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मीडिया टुडे समाचार : मंडला

16 जून को लगाए गए 1512 कोविड टीके

सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आम जनता को एक मार्च 2021 से कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए जिले में 16 जून को 36 केन्द्र बनाए गए। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पात्र हितग्राहियों को 16 जून को शाम 4 बजे तक कुल 1512 टीके लगाए गए।

जिले में आज 1 कोरोना मरीज स्वस्थ हुआ

               मरीजों के द्वारा कोरोना को हराकर स्वस्थ होने एवं घर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में 15 जून की शाम 4 बजे से 16 जून की शाम 4 बजे तक जिले में 1 कोरोना मरीज ने कोरोना को हराकर अपने घर लौटा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ हुए मरीज को कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की समझाईश दी गई।

खाद्यान्न वितरण के लिए 16 से 20 जून तक चलेगा विशेष अभियान

कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशानुसार 16 जून से 20 जून तक विशेष अभियान संचालित कर पीडीएस, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं अस्थायी पात्रता पर्चीधारियों में से शेष हितग्राहियों को राशन वितरण किया जाएगा। इस संबंध में समस्त एसडीएम, सहायक आयुक्त सहकारिता तथा सहायक, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर शेष हितग्राहियों को उक्त समयावधि में विशेष अभियान चलाकर शत प्रतिशत वितरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नैनपुर क्षेत्र के अंतर्गत समितियों में खाद एवं बीज की उपलब्धता संबंधी जानकारी

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नैनपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनपुर तहसील अंतर्गत विभिन्न समितियों में बीज एवं खाद का भंडारण पर्याप्त मात्रा में किया जा चुका है। डी.ए.पी. की खाद की मांग अनुसार पूर्ति अतिशीघ्र व्यवस्था की जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि किसान क्रेडिट कार्ड में खाद-बीज का उठाव करें एवं बीज में शासकीय अनुदान का लाभ उठाते हुए बोनी का कार्य समय पर प्रारंभ कर दें। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा सतत समितियों का निरीक्षण किया जाकर किसानों से अपील की गई है कि संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन पर अधिक उत्पादन की श्रीविधि तकनीक का प्रयोग करें। ताकि अधिक से अधिक पैदावार प्राप्त की जा सके।

16 जून की स्थिति में सहकारी समिति नैनपुर में खाद के अंतर्गत यूरिया 23.7 टन, डीएपी 8.8 टन एवं पोटाश 5.5 टन तथा बीज 1010-17.60 क्वि. सहभागी 33.60 क्वि. उपलब्ध है। इसी प्रकार सहकारी समिति जामगांव में खाद के अंतर्गत यूरिया 75.0 टन, सुपर 30.0 टन एवं पोटाश 5.5 टन तथा बीज 1010-48 क्वि., 1751-33.6 क्वि. उपलब्ध है। इसी प्रकार सहकारी समिति पिंडरई में खाद के अंतर्गत यूरिया 78.0 टन एवं सुपर 74 टन तथा बीज 1010-30 क्वि. उपलब्ध है। इसी प्रकार सहकारी समिति चिरईडोंगरी में खाद के अंतर्गत यूरिया 25.6 टन, डीएपी 1.4 टन एवं सुपर 42.2 टन तथा बीज 1010-25 क्वि., जीआर 81-22 क्वि. उपलब्ध है। सहकारी समिति परसवाड़ा में खाद के अंतर्गत यूरिया 11.3 टन, डीएपी 5.3 टन एवं सुपर 45.1 टन तथा बीज 1010-10.50 क्वि. उपलब्ध है। सहकारी समिति टाटरी में खाद के अंतर्गत यूरिया 17.5 टन, डीएपी 17.6 टन एवं सुपर 50.1 टन तथा बीज 1010-25 क्वि. उपलब्ध है।

जब वर्षा चार इंच हो जाये तब किसान फसलों की बोनी करें

उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा किसानों के लिए एडवाईजरी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिले में 224.700 हजार हे. क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोवनी होगी। इसमें सर्वाधिक धान की फसल-165 हजार हे., मक्का- 11 हजार, कोदो, कुटकी-29, उड़द-3 हजार हे., अरहर-8 हजार, रामतिल-6 हजार एवं अन्य फसल लगभग-3 हजार हे. में लगेगी। जिले में धान की बीज प्राथमिक सेवा सहकारी समितियों में भण्डार कराया जा रहा है जो किसान अपने घरू बीज का उपयोग कर रहे हैं वह बीज की साफ-सफाई, अकुंरण परीक्षण तथा बीज उपचार करके ही खेत में बोवनी करें। खेत में जैविक खाद प्रति हे. 10-12 टन की दर से डालकर खेत की अच्छी तैयारी करें साथ ही अगर नीम की नीबोली उपलब्ध है तो प्रति हे. 25 किलोग्राम की दर से खेत में डाल कर मिट्टी में मिला दें तत्पश्चात फसल की बुवाई करें। इससे दीमक, कीड़े की लारवा आदि नष्ट हो जाते हैं। जब 4 इंच की बारिश हो जाये तब बीज की बुवाई किसान को खेत में करना चाहिये, जिससे बीज का अंकुरण प्रभावित नहीं होगा और सम्पूर्ण बीज उग आयेगा। बीज दर निर्धारित मात्रा में ही उपयोग करें, जिससे फसलों को पानी, हवा, तापमान एवं पोषक तत्व के लिये प्रतिस्पर्धा करनी न पड़े और कीड़े बीमारी से प्रभावित न हो पाये। किसान फसलों के बीज में टीका लगायें इसके बाद ही खेत में बुवाई करें।

किसान बुवाई से पहले बीज का उपचार जरूर करें

उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा बारिश के मद्देनजर किसानों के लिए एडवाईजरी जारी किया गया है। उन्होंने एडवाईजरी में किसानों से कहा कि किसान खरीफ मौसम की फसल बुवाई का समय नजदीक आ गया है। किसान अनुशंसा के अधार पर फसल के बीजों का चयन करें, जिसकी सलाह किसनों को कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा बतायी जाती है। यदि किसान के पास स्वयं का बीज है तो उसका अंकुरण परीक्षण कर लें। 75-80 प्रतिशत यदि बीज का अंकुरण है तभी बीज को खेत के बोनी करें। अगर किसान के पास पिछले वर्ष का हायब्रिड बीज है तो उसका उपयोग नहीं करें। उसकी जगह नयी हायब्रिड बीज खरीद कर बोनी करें। यदि आप बाहर कहीं और से बीज लाते हैं तो विश्वसनीय, विश्वासपात्र संस्था, संस्थान से बीज खरीदें, साथ ही पक्का बिल अवश्य लें एवं स्वयं उसका घर पर अंकुरण परीक्षण करें। किसान अपनी जोत के अनुसार कम से कम दो से तीन किस्मों का चयन कर बोनी करें, जिससे फसलों के नुकसान की संभावना कम रहती है।

उन्होंने कहा कि बीजोपचार हमेशा एफ.आई.आर. के क्रम में (फैजीसाईड, इंसेक्टीसाईड, राईजोबियम) करना चाहिये। इस हेतु जैविक फफूंदनाशक ट्राईकोडर्मा, बिरडी, 5 ग्राम, कि.ग्रा. बीज अथवा फफूंदनाशी थायरम कार्बाेक्सीन 3 ग्राम, कि.ग्रा. बीज या थायरम कार्बेन्डाजिम 2-3 ग्रा., कि.ग्रा. बीज के मान से उपचारित करें। बीज की बुवाई सीडड्रिल से कतार में करना चाहिये या नारी हल के द्वारा बुवाई करें। छिड़काव पद्धति से बुवाई नहीं करें, क्योंकि इसमें बीज दर अधिक लगता है, तथा कीड़े, बीमारी तथा बदरा अधिक जाता है। अतः किसान लाईन से कतार में बोनी कर अधिक उपज प्राप्त करें।

खरीफ पूर्व तैयारी शुरू करने सलाह

               उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश और आगामी मानसून के आगमन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किसान खरीफ के पूर्व तैयारी कर लें। इस साल समय पर मानसून आने की संभावना है। अतः सभी किसान खरीफ से संबंधित अपनी तैयारियों में अवश्य ध्यान दें जैसे- खेत की गहरी जुताई – उत्पादन में स्थिरता की दृष्टि से दो-तीन वर्ष में गहरी जुताई करना लाभप्रद होता है। अतः जिन किसानों ने खेत की गहरी जुताई नहीं की हो तो अवश्य कर लें। उसके बाद बक्खर, कल्टीवेटर एवं पाटा चलाकर खेत तैयार कर लें।

उन्होंने कहा कि खेत में अंतिम बखरनी से पूर्व अनुशंसित गोबर खाद 10 टन प्रति हेक्ट. या मुर्गी खाद 2.5 टन प्रति हेक्ट. की दर से डाल कर खेत में फैला लें। अच्छे उत्पादन के लिए खेत के अनुसार फसल का चुनाव करें। खेत की ऊंची, नीची और मध्यम स्थिति के अनुसार और उस क्षेत्र में लगने वाले कीट, व्याधियों को ध्यान में रखते हुए उन्नत एवं प्रतिरोधी किस्मों का चयन करें। ऊंची जमीन के लिए कम दिन में तैयार होने वाली किस्में, नीचे वाली जमीन के लिए लंबी अवधि वाली और मध्यम जमीन हेतु मध्यम अवधि के किस्मों का चयन करें। सहकारी समितियों एवं बाजार में आधार, प्रमाणित, हायब्रिड एवं उन्नत बीज उपलब्ध हैं। बीज की गुणवत्ता एक प्रमुख बिन्दु है अतः उन्नत बीज लाइसेंसधारी विक्रेता से ही क्रय करें और साथ में पक्का बिल अवश्य लें। यदि स्वयं के पास का बीज उपयोग करते हैं, तो अंकुरण परीक्षण करलें और कम से कम 75 से 80 प्रतिशत अकुंरण क्षमता वाले बीज का प्रयोग करें। बीजों को 17 प्रतिशत नमक के घोल स उपचारित करने पर कमजोर और रोगजनित बीज तैरने लगते है जिन्हें अलग कर डूबे हुये बीजों का बोनी के लिये उपयोग किया जाना चाहिये। यदि विगत वर्ष हायब्रिड बीज का उपयोग किया गया हो तो इस वर्ष उसके बीज का उपयोग न करें। नए बीज का क्रय कर उपयोग किया जाए।

उन्नत किस्मों का उपयोग

धान – जल्दी पकने वाली प्रजातियां – दन्तेश्वरी, जे.आर. -206, जे.आर.-81, सहभागी, एम.टी.यू. 1010; मध्यम अवधि वाली प्रजातियां – क्रांति, महामाया, आई.आर.-64, आई.आर.-35, पूसा बासमति-1, पूसा सुगंधा-5; देर से पकने वाली प्रजातियां – एम.टी.यू. 1001, स्वर्णा। अरहर – राजीवलोचन, आई.सी.पी.एल.-87, आशा, टी.जे.टी.-501 और राजेश्वरी। बचाव के उपाय की तर्ज पर अगर हमें फसलों को रोगों से बचाना है तो बीज को उपचारित करके काम लेना चाहिए। बीजोपचार सबसे पहले बीज को फफूंदनाशी फिर कीटनाशी और सबसे बाद में कल्चर से उपचारित करना चाहिए। इस हेतु जैविक फफूंदनाशक ट्रायकोडरमा विरडी 5 ग्राम प्रति किलो बीज अथवा थायरम $ कार्बाेक्सीन 3 ग्राम प्रति किलो बीज या थायरम $ कार्बेन्डाजिम 3 ग्राम प्रति किलो बीज के मान से उपचारित करें। विगत वर्ष धान में फॉल्स स्मट का प्रकोप अत्याधिक देखा गया था, अतः ट्राइकोडर्मा या अन्य फफूंदनाशक से बीज उपचार करने की सलाह दी जाती हैं। भूमि उपचार करने से भूमि जनित रोगो और कीटों की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। ट्राइकोडर्मा 2.5 किलो प्रति हेक्टर को 50 किलो गोबर खाद या वर्मीकम्पोस्ट में मिलाकर मिट्टी में मिलाने की सलाह दी जाती है। धान में छिटकवां विधि से बुआई न करने की सलाह दी जाती हैं। कतार बोनी, रोपा और श्री विधि से धान की रोपाई करने से अधिक उत्पादन प्राप्त होता हैं। खरीफ सीजन हेतु उर्वरक एवं बीज आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के यहां भण्डारित है। किसान भाइयों से आग्रह है कि पूर्व में ही रकबे के अनुसार उर्वरक का अग्रिम भण्डारण कर ले ताकि बाद में यूरिया या अन्य उर्वरक की कमी का सामना न करना पडे़। यूरिया और डी.ए.पी. के अलावा अन्य विकल्प जैसे एन.पी.के. ओर एस.एस.पी. भी उपलब्ध है जिनका उपयोग करने की सलाह दी जाती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में पाये गये तत्वों की कमी या अधिकता के अनुसार अनुशंसित मात्रा में ही उर्वरक का उपयोग करें। बागवानी की खेती के लिए भी तैयारी कर लें। रोपण के लिए अंकुरित पौधों के लिए बारिश पूर्व गड्डे तैयार कर लें। रोपाई के दौरान गड्ढों को भरने हेतु गोबर खाद और उर्वरक की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। बारिश पूर्व जानवरों का टीकाकरण अवश्य करवा लें। टीकाकरण कराने से बीमारियों से जानवर प्रभावित नहीं होता है।

जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबधंन कंट्रोल रूम स्थापित

जिला आपदा प्रबंधन के अंतर्गत मानसून सत्र 2021 में वर्षाकाल के दौरान बाढ़, अतिवृष्टि की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिला स्तर पर कार्यालय कलेक्टर मण्डला के अधीक्षक कक्ष में जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबधंन कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख राकेश खम्परिया मो.नं. 9425359361 को कंट्रोल रूम का प्रभारी अधिकारी एवं देवेन्द्र सिंगौर, राजस्व निरीक्षक भू-अभिलेख मो.नं. 9424340912 को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधीक्षक कक्ष, कार्या, कलेक्टर में जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित है। कंट्रोल रूम का दूरभाष क्रमांक 07642-251079 है।

स्थापित आपदा प्रबधंन कंट्रोल रूम सम्पूर्ण वर्षाकाल में 24 घंटे कार्यरत रहेगा जिसमें सहायक कर्मचारियों की ड्यूटी पृथक से लगाई गई है। वर्षाकाल में आपदा प्रबंधन एवं अतिवृष्टि, बाढ़ इत्यादि से संबंधित जानकारियाँ, सूचनाएँ आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में प्राप्त की जायेगी। कंट्रोल रूम में आने वाली समस्त जानकारियों से प्रभारी अधिकारी पूर्णतः अवगत रहेंगे तथा बाढ़, वर्षा एवं क्षति से संबंधित प्रतिदिन अद्यतन जानकारी रखेगें तथा रजिस्टर संधारित करेंगे तथा यथास्थिति जानकारी उच्चाधिकारियों एवं राहत आयुक्त कार्यालय को भेजने हेतु जिम्मेदार होगें।

मलेरिया, डेंगू एवं चिकुनगुनिया से बचाव के लिए जानकारी व अपील

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने आमजन से अपील कि है कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए मच्छरों की वृद्धि रोकने के लिये अपने घर व आसपास पानी इकटठा नहीं होने दें। पात्रों में भरा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। मच्छरों से बचाव करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छर भगाने वाले साधन जैसे- क्रीम, क्वाइल, रिपेलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें। टायर, कबाड़ सामान ढंक कर रखें इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें। बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करायें। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में जगह-जगह पानी इकट्ठा हो जाता है तथा हमारे घर व आस-पास पानी कन्टेनर व कबाड़ सामान, टायर, टंकी, मटके, गमले, कूलर इत्यादि में जमा पानी में मच्छर अंडे देकर वृद्धि करते हैं। जिनके काटने से मलेरिया डेंगू चिकुनगुनिया बीमारी फेलने की संभावना होती है। अतः ऐसे जलपात्रों में भरा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें जिससे इनमें पनप रहे मच्छर के लार्वा नष्ट हो जाते हैं व मच्छरों की वृद्धि रुक जाती है। मच्छर से फैलने वाले मलेरिया में सामान्यतः बुखार, कमजोरी हाथ पैर में दर्द, उल्टी आना जैसे लक्षण हो सकते हैं तथा डेंगू, चिकुनगुनिया बीमारी संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार सिर व आंखों में दर्द, हाथ पैर में दर्द, उल्टी आना, शरीर पर चकत्ते आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में निःशुल्क खून जांच व स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिए। तथा चिकित्सकीय परामर्श से दवा का पूर्ण सेवन करना चाहिये। डेंगू व चिकुनगुनिया की जांच जिला चिकित्सालय मण्डला में उपलब्ध है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वारथ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह के निर्देशानुसार वर्षाकाल के दौरान मच्छरों से फलने वाली वाहक जनित बीमारी मलेरिया डेंगू चिकुनगुनिया से बचाव के लिये फील्ड में कार्यरत अमला ग्राम में लार्वा सर्वे व बुखार के रोगियों की जांच कर रहे है तथा वाहक जनित रोग- मलेरिया, डेंगू चिकुनगुनिया से बचाव व रोकथाम के लिए लोगों को जानकारी देकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। जनजागरुकता व सहयोग से मच्छर जनित बीमारी से बचाव संभव है।

’’मलेरिया निरोधक माह के मद्देनजर प्रथम चक्र कीटनाशक छिड़काव की सूचना’’

जिला मलेरिया अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के मलेरिया प्रभावित हाई रिस्क 10 चयनित ग्रामों विकासखण्ड नैनपुर के ग्राम भड़िया, अमझर रैयत, बिछिया के हर्राभाटमाल नारायणगंज के कोंडरा, सिघनपुरी, भालीवाड़ा, बीजाडांडी के मुइयानाला, पौंड़ी रैयत, देहना, निवास के करौंदी में कीटनाशक छिड़काव कार्य दो चक्रों में संपन्न किया जायेगा। प्रथम चक्र कीटनाशक छिड़काव 16 जून 2021 से प्रारंभ हो चुका है जो 18 जून 2021 तक ब्लाक बिछिया के ग्राम हर्राभाट माल में कीटनाशक छिड़काव कार्य किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी रामशंकर साहू एवं जिला टीम द्वारा ग्राम हर्राभाट माल में छिड़काव कार्य का निरीक्षण किया गया एवं आवश्यक निर्देश दिये गये। ग्रामवासियों से अपील की गई है कि अपने घरों के समस्त कमरों में छिड़काव कार्य कराकर वाहक जनित रोंगों के नियंत्रण में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें।

कलेक्टर ने किया चिरईडोंगरी, घटेरी, खिरखिरी एवं पिंडरई का दौरा

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने नैनपुर क्षेत्र के अंतर्गत चिरईडोंगरी, घटेरी, खिरखिरी एवं पिंडरई का दौरा किया। उन्होंने चिरईडोंगरी में खाद एवं बीज सोसायटी का औचक निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि खाद एवं बीज की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित रखें। इसी प्रकार खाद एवं बीज के लिए निर्धारित कीमत तथा उपलब्धता की जानकारी सभी सोसायटी एवं दुकानों में चस्पा कराएं। श्रीमती सिंह ने कहा कि खाद एवं बीज का विक्रय निर्धारित कीमत पर ही सुनिश्चित करें। उन्होंने सेल्समैन से पीओएस मशीन तथा स्टॉक रजिस्टर के संबंध में जानकारी मांगी। इस दौरान उन्होंने उपस्थित किसानों से चर्चा करते हुए उनकी समस्याएं तथा फसल बोनी के संबंध में चर्चा की।

कलेक्टर ने घटेरी में बैगा आदिवासियांे सहित युवाओं को कोविड वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सभी व्यक्ति कोविड वैक्सीन जरूर लगाएं। उन्होंने ग्रामीणों से पेयजल, बिजली, पीडीएस वितरण, मनरेगा, भुगतान तथा स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। श्रीमती सिंह ने बैगा आदिवासियों को दी जाने वाली पेंशन के संबंध में भी चर्चा की। सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह ने स्थानीय लोगों को वैक्सीनेशन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी एवं उनकी भ्रांतियों को दूर किया। भ्रमण के दौरान सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, एडीएम मीना मसराम, एसीईओ श्री मरावी, एसडीएम नैनपुर शिवाली सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

श्रीमती सिंह ने खिरखिरी में ग्रामीणों से चर्चा कर खाद एवं बीज के बारे में चर्चा की। उन्होंने क्षेत्र में डॉक्टरों तथा एम्बूलेंस की उपलब्धता के संबंध में भी जाना। उन्होंने कहा कि खाद एवं बीज की कालाबाजारी न हो। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने तथा कम से कम रासायनिक खाद के प्रयोग करने की समझाईश दी। कलेक्टर ने पिंडरई के बाजार क्षेत्र में स्थित सोसायटी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने खाद एवं बीज की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित कीमत पर ही खाद एवं बीज का विक्रय सुनिश्चित करें। इसी प्रकार खाद एवं बीज की कालाबाजारी करने वाले पर कड़ी कार्यवाही करें।

पिंडरई आरोग्य केन्द्र का निरीक्षण, वैक्सीनेशन की ली जानकारी

               कलेक्टर हर्षिका सिंह ने पिंडरई आरोग्य केन्द्र का निरीक्षण करते हुए कोविड वैक्सीनेशन की स्थिति जानी। उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन के लिए आने वाले व्यक्तियों का वैक्सीनेशन के पूर्व स्वास्थ्य जांच अवश्य करें। इसी प्रकार वैक्सीनेशन के बाद उनके स्वास्थ्य पर निगरानी जरूर रखें। उन्होंने 18, 45 तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को अब तक लगाए गए टीकाकरण के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने टीके का प्रथम डोज लगा लिया है उन्हें द्वितीय डोज लगाने के लिए भी प्रेरित करें। इस दौरान उन्होंने आरोग्य केन्द्र में दवाईयों की उपलब्धता एवं स्टॉक पंजी का निरीक्षण भी किया।

कलेक्टर ने बच्चों के लिए बनाए गए कोविड केयर सेंटर का किया निरीक्षण

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों के मद्देनजर तन्खा मेमोरियल स्कूल में बच्चों के लिए बनाए गए कोविड केयर सेंटर का जायजा लिया। उन्होंने सेंटर में बच्चों के लिए सभी जरूरी इंतजामों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर में बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके मनोरंजन से संबंधित सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखें। श्रीमती सिंह ने सेंटर में बच्चों के परिजनों के लिए बनाई गई अलग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह को बच्चों के लिए स्वास्थ्य, जरूरी उपकरण एवं दवाईयों की उपलब्धता के बारे में जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं से संतोष जताया तथा शिक्षा तथा महिला बाल विकास विभाग की सराहना की।

श्रीमती सिंह ने कोविड केयर सेंटर में 3 पहिया एम्बूलेंस के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने एम्बूलेंस के संचालन के संबंध में भी जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम मीना मसराम, जिला कोविड प्रभारी सुनील यादव, जिला टीकाकरण अधिकारी श्री झारिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्वेता तड़वे, नगरपालिका उपाध्यक्ष गिरीश चंदानी, डीपीसी श्री वर्मा, एपीसी उपाध्याय, श्री दुबे, संजय तिवारी, रोटरी क्लब के सदस्य, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं चिकित्सक तथा संबंधित उपस्थित थे।

कलेक्टर ने जंतीपुर क्षेत्र में बैगा आदिवासी एवं ग्रामीणों को वैक्सीनेशन के लिए किया प्रेरित

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने बैगा बाहुल्य क्षेत्र जंतीपुर के पास झण्डाटोला एवं कुदईटोला पहुंचकर ग्रामीणों को कोविड वेक्सिनेशन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीणों से कोविड वैक्सीनेशन के बारे में चर्चा की। उन्होंने बैगा महिलाओं से चर्चा करते हुए कहा कि कोविड वेक्सिनेशन पूरी तरह सुरक्षित है तथा कोरोना से बचाव के लिए लिए कारगर उपाय हैं। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी वैक्सीनेशन के संबंध में भ्रांतियों के बारे में जाना तथा उनका निराकरण भी किया। कलेक्टर ने स्थानीय सरपंच, सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता को भी समझाइश दी कि वे स्वयं पहले अपना कोविड वेक्सीनेशन कराएं। इसके पश्चात् ग्रामीणों को भी कोविड वेक्सीनेशन करने प्रेरित करें। कलेक्टर ने जंतीपुर में कोविड टीकाकरण कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को कोविड वेक्सिनेशन के लिए प्रेरित कर उनका वैक्सीनेशन कराएं। इस दौरान अपर कलेक्टर मीना मसराम, एसडीएम मंडला पुष्पेन्द्र अहके, आदिवासी विकास विभाग से रंजीत गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

शिविर लगाकर दें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ

               कलेक्टर हर्षिका सिंह ने झण्डाटोला एवं कुदईटोला भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से निःशुल्क पीडीएस वितरण, पेयजल समस्या, आगनवाड़ी, पोषण आहार वितरण, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा तथा अन्य रोजगार मूलक कार्यों के संबंध में चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में विभिन्न योजनाओं का लाभ देने एवं पात्र हितग्राहियों को चिन्हित करने कैम्प लगाएं। साथ ही बैगा समुदाय के प्रत्येक घर का पात्र योजनाओं के अनुसार सर्वे भी सुनिश्चित करें। शिविर आयोजित कर विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को चिन्हित करें तथा ऐसे हितग्राहियों को संबंधित योजना का लाभ भी देना सुनिश्चित करें।

बॉडी को फिट रखने बढ़ रहा साइकिलिंग का क्रेज

फिटनेस मेंटेन रखने के साथ शहर वासी उठा रहे ग्रीनरी का भी लुत्फ़

स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर से ही सकारात्मक विचार आते हैं । फिट बॉडी और गुड हेल्थ अगर चाहिए तो दिन की शुरुआत भी एक्सरसाइज से होनी चाहिए। शहर में इस समय साइकिलिंग करने का उत्साह बढ़ता जा रहा है, साइकिलिंग के सफर में लोग लंबी दूरी तय कर रहे हैं और साइकिलिंग बॉडी को फिटनेस रखने में काफी सहायक है । साइकिलिंग के शौकीन लगभग 10 से 20 किलोमीटर भी रोजाना साइकिलिंग करके बॉडी की इम्युनिटी बढ़ा रहे हैं और इससे दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है ।आज के समय में फिट रहने के लिए व्यायाम, साइकिलिंग बेहद आवश्यक हो गया है ।देखा जा रहा है इस समय सुबह साइकिलिंग करने वालों का उत्साह बढ़ता जा रहा है । इसके अलावा साइकिलिंग हृदय रोगों के खतरे को भी कम करता है,डायबिटीज के मरीजों को रोजाना साइकिल चलाने की सलाह दी जाती है इसके साथ ही एक रिसर्च के अनुसार साइकिलिंग से डिप्रेशन से छुटकारा पाया जा सकता है ।

लॉकडाउन में सारी आउटडोर गतिविधियां लॉक होने से शारीरिक रूप से हम सभी शिथिल होने लगे थे मैं प्रतिदिन अपने मित्र या पापा के साथ लगभग 20 किमी साइकिलिंग करता हूं, जिससे पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है। सुबह की शुद्ध एवं ताजी हवा में साइकिलिंग करने से एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि साइकिलिंग करने से न सिर्फ मेरे फेफड़े मज़बूत हुए हैं बल्कि मै शारीरिक रूप से पूर्ण रूप से स्वस्थ और फिट हुआ हूँ।

आकर्ष दुबे

मैं लगभग चार साल से साइकिलिंग कर रहा हूँ। साइकिलिग करने से शरीर में कॉलेस्ट्रॉल और ब्लडप्रेशर कंट्रोल रखने में मदद मिलती है और शरीर के वजन को नियंत्रित करने में सहायक है ।साइकिलिंग के अन्य फायदे मानसिक तनाव दूर होता है एवं दिन भर शरीर में फिटनेस महसूस होती है,शरीर का इम्यूनिटी पावर बढ़ता है ,शरीर को निरोगी रखने में बेहतर विकल्प है। इससे बचपन के दिनों की यादें ताजा होती हैं इसके साथ ही साइकिलिंग पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में सहायक है ।

राजेश पाठक

साइकिलिंग मेरा शौक है और लगभग चार सालों से रोजाना 15 से 20 किमी साइकिलिंग करता हूँ। सुबह सायकिल चलाने से नियमित व्यायाम होता है,और बचपन की यादें तरोताजा होती हैं एवं बच्चों को इससे प्रेरणा मिलती है,आज की इस भाग दौड़ की जिंदगी में कुछ सुकून के पल मिलते हैं।सायकल चलाने से तनाव मुक्त होते हैं एवं आत्मिक संतुष्टि मिलती है । बेहतर फिटनेस और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए साइकिलिंग करने वालों में दिन प्रतिदिन इजाफा हुआ है।

मयंक साहू

मैं लगभग दो साल से रोजाना 15 किमी साइकिलिंग करता हूँ और दिन भर फिटनेस महसूस करता हूँ। दौड़ने की तरह, साइकिल चलाना भी एक मजेदार और फायदेमंद गतिविधि है, जो एक फिटनेस आहार के रूप में लगातार लोकप्रियता हासिल कर रही है। फायदे कई हैं बीमारियों को दूर रखते हुए फिटनेस और सहनशक्ति के स्तर का निर्माण, और वजन घटाने और पैरों में ताकत बढ़ाने के लिए एक महान व्यायाम के रूप में कार्य करना।

युवराज परते

रितेश पमनानी , मंडला

शहर समता विचार मंच मंडला की काव्यगोष्ठी सम्पन्न

मण्डला । शहर समता विचार मंच.मण्डला मध्यप्रदेश इकाई की महिला काव्य गोष्ठी जिलाध्यक्ष श्रीमती अर्चना जैन के संयोजन मे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती रचना सक्सेना प्रयाग राज की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई ।इस काव्यगोष्ठी की मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवियित्री प्रेमा राय लखनऊ, संपादकीय मुख्य अतिथि, श्री उमेश श्रीवास्तव जी बनारस एवं विशिष्ट अतिथिप्रदेश अध्यक्ष उमा मिश्रा जी जबलपुर रही।

यह काव्य गोष्ठीअपरान्ह 4 बजे से साढ़े छः बजे तक चली जिसका शुभारंभ अध्यक्षता कर रही रचना सक्सेना   द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती की मूर्ति में माल्यार्पण द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना की सुंदर प्रस्तुति अनीता गोयल द्वारा की गयी। काव्य गोष्ठी का कुशल संचालन अर्चना जैन ने किया। इस काव्य गोष्ठी में अनीता दुबे- त्राहिमाम नर्मदे हर वाणी बोली है, सरोज पांडेय-मुझे अनजानों को सौंप दिया, अनीता खत्री-मन के कागज पर, प्रीति दुबे-बचा लो पर्यावरण, डॉ इन्दु मिश्र-समय चक्र की लीला अदभुत, सविता मोदी-दुश्मन को जीतेंगे, प्रतिमा बाजपेयीनर्मदा हमे प्राण से प्यारी, अनीता गोयल-ऐसा भी होता है, सरिता अग्निहोत्री -खुद विकसित होना बाकी है, इन्दु जैन -अनाथ माँ, नवनीता दुबे नूपुर-मौसम तो आते जाते हैं, कल्पना पांडेय-आखिर मैं कौन हूँ, योगिता चौरसिया-आशा का दीप, निशि मिश्रा-गिरह में बांध के सपने, मनोरमा दीक्षित-लाल चुनरिया लहराई ,अर्चना जैन -कौरव ने बाजी मारी है, उमा मिश्रा, प्रेमा राय, उमेश श्रीवास्तव एवम रचना सक्सेना जी ने अपनी सुंदर रचनाओं की प्रस्तुति द्वारा आयोजन में चार चांद लगा दिये।

जिसमे उमेश श्रीवास्तव जी ने संगठन के उद्देश्य और सिद्धांतों पर आवश्यक जानकारी पटल पर पढ़ी।अध्यक्ष रचना सक्सेना ने बहुत ही प्रेरणा दायक अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि समग्र भारत की विदुषी रचनाकारों को मंच प्रदान कर उनका उत्साह वर्धन ही संस्था का उद्देश्य है।मुख्य अतिथि प्रेमा राय ने बहुत ही सकारात्मक उद्बोधन में सारी नारी शक्ति की चेतना को प्रणाम किया।प्रदेश अध्यक्ष और कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ने कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा में कहा कि अर्चना जैन के संयोजन और संचालन में बहुत ही शानदार कार्यक्रम हुआ।उन्होंने सभी रचनाकारों को बहुत प्रोत्साहित किया। धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष अर्चना जैन ने किया।

क्या है संगठन … विजय गुप्ता

       एक आदमी था, जो हमेशा अपने संगठन में सक्रिय रहता था,  उसको सभी जानते थे, बड़ा मान सम्मान मिलता था; अचानक किसी कारण वश वह निष्क्रीय रहने लगा, मिलना – जुलना बंद कर दिया और संगठन से दूर हो गया।

       कुछ सप्ताह पश्चात् एक बहुत ही ठंडी रात में उस संगठन के प्रमुख ब्यक्ति ने उससे मिलने का फैसला किया । संगठन प्रमुख उस आदमी के घर गया और पाया कि आदमी घर पर अकेला ही था। एक अंगीठी  में जलती हुई लकड़ियों की लौ के सामने बैठा आराम से आग ताप रहा था। उस आदमी ने आगंतुक प्रमुख का बड़ी खामोशी से स्वागत किया।

        दोनों चुपचाप बैठे रहे। केवल आग की लपटों को ऊपर तक उठते हुए ही देखते रहे। कुछ देर के बाद प्रमुख ने बिना कुछ बोले, उन अंगारों में से एक लकड़ी जिसमें लौ उठ रही थी (जल रही थी) उसे उठाकर किनारे पर रख दिया। और फिर से शांत बैठ गया।

      मेजबान हर चीज़ पर ध्यान दे रहा था। लंबे समय से अकेला होने के कारण मन ही मन आनंदित भी हो रहा था कि वह आज अपने संगठन के प्रमुख के साथ है। लेकिन उसने देखा कि अलग की हुई लकड़ी की आग की लौ/ज्योति  धीरे- धीरे कम हो रही है। कुछ देर में आग बिल्कुल बुझ गई। उसमें कोई ताप नहीं बचा। उस लकड़ी से आग की चमक जल्द ही बाहर निकल गई।

          कुछ समय पूर्व जो उस लकड़ी में उज्ज्वल प्रकाश था और आग की तपन थी वह अब एक काले और मृत टुकड़े से ज्यादा कुछ शेष न था।

          इस बीच.. दोनों मित्रों ने एक दूसरे का बहुत ही संक्षिप्त अभिवादन किया, कम से कम शब्द बोले। जाने  से पहले मुखिया ने अलग की हुई  बेकार लकड़ी को उठाया और फिर से आग के बीच में रख दिया। वह लकड़ी फिर से सुलग कर लौ/ज्योति  बनकर जलने लगी और चारों ओर रोशनी तथा ताप बिखेरने लगी।

         जब आदमी, मुखिया को छोड़ने के लिए दरवाजे तक पहुंचा तो उसने मुखिया से कहा मेरे घर आकर मुलाकात करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।

आज आपने बिना कुछ बात किए ही एक सुंदर पाठ पढ़ाया है कि अकेले व्यक्ति का कोई अस्तित्व नहीं होता, संगठन का साथ मिलने पर ही वह चमकता है और रोशनी बिखेरता है ; संगठन से अलग होते ही वह लकड़ी की भाँति बुझ जाता है।

        संगठन  ही हमारी पहचान बनती है,हमारी मूल शक्ति है, इसलिए संगठन हमारे लिए सर्वोपरि होना चाहिए ।

 संगठन के प्रति हमारी निष्ठा और समर्पण किसी व्यक्ति के लिए नहीं, उससे जुड़े विचार के प्रति होनी चाहिए ।

         संगठन किसी भी प्रकार का हो सकता है , पारिवारिक, सामाजिक, व्यापारिक (शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संस्थान )  सांस्कृतिक इकाई, सेवा संस्थान आदि।

 संगठनों घर परिवार के बिना मानव जीवन अधूरा है, अतः हर क्षेत्र में जहाँ भी रहें, संगठित रहे एकता से रहे .

विजय गुप्ता , प्रतिष्ठित व्यापारी , मंडला

मीडिया टुडे समाचार : मंडला

नेशनल लोक अदालत 10 जुलाई को

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2021 की आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 10 जुलाई 2021 को सम्पूर्ण देश में किया जाना है। इसी तारतम्य में जिला मण्डला में जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आर0सी0 वार्ष्णेय के निर्देशन में एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रकाश कसेर के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी प्रकार के राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल प्रकरण, विद्युत प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण प्रकरण, भरण-पोषण, चैक बाउन्स, श्रम, राजस्व (जिला न्यायालय एवं मान. उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण) पारिवारिक वैवाहिक मामले न्यायालय के प्रकरणों के साथ-साथ, भू-अर्जन, बैंक, नगरपालिका, बी0एस0एन0एल0, श्रम विभाग, विद्युत विभाग के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। उक्त नेशनल लोक अदालत के आयोजन के लिए समस्त न्यायालय एवं संबंधित सभी विभागों को आगामी नेशनल लोक अदालत के आयोजन की सूचना दी जा चुकी है तथा समस्त न्यायालयों में प्रकरणों को चिन्हित किये जाकर राजीनामा कराये जाने की तैयारियां आरंभ हो चुकी है।

नेशनल लोक अदालत के आयोजन हेतु न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के प्रकरणों को चिन्हित किये जाने हेतु आपस में चर्चायें की जाकर अधिक से अधिक प्रकरणों को पूर्व से ही चिन्हित कर उसमें नोटिस जारी कराया जाकर पक्षकारगणों को बुलाया जाने हेतु निर्देशित किया है, जिससे अधिक से अधिक प्रकरणों को उक्त नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत कराया जा सके। नगरपालिका के संपत्तिकर एवं जलकर के प्रकरणों में वर्ष 2021 की नेशनल लोक अदालत में विशेष छूट प्रदान की गई है।

अंकुर कार्यक्रम के अंतर्गत जनसहभागिता द्वारा वृहद वृक्षारोपण अभियान

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के हर एक क्षेत्र में पर्यावरण को स्वच्छ रखने व प्रकृति को प्राणवायु से समृद्ध करने के उद्देश्य से जनसहभागिता के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण हेतु अंकुर कार्यक्रम की अवधारणा तैयार की गई है। राज्य शासन द्वारा अंकुर कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए म.प्र. शासन की पर्यावरण विभाग की संस्था पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) भोपाल को नोडल एजेंसी का दायित्व सौंपा गया है। कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण के लिए जन सामान्य के प्रोत्साहन हेतु जिलेवार चयनित विजेताओं को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा प्राणवायु अवार्ड से सम्मानित कर प्रमाण पत्र प्रदान की जायेगी। कार्यक्रम में सहभागिता के लिए प्रतिभागियों को गूगल प्ले स्टोर से वायुदूत ऐप डाउनलोड कर पंजीयन करना होगा। प्रतिभागियों को स्वयं के संसाधन से कम से कम एक वृक्ष का रोपण कर पौधे की फोटो ऐप के माध्यम से लेकर अपलोड की जाना है। वृक्षारोपण के 30 दिन पश्चात पुनः नवरोपित पौधे की नवीन फोटो ऐप पर अपलोड कर प्रतिभागी सहभागिता प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।

जिले में जन अभियान परिषद के वॉलेंटियर्स, महाविद्यालयों के इको क्लब प्रभारी तथा राष्ट्रीय हरितकोर (एनजीसी) योजना के मास्टर ट्रेनर में से वेरीफायर्स नामांकित कर सत्यापन कराया जाना है। जिले में प्राप्त प्रविष्टियों एवं क्षेत्रीय आवश्यकता के आधार पर जन अभियान परिषद के वॉलेंटियर्स को वेरीफायर्स नामांकित कर वायुदूत ऐप पर जिला स्तरीय वेरीफायर्स की सूची में सम्मिलित किया जाना है। जिला स्तर पर कुल प्राप्त ग्रामीण व शहरी क्षेत्र का प्रविष्टियां कर 10 प्रतिशत अथवा 200 जो भी कम हो का रेंडम आधार पर जिला स्तर पर नामांकित वेरीफायर्स से सत्यापन कराया जाना है। जिला कलेक्टर इस कार्य हेतु जिले के वरिष्ठ अधिकारी को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। जिला नोडल अधिकारी द्वारा आवश्यकता अनुसार स्थानीय वेरीफायर्स का नामांकन कर वायुदूत एप में प्रविष्टि की जाना है तथा चयनित प्रतिभागियों के वृक्षारोपण के सत्यापन कार्य नामांकित वेरीफायर्स को आवंटित कर सत्यापन कराया जाना है। सत्यापन उपरांत वायुदूत एप पर सत्यापन रिपोर्ट की प्रविष्टि भी करवाई जाना है। चयनित विजेताओं का सत्यापन नोडल अधिकारी द्वारा वेरिफायर के माध्यम से करवाकर विजेताओं की सूची वायुदूत एप में अपलोड की जायेगी। समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि अपने-अपने विभाग अंतर्गत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों से तथा खंड स्तरीय अमला को योजना का प्रचार-प्रसार एवं योजना की सहभागिता दिये गये निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही करें। साथ ही अंकुर कार्यक्रम के अंतर्गत जनसहभागिता के साथ साथ अपने-अपने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वृहद वृक्षारोपण अभियान के वृक्षारोपण कराते हुए वायुदूत ऐप में अपलोड कराने की सुनिश्चितता करते हुए नोडल अधिकारी सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग मंडला को शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे।

मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त तक प्रतिबंधित

               मध्यप्रदेश नदीम मत्स्योद्योग 1972 की धारा 3(2) के अंतर्गत प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट एवं मत्स्य परिवहन प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में कलेक्टर हर्षिका सिंह द्वारा आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के उल्लंघनकर्ता को एक वर्ष तक कारावास व 5 हजार रूपए तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है। छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी, नाले से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा में नहीं लाया गया है को छोड़कर जिले के समस्त निर्दिष्ट जलक्षेत्रों में मत्स्याखेट पर उक्त अवधि में पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंधित अवधि में मत्स्याखेट करना, मत्स्य परिवहन करना एवं मत्स्य का विक्रय करना दण्डनीय अपराध है।

जिले में अब तक 117.3 मिमी. औसत वर्षा दर्ज

जिले में इस वर्ष एक जून से 14 जून के दौरान 117.3 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 96.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 20.7 मिलीमीटर अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जून को मण्डला तहसील में 9.8 मिमी., नैनपुर में 0, बिछिया में 1.2, निवास में 3.4, घुघरी में 0 तथा नारायणगंज में 3.5 मिमी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार जिले में 14 जून को 2.9 औसत वर्षा दर्ज की गई है।

मूंग एवं उड़द का उपार्जन आज से

भारत सरकार की प्राइम सपोर्ट स्कीम एवं मूल्य स्थिरीकरण कोष योजना अंतर्गत वर्ष 2020-21 (विपणन वर्ष 2021-22) ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन 15 जून से 31 जुलाई तक उपार्जन किया जाना है। कृषक बंधुओं से अपील की गई है कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मण्डला (बड़ी खैरी), नैनपुर, रामनगर, बबलिया, नारायणगंज, अंजनिया तथा मोहगांव में पंजीयन कराकर अपनी ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच कर योजना का लाभ उठायें। कृषक द्वारा बोये गए रकबे का पंजीयन पोर्टल पर दर्ज करने के बाद पूर्व की भांति पोर्टल पर पंजीयन रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा पंजीयन के साथ-साथ रकबे का सत्यापन भी किया जायेगा।

कोरोना अपडेट : मंडला

जिले में आज 1 कोरोना मरीज स्वस्थ हुआ

               मरीजों के द्वारा कोरोना को हराकर स्वस्थ होने एवं घर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में 13 जून की शाम 4 बजे से 14 जून की शाम 4 बजे तक जिले में 1 कोरोना मरीज ने कोरोना को हराकर अपने घर लौटा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ हुए मरीज को कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की समझाईश दी गई।

14 जून को लगाए गए 1198 कोविड टीके

सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आम जनता को एक मार्च 2021 से कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए जिले में 14 जून को 35 केन्द्र बनाए गए। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पात्र हितग्राहियों को 14 जून को शाम 4 बजे तक कुल 1198 टीके लगाए गए।

किल कोरोना-4 अभियान के तहत् घर-घर पहुंच रही टीम

482 पंचायतों में एक भी एक्टिव केस नहीं

               स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में किल कोरोना-4 अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत् महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पंचायत ग्रामीण विकास व नगरीय विकास विभाग के अमले द्वारा गतिविधियां की जा रही है। इस अभियान के तहत् स्वास्थ्य कार्यकर्ता ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में गृहभेंट कर स्क्रीनिंग करेगी तथा सर्दी, खांसी, जुकाम के रोगियों को चिन्हित कर, स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारियों के दलों द्वारा जिन ग्रामों में एक्टिव केसों की संख्या होगी वहां सर्वे किया जा रहा है।                           

         इन दलों के अलावा सुपरवाइजर्स के दल भी तैनात किए गये हैं जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के दलों की मॉनिटरिंग करेंगे। सुपरवाइजर्स के दल को जुकाम, खांसी, बुखार जैसे रोगों से संबंधित उपचार के लिए एन्टीबायोटिक टेबलेट, एन्टी पायरेटिक, एन्टासिड, विटामिन व इम्यूनिटी बूस्टर टेबलेट के साथ-साथ सेनेटाइजर, नॉन कान्टेक्ट थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर जैसे उपकरण भी दिए गए हैं। सुपरवाइजर्स के दल मरीजों में रोगों के लक्षणों के आधार पर दवाई वितरित करेंगे तथा गोलियां सेवन करने की विधि समझायेंगे। आवश्यकता होने पर कोविड के संभावित रोगियों का टेस्ट फीवर क्लीनिक के माध्यम से कराया जायेगा। कोविड मरीजों को होम क्वारेंटीन रहने की सलाह दी जायेगी तथा यदि घर में जगह नहीं है तो संस्थागत क्वारेंटिन किया जायेगा। 13 जून को सर्वे दलों द्वारा अब तक 145173 जनसंख्या का सर्वे किया जा चुका है जिसमें संदेहास्पद 212 व्यक्तियों को चिन्हित कर मेडिसन किट वितरण किया गया है। अब तक कुल कोरोना पॉजीटिव 4 व्यक्ति चिन्हाकित किये गये हैं। 482 पंचायतों में एक भी एक्टिव केस नहीं है।