वें प्रादेशित निरंकारी संत समागम के समापन अवसर पर व्यक्त किए।
सत्गुरू माता सुदीक्षा ने कहा कि यथार्थ मनुष्य बनने के लिए हमें हर किसी के साथ प्यार भरा व्यवहार, सबके प्रति सहानुभूति, उदार एवं विशाल होकर दूसरे के अवगुणों को अनदेखा करते हुए उनके गुणों को गृहण करना होगा। सबको समदृष्टि से देखते हुए एवं आत्मिक भाव से युक्त होकर दूसरों के दुख को भी अपने दुख के समान मानना होगा।
संत निरंकारी मिशन मंडला के मीडिया प्रभारी मनोज वरदानी ने बताया कि यह तीन दिवसीय संत समागम इस वर्ष वर्चुअल रूप में आयोजित किया गया। जिसका सीधा प्रसारण निरंकारी मिशन की वेबसाईट एवं कई टीव्ही चैनलों में किया गया। बताया गया कि समागम के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण एक बहुभाषी कवि दरबार रहा।

जिसका शीर्षक स्थिर से नाता जोड़ के मन का, जीवन को हम सहज बनाएं था। इस विषय पर कई कवियों ने अपनी कविताएं मराठी, हिंदी, सिंधी, गुजराती, भोजपुरी आदि भाषाओं में व्यक्त की। समागम के तीनों दिन महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों तथा आसपास के राज्यों एवं देश-विदेश से भी संतों ने सम्मिलित होकर अपने भावों को अभिव्यक्त किया।  

मार्च से मई तक होंगे ’ब्लॉक आनंदक सम्मेलन परिचय कार्यक्रम’

कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य आनंद संस्थान मध्यप्रदेश राज्य के पंजीकृत आनंदकों से संवाद स्थापित करने तथा समाज में सकारात्मक वातावरण प्रसारित करने के उद्देश्य से ’ब्लॉक आनंदक सम्मेलन परिचय कार्यक्रम’ ऑनलाईन आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यक्रम राज्य आनंद संस्थान की प्रशिक्षित टीम के द्वारा सभी जिलों के ब्लॉक में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जायेगा। यह कार्यक्रम मार्च 2021 से प्रारंभ होकर मई 2021 तक माह के प्रत्येक शुक्रवार,शनिवार एवं रविवार को संपन्न होगा। कार्यक्रम सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से आनलाईन संचालित होने के कारण वर्तमान मौजूदा कोविड-19 संकट में भी सहायक होगा। उपरोक्त कार्यक्रम मंडला जिले में दिनॉक 19 मार्च से 21 मार्च 2021 तक निर्धारित किया गया है।

कलेक्टर ने जारी आदेश में कहा है कि संबधित विकासखंड के शासकीय सेवकों को सहयोग करने हेतु निर्देशित करें तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें एवं कार्यक्रम से संबधितों की जानकारी जिला संपर्क व्यक्ति अध्यात्म विभाग श्री विष्णु कुमार सिंगौर को तत्काल भेजें।

ब्लॉक आनंदक सम्मेलन परिचय कार्यक्रमका उद्देश्य

आनंदक के साथ राज्य आनंद संस्थान का सीधा जुड़ाव स्थापित करना। राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों ने आनंदको को परिचित कराना। सक्रिय आनंदको की पहचान करना। आनंदको के परिवार, साथियों तथा मिलने-जुलने वालो को राज्य आनंद संस्थान के साथ जोड़कर आनंदको की संख्या बढ़ाना। राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों को समाज में बृहद स्तर पर फैलाना। सक्रिय आनंदको द्वारा आपस में समूह बनाकर व्यक्तिगत तौर पर राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना। समाज के व्यक्तियों की सहभागिता बढ़ाना।

ब्लॉक आनंदक सम्मेलन परिचय कार्यक्रमकी प्रकिया

आनंदक-ब्लॉक आनंदक सम्मेलन परिचय कार्यक्रम ऑनलाईन होगें। समस्त कार्यकम-डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर्स एवं मास्टर ट्रेनर्स आनंदम सहयोगी संचालित करेंगे। कार्यक्रमों के आयोजन हेतु टीम का गठन संस्थान द्वारा किया जायेगा। संस्थान द्वारा गठित टीम जिस जिले में कार्यक्रम करेंगी, वहाँ के जिला संपर्क व्यक्ति एवं आनंदम सहयोगी, सक्रिय आनंदको को अपनी टीम में शामिल करेंगी। मध्यप्रदेश को कार्य सुविधा के दृष्टिकोण से पूर्व में सात संभागों क्रमशः इंदौर, भोपाल, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा एवं उज्जैन में बांटा जाकर प्रत्येक संभाग से क्रमानुसार एक-एक जिले का चयन कर चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक जिले में कार्यक्रम संचालित किया जायेगा। इस प्रकार पृथक-पृथक 7 टीमो के द्वारा भिन्न-भिन्न संभागो के 7 जिलो में कार्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे।

कार्यक्रमों के आयोजन का यह प्रथम चरण पूर्ण होने पर द्वितीय चरण में भिन्न-भिन्न संभागों के अन्य 7 जिलो का चयन किया जाकर यह कार्यक्रम आयोजित किये जायंेगे। इस प्रकार कार्यक्रमों का यह चरण निरंतर चलता रहेगा जब तक राज्य के सभी जिलों में एक बार यह कार्यक्रम संपन्न न हो जाये। प्रत्येक जिले में जिला मुख्यालय के स्थान पर ब्लॉक स्तर के आनन्दकों को प्रथमिकता दी जायेगी। कार्यक्रम आयोजन के लिए गठित टीम अपने-अपने संभाग के जिलों मे जिलेवार यथासम्भव ब्लॉक स्तरीय आनंदकों (यथासंभव जिनके साथ पूर्व के कार्यक्रमों में संपर्क नहीं हो सका है) को प्रेरित कर कार्यक्रम में भाग लेने हेतु पंजीयन करायेगी।

परिचय कार्यक्रम में आनंदक प्रतिभागियों के रजिस्ट्रेशन के पश्चात टीम पंजीकृत आनंदकों को कार्यक्रम प्रारंभ होने के एक दिवन पर्व परम्पर नविधा अनुसार समय से मिटिंग-ऐप डाउनलोड करने तथा प्रतिभागियों के शंका समाना जा का प्रशिक्षण मंत्र यदि इस कार्यक्रम में नए आनंदक जो अभी पंजीकृत नहीं है, भी भाग लेना चाहे तो उनको निर्धारित प्रक्रिया अनुसार आनंदक का पंजीयन करा कर शामिल किया जा सकता है। यह कार्यक्रम निःशुल्क रहेगा।

60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाया जा रहा है कोविड टीका : पहले दिन लगा 96 लोगों को टीका

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने जानकारी दी की केन्द्र व राज्य शासन द्वारा कोरोना वैक्सीनेशन का टीका आम जनता को भी लगाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 1 मार्च 2021 से हो गई है। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्ति जिनकी आयु 1 जनवरी 2021 को 60 वर्ष हो रही है वह इस निःशुल्क टीकाकरण हेतु पात्र होंगे। 45 वर्ष से 60 वर्ष आयु के ऐसे व्यक्ति जो गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं वे यदि अपना मेडिकल प्रमाण पत्र लेकर आते हैं तो वे सभी निःशुल्क टीकाकरण के पात्र होंगे। सीएमएचओ ने कहा है कि पात्र व्यक्ति अपने निकटतम टीकाकरण केंद्र में जा कर अपना आधार कार्ड तथा फोटो आईडी साथ जाकर टीकाकरण करा सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 1 मार्च को जी.एन.एम. ट्रेनिंग सेन्टर साईट में 60 से अधिक वर्ष के 96 व्यक्तियों को टीकाकरण किया गया।

18 वर्ष से अधिक की बालिका एवं महिलाओं को निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्वेता तड़वे से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय भोपाल के निर्देशानुसार ’’बेटी बचाओं अभियान’’ अंतर्गत बालिका एवं महिलाओं को निःशुल्क पिंक ड्राइविंका लाईसेंस के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला परिवहन विभाग मण्डला के समन्वय से संचालित किया जाना है। इस अभियान अंतर्गत 18 वर्ष की आयु से अधिक बालिका एवं महिलाओं को निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाना है निःशुल्क पिंक ड्राइविंग लाइसेंस बनाये जाने हेतु निर्धारित दस्तावेज 10 वीं अंकसूची (जन्मतिथि प्रमाण पत्र) वोटर आईडी एवं आधार कार्ड की छायाप्रति एवं 2 फोटो अनिवार्य हैं। कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग जिला पंचायत परिसर मण्डला एवं जिला परिवहन विभाग (आर.टी.ओ.) में तत्काल में उपस्थित होकर अपने संबंधित दस्तावेज कार्यालयीन समय में जमा किये जा सकते हैं एवं अधिक जानकारी हेतु कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी मण्डला प्रथम तल जिला पंचायत परिसर मण्डला से संपर्क कर सकते हैं।

बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में कारगर बन रही ’पोषण वाटिका’

महिला बाल विकास विभाग द्वारा जिले में कुपोषण को दूर करने अनेक प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में सेमफ्री मंडला अभियान तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। पोषण वाटिका बच्चों एवं गर्भवती एवं कमजोर महिलाएं के स्वास्थ्य को बेहतर करने कारगर साबित हो रही है। पोषण वाटिका से मिलने वाली सब्जी और भाजी का उपयोग गर्भवती महिलाओं और सेम/मेम बच्चों के लिए किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र घुघरी की कार्यकर्ता शांति परिहार और सहायिका ने मिलकर पोषण वाटिका बनाई और उसमें उगने वाली भाजी को गर्भवती महिलाओं एवं समूह की महिलाओं को दी ताकि इसका उपयोग बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते और भोजन में किया जा सकें।

ग्राम घुटास में हटाए गए अतिक्रमण

स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण के अंतर्गत 4080 वर्ग फुट क्षेत्र मुक्त

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम घुटास के प.ह.न.-76, रा.नि.म. घुटास में बिछिया-डिण्डौरी मार्ग के दोनो ओर का अतिक्रमण स्थानीय प्रशासन द्वारा हटाया गया। स्थानीय राजस्व अमले से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम घुटास स्थित भूमि खनं. 209 एकड़ 6.51 हे. सड़क रास्ता में सड़क के दोनो ओर कुल 28 व्यक्तियों के कुल 4080 वर्ग फुट क्षेत्र से स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए। वर्तमान वर्ष 2020-21 की गाईडलाईन अनुसार कमर्शियल प्लॉट का ग्राम घुटास का प्रति वर्ग मी. 2600 रू. बाजार मूल्य है और चूंकि सड़क के दोनो सभी के दुकानों के अतिक्रमण हटाए गए। अतः कुल 4080 वर्ग फु. 0.04 हे. लगभग का बाजार मूल्य 10 लाख रूपए लगभग मूल्य की भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई।