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महिला हेल्पलाइन 181 के प्रचार हेतु जागरूकता शिविर का आयोजित

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजना अंतर्गत ’’वन स्टॉप सेण्टर’’ (सखी) मण्डला द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा तथा सामाजिक सशक्तिकरण हेतु भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित ’’महिला हेल्पलाईन 181’’ 1 मार्च 2020 से भोपाल में प्रारंभ की गई है। जिसमें पूरे प्रदेश से महिला हिंसा से संबंधित कॉल सुने जाते है एवं महिलाओं की समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक सहायता प्रदान की जाती हैं। 181 टोल फ्री नम्बर है तथा चौबीस घंटे कार्य करता है। महिला हेल्पलाईन 181 के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं की सेवाए प्रदान करने हेतु मण्डला जिले में महिला हेल्पलाईन 181 के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम वन स्टॉप सेण्टर मण्डला में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

तत्संबंध में कार्यक्रम की शुरूआत श्रीमति अम्रता कुजूर प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर मण्डला द्वारा समस्त प्रकार की पीड़ित महिलाओं से संबंधित हिंसा की जानकारी प्रदान की गई, तत्पश्चात् श्रीमति मंजू शुक्ला, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास ने महिलाओं के अधिकारों व संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया गया। विधिक सहायता से उपस्थित श्री पंकज चौरसिया द्वारा विधिक सहायता से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं व योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। श्रीमति निधि अग्रवाल केसवर्कर द्वारा वन स्टॉप सेण्टर की कार्यविधि, सेवाएं विपत्तिग्रस्त महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओ एवं सहयोगी संस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई। श्रीमति प्रीति जैन केसवर्कर द्वारा टोल फ्री नं0 181 महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेण्टर के अभी तक दर्ज व निराकृत प्रकरणों के साथ सामान्य जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त प्रतिभागियों ने अपने अनुभव सांझा किये गये।

कोरोना अपडेट – मंडला

जिले में मिले 8 नए कोरोना पॉजीटिव केस

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर की शाम 4 बजे से 21 अक्टूबर की शाम 4 बजे तक 8 नए कोरोना पॉजीटिव केस मिले हैं। जानकारी के अनुसार विकासखंड घुघरी के ग्राम पाटन कोटवार टोला निवासी 66 वर्षीय पुरूष, बिनैका रोड एकता कालोनी ग्राम छोटी खैरी निवासी 23 वर्षीय पुरूष, पं. जवाहर वार्ड मण्डला निवासी 28 वर्षीय पुरूष, बीजाडांडी निवासी 25 वर्षीय महिला, 34 वर्षीय पुरूष, मवई के ग्राम रूसा निवासी 45 वर्षीय महिला, 59 वर्षीय पुरूष, 9 वर्षीय बालिका की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। सभी संक्रमितों को आईसोलेशन में रखा गया है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने संक्रमितों के संपर्क में आए व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण तथा कोरोना जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनसामान्य से मॉस्क लगाने तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने का आव्हान किया है।

17 कोरोना मरीज स्वस्थ हुए

               मरीजों के द्वारा कोरोना को हराकर स्वस्थ होने एवं घर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में 20 अक्टूबर की शाम 4 बजे से 21 अक्टूबर की शाम 4 बजे तक जिले में 17 कोरोना मरीज कोरोना को हराकर अपने घर लौटे हैं। स्वस्थ होने वाले मरीजों में विकासखंड बिछिया के ग्राम किसली भिलवानी निवासी 35 वर्षीय पुरूष, ग्राम चंदिया बिछिया निवासी 50 वर्षीय पुरूष, बिछिया निवासी 56 वर्षीय पुरूष, क्लब महिन्द्रा मोचा बिछिया निवासी 39 वर्षीय पुरूष, नारायणगंज के ग्राम खैरी निवासी 70 वर्षीय पुरूष, ईडन गार्डन मण्डला निवासी 33 वर्षीय पुरूष, पुलिस लाइन मण्डला निवासी 43 वर्षीय पुरूष, 49 वर्षीय महिला, वार्ड नं.-7 नैनपुर निवासी 20 वर्षीय महिला, वार्ड नं.-12 नैनपुर निवासी 20 वर्षीय महिला, वार्ड नं.-5 नैनपुर निवासी 54 वर्षीय पुरूष, खाना खजाना के पीछे ग्राम कटरा निवासी 28 वर्षीय पुरूष, सिंहवाहिनी वार्ड मण्डला निवासी 64 वर्षीय ‘महिला, 70 वर्षीय पुरूष, ग्राम कटरा नर्मदा इन के पीछे निवासी 30 वर्षीय महिला, ग्राम देवदरा निवासी 20 वर्षीय पुरूष, सरदार पटैल वार्ड मण्डला निवासी 54 वर्षीय पुरूष शामिल है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ होकर घर जाने वाले मरीजों को कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की समझाईश दी गई।

’’डिनेचर्ड स्प्रिट’’ युक्त दवाओं एवं पदार्थों की जांच के लिए समिति गठित

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने उज्जैन जिले में ’’डिनेचर्ड स्प्रिट’’ के सेवन से हुई मौतों की जानकारी के आधार पर मंडला जिले में भी संचालित मेडीकल स्टोर्स, शराब की दुकानों एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में ऐसे पदार्थों के विक्रय की संभावनाओं के मद्देनजर जांच के लिए समिति गठित कर दी है। उन्होंने अवैध रूप से डिनेचर्ड युक्त दवाओं एवं पदार्थों के विक्रय की जांच के लिए गठित समिति में संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस थाना प्रभारी, औषधी निरीक्षक तथा आबकारी उप निरीक्षक इन्दु उपाध्याय को नियुक्त किया है।

               कलेक्टर ने जांच समिति को निर्देशित किया है कि संपूर्ण मंडला जिले में संचालित मदिरा की दुकानों एवं मेडीकल स्टोर्स की गहन जांच कर यह सुनिश्चित करें कि अवैध रूप से ’’डिनेचर्ड स्प्रिट’’ युक्त दवाओं, पदार्थों एवं अन्य हानिकारक उत्पादों का भंडारण एवं विक्रय तो नहीं किया जा रहा है। यदि किसी दुकान में उपरोक्त पदार्थों का विक्रय किया जाना पाया जाता है तो संबंधित दुकान संचालक के विरूद्ध नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।    

बकरी पालन पर प्रशिक्षण आयोजित

डॉ. एम.एल मेहरा उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिंझिया स्थित जे.डी.डी.एस.एस.एस, संस्था मंडला के द्वारा साफबिन परियोजना के अंतर्गत चयनित समूहों के 150 हितग्राहियों का बकरीपालन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण 15 अक्टूबर को पंचायत भवन घोंटा विकासखंड मवई में आयोजित किया गया। इसी प्रकार स्वयं सेवी संस्था द्रोणाचार्य के माध्यम से नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित एलईडीपी बकरी पालन परियोजना अंतर्गत ग्राम चौगान, बिलगांव, झीना पलेहरा विकासखंड मोहगांव में समूह की 25-25 महिलाओं को बकरी पालन विषय पर 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डॉ. वर्षा तरवरे, डॉ. अनामिका वरकडे, डॉ. फूलसिंह धुर्वे, डॉ. ज्योति मेरावी, डॉ. दुरपत सिंह मरावी पशु चिकित्सक पशु चिकित्सालय मवई, घुटास, लिंगापौड़ी, मोहगांव, मुनू द्वारा बकरी पालन, रखरखाव, टीकाकरण बीमारी से बचाव के उपाय के बारे में जानकारी से अवगत कराया गया।

’’प्रोजेक्ट नई उड़ान’’ के तहत् 21 ग्रामों में पहुंची चलित प्रयोगशाला

कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशन में जिले में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए दूरस्थ ग्राम पंचायतों में निवासरत छात्रों में वैज्ञानिक अभिरूचि विकसित करने एवं पाठ्यक्रम संबंधी प्रायोगिक कार्य करवाने के लिए ’प्रोजेक्ट नई उड़ान’ के तहत विभिन्न ग्रामों में चलित प्रयोगशाला (मोबाइल लैब) का भ्रमण एवं प्रदर्शन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार विकासखंड मंडला में सेमरखापा, टिकरिया एवं बनियातारा, नैनपुर के घटेरी, रामदेवरी, पालासुंदर एवं सुभेवाड़ा, घुघरी के नैझर, खौड़ाखुदरा (एम) एवं उमरिया, निवास के थानमगांव, जंगलिया, बिछिया के रामनगर एवं खिरहनी, मवई के दाढ़ी रैयत एवं भानपुर, मोहगांव के बोड़ासिल्ली, पातादेई, खर्राछापर रैयत एवं पीपरदर्रा, नारायणगंज में बरबटी ग्राम में चलित प्रयोगशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति में शिक्षकों द्वारा पाठ्îक्रम संबंधी प्रायोगिक कार्य कराये गये साथ ही विद्यार्थियों ने भी सभी प्रयोगों को किया एवं समझा जिससे विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया।

नई उड़ान – राजनीति शास्त्र एवं संस्कृत विषय का ऑनलाइन शैक्षिक प्रशिक्षण

               छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कलेक्टर हर्षिका सिंह द्वारा जिले में ’’प्रोजेक्ट नई उड़ान’’ आरंभ किया गया है। इसके साथ ही शिक्षकों की शिक्षण गुणवत्ता में भी उन्नयन की दृष्टि से शिक्षकों का ऑनलाइन मासिक प्रशिक्षण का आरंभ किया गया। जिले के हाईस्कूल और हायर सेकंडरी विद्यालयों में अध्यापन करने वाले शिक्षकों के लिए प्रतिमाह सामान्य शैक्षणिक और विषय विशिष्ट सामग्री पर प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। अक्टूबर माह में ये प्रशिक्षण दिनांक 20 अक्तूबर से 28 अक्टूबर तक होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला पटले एवं अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक श्री मुकेश पाण्डेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रत्येक प्रशिक्षण में शिक्षकों को शिक्षण की तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। इन प्रशिक्षणों में शिक्षकों को अध्यापन में आ रही विषय व शिक्षण संबंधी समस्याओं का चिन्हांकन और समाधान भी किया जाएगा। आज राजनीति शास्त्र एवं संस्कृत विषय का प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिनमें क्रमशः 32 और 68 शिक्षक उपस्थित रहे। राजनीति शास्त्र में मास्टर ट्रेनर दिनेश खण्डवाहे एवं अशोक चन्द्रौल ने भारत की स्वतंत्रता के समय धर्म के आधार पर बटवारे के समय  जनता एवं शासन-प्रशासन को होने वाली समस्याओं  का वर्णन किया तथा संस्कृत विषय के मास्टर ट्रेनर डॉ. कमलेश हरदहा एवं प्रमोद शुक्ला ने शिक्षकों को नए सिलेबस मे होने वाली कठिनाईयों को हल समझाते हुए अव्ययव एवं माहेश्वर सूत्र का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग आईसीटी नोडल शक्ति पटैल, इकबाल खान, सुमित कुशवाहा एवं अंकुश चौरसिया दे रहे हैं।

वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार नियत्रंण दिवस का हुआ शुभारंभ

21 से 30 अक्टूबर तक मनाया जाएगा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने जानकारी दी कि 21 अक्टूबर को वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार नियत्रंण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस क्रम में डॉ. सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वा. अधिकारी कार्यालय में सकंल्प लेते हये कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संकल्प में बताया गया कि खुद भी आयोडीन नमक का उपयोग करें एवं समाज को भी आयोडीन युक्त नमक खाने के लिये प्रेरित करें। 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2020 तक आयोडीन दिवस मनाया जायेगा। आयोडीन नमक के रोजाना प्रयोग करने से चुस्त दिमाग और स्वस्थ शरीर, उर्जा से भरपूर अधिक कार्य क्षमता, गर्भवती माता के लिये स्वस्थ बच्चे का जन्म, गर्भ में शिशु का स्वस्थ बच्चे का जन्म, शारीरिक एवं मानसिक विकास पूर्ण रूप से होना, बच्चों में तेज दिमाग, कक्षा में बेहतर प्रदर्शन, ज्यादा जागरूक, उर्जा से भरपूर, वृद्धि और विकास होता है।

इसी प्रकार आयोडीन नमक के प्रयोग ना करने से उर्जा में कमी, जल्दी थकावट, गर्भपात, मरे हुये बच्चे का जन्म, जन्म लेते ही शिशु की मृत्यु, गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क का कम विकास, कक्षा में साधारण अंक या पिछडा हुआ उर्जा हीन शरीर जागरूकता की कमी, वृद्वि का कम विकास और घंघापन आदि समस्याएं आती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि आयोडीन के दैनिक जीवन में इतना आवश्यक है, एवं शरीर में इसकी कमी से अनेक दुष्परिणाम होते हैं। आयोडीन कार्यक्रम जिले की समस्त सस्थाओं में आयोजित किया गया है।

अपनी रक्षा के प्रति सतर्क रहें, सक्षम बनें और आगे बढ़ें – हर्षिका सिंह

कलेक्टर ने किशोरी जागरूकता शिविर को किया संबोधित

               कलेक्टर हर्षिका सिंह महिला बाल विकास विभाग द्वारा 18 से 21 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे किशोरी जागरूकता शिविर में शामिल हुई। राजीव कॉलोनी स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र में पहुंचकर कलेक्टर ने शिविर में आई किशोरी बालिकाओं, उनके माता-पिता तथा अभिभावकों से आत्मीय बातचीत की। श्रीमती सिंह बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अपनी रक्षा के प्रति सतर्क रहें। दृढ़संकल्पित होकर अपना लक्ष्य बनाते हुए पढ़ाई करें एवं जीवन में प्रगति के पथ पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि किशोरी बालिकाओं को बढ़े होने के साथ-साथ अपने आसपास के परिवेश के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बालिकाओं को उनकी मदद के लिए शासन से संचालित हेल्पलाईन नंबरों 181, 1098 आदि की जानकारी होना चाहिए। कलेक्टर ने बालिकाओं से कहा कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य, मानसिक या शारीरिक समस्या होने पर बेझिझक अपने माता-पिता को बताएं। उन्होने किशोरी जागरूकता शिविर के अंत में उपस्थित बालिकाओं एवं माता-पिता को बालिका संरक्षण संबंधी शपथ भी दिलाई।

               किशोरी जागरूकता शिविर में उपस्थित हुए अनुविभागीय अधिकारी मंडला प्रथम कौशिक ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सभी सतर्कता एवं सावधानी बरतने के साथ-साथ कॉन्फिडेंट भी रहें। जीवन में आगे बढ़ने के लिए ये तीनों बातें जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को गुड टच-बेड टच के बारे में जानकारी देते हुए किसी भी प्रकार की समस्याओं को तत्काल अपने माता-पिता को बताएं। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को किशोरी जागरूकता शिविर के सतत् रूप से नियमित समय पर आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं एवं उनके माता-पिता को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। किशोरी जागरूकता शिविर में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्वेता तड़वे सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, जिला पंचायत सदस्य अनिता तिवारी, किशोरी बालिकाएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

दो वर्ष में बनी सात मीटर रोड और राशि निकाल ली गई अधिक, मटेरियल भी ले गया ठेकेदार – आरोप

मंडला – बगैर निर्माण कार्य पूर्ण कराये राशि आहरण करने के मामले तो जिले में अनेकों सामने आये हैं , किन्तु इन दोषियों पर कार्यवाही क्या होती है किसी को पता नहीं चलता इसलिए फर्जी बिल लगाकर राशि बंदरबाट करने का सिलसिला जारी है . ऐसे ही एक मामले की शिकायत विगत दिवस कलेक्टर को की गई है.ये शिकायत मोहगांव
जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत ठेभा के बैगा समाज के लोगों द्वारा की गई है कि उनके मोहल्ले में वर्ष 2018-19 में स्वीकृत 225 मीटर सी.सी.रोड बनाया जाना था किन्तु इन दो वर्षों में सिर्फ सात मीटर रोड बनाई गई है . और राशि अधिक निकाल कर बंदरबाट कर लिया गया है . ग्रामीणों का आरोप है कि रोड के लिए लाया गया मटेरियल भी
ठेकेदार राम प्रसाद साहू द्वारा वापस उठा लिया गया है .पीड़ितों द्वारा मांग की गई है कि शीघ्र रोड पूर्ण कराई जाए एवं दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये .

ट्वेटा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एरियर्स की मांग की

दिपावली के पूर्व छठवें वेतनमान की तीसरी किस्त और सातवें वेतनमान का एरियर की मांग

ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष डीके सिंगौर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अध्यापक/ नवीन शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों  को छठवें वेतनमान की तीसरी किस्त एवं सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान करने की मांग की। ज्ञात हो गए कि विगत दिनों चुनावी रैली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की तीसरी किस्त की 25% राशि का भुगतान किया जाएगा, साथ ही 40,000 से कम वेतनमान वाले कर्मचारियों को ₹10000 फेस्टिवल एडवांस के रूप में मिल सकेगा। इससे राज्य कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। लेकिन इस घोषणा से नवीन शिक्षक संवर्ग शिक्षकों/अध्यापकों को काफी निराशा महसूस हो रही है, क्योंकि राज्य सरकार ने पहले ही अपने कर्मचारियों का डीए और वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। इसके बाद कोरोना संक्रमण की आड़ में  सभी प्रकार के एरियर्स के भुगतान पर भी रोक लगी हुई है। इसके बाद चुनाव और दीपावली त्यौहार को देखते हुए राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की तृतीय किस्त के 25% राशि के भुगतान की घोषणा करना और अध्यापक संवर्ग के मामले में मौन रहने से नवीन शिक्षक संवर्ग के शिक्षक/अध्यापक  अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे। इससे एक बार फिर राज्य सरकार की अध्यापक संवर्ग के प्रति सौतेला व्यवहार उजागर हो रहा क्योंकि राज्य कर्मचारी बनने के बाद भी अध्यापक संवर्ग पर राज्य के अन्य कर्मचारियों की भांति एक ही आदेश सीधे सीधे लागू नहीं हो रहे हैं।

कहां गए पौराणिक कुंड … ?

कहां गए मंगलेश्वर तीर्थ के ये पौराणिक कुंड ? जिसके एक मात्र दर्शन से मिट जाते सारे पाप !

मंडला: पतित पावनी नर्मदा के किनारे बसे मंडला के मंगलेश्वर तीर्थ में बने दो पैराणिक कुंड पाप मोचन कुंड और ऋण मोचन कुंड कालातीत हो गए हैं, जिसे जीर्णोद्धार किए जाने की मांग की जा रही है.

मध्य प्रदेश की जीवन रेखा कही जाने वाली पतित पावनी मां नर्मदा के किनारे कई तीर्थ मौजूद हैं, जो व्यक्ति को प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद देने के साथ ही, आध्यात्म की शांति देते हैं. ऐसे ही दो कुंड मौजूद हैं मंडला जिले के महराजपुर स्थित मंगलेश्वर तीर्थ क्षेत्र में, जिन्हें ऋण मोचन और पाप मोचन कुंड के नाम से जाना जाता है. लेकिन मंडलेश्वर धाम के ये दोनों कुंड कालातीत हो गए.

कैसे पड़ा मंगलेश्वर नाम – शंकर भगवान के बड़े पुत्र मंगल ने नर्मदा के किनारे तपस्या की थी और अपने हाथों से भगवान शंकर की पिंडी भी स्थापित की थी. इस दिन मंगलवार था, इस कारण इसका नाम महा मंगलेश्वर हो गया, जिसका उल्लेख नर्मदा पुराण के अलावा भी अन्य पुराणों में मिलता है.

कहां है मंगलेश्वर तीर्थ – नर्मदा नदी के दक्षिण तट में महाराजपुर के ज्वालाजी वार्ड में यह स्थित है. शिव पुत्र मंगल ने इसकी स्थापना की इसके चलते नाम मंगलेश्वर पड़ा. नर्मदा पुराण /अ.69/11 में इसका उल्लेख है, कि भगवान शिव की तपस्या से प्रसन्न होकर खुद प्रकट हुए, और अपने पुत्र को वरदान दिया, श्रद्धालुओं का मानना है कि मंगलवार को पड़ने वाली चतुर्थी के दिन यहां पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है, और इस स्थान पर भगवान शंकर वास करते हैं.मंगलेश्वर तीर्थ के दक्षिण में पाप मोचन कुंड हुआ करता था, जबकि इसके दूसरे तट नानाघाट के करीब ऋण मोचन तीर्थ बताया जाता है.

कहां गए मंगलेश्वर तीर्थ के ये पौराणिक कुंड ? जिसके एक मात्र दर्शन से मिट जाते सारे पाप !

ऋण मोचन कुंड- पौराणिक मान्यता के अनुसार ऋण मोचन कुंड में डुबकी लगाने से देव ऋण, पितृ ऋण और ऋषि ऋण मतलब की तीनों ही प्रकार के ऋणों से मुक्ति मिल जाती थी.

पाप मोचन कुंड- कहते हैं गंगा नदी में स्नान से तो नर्मदा नदी के दर्शन मात्र से सारे पाप धुल जाते हैं. लेकिन महा मंगलेश्वर तीर्थ के करीब ही एक ऐसा कुंड हुआ करता था जिसमें डुबकी लगाने से मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते थे.

कहां गए दोनों ही कुंड – धीरे-धीरे बाढ़ में बह कर आई मिट्टी, रेत और पत्थरों से भरते गए और अब इनकी निशानियां भी नहीं दिखाई देती. कुछ लोग दावा करते हैं कि भीषण गर्मी के समय इन्हें बहुत सिमटे हुए आकार में देखा जा सकता है, जो उल्टे श्रीयंत्र की तरह दिखाई देते है.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा – जब इन कुंड के साथ ही महा मंगलेश्वर तीर्थ पर स्थानीय पार्षद शिखा श्रीवास्तव से चर्चा की गई, तो उन्होंने माना की यदि मंदिर प्रांगण में सुव्यवस्थित तरीके से निर्माण किया जाए, तो यहां पर्यटन के रास्ते खुल जाएंगे. शिखा ने बताया की इसके लिए उन्होंने नगरीय प्रशासन को कई पत्र लिखे, लेकिन अभी तक कोई खास जवाब नहीं आया, हालांकि उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई घाट ऐसे हैं, जिसका जीर्णोद्धार कराया गया है, और जालियां लगाई गईं हैं.

संरक्षण की जरूरत – जिस तीर्थ का धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख हो और उसका अस्तित्व जमीन पर नजर ही न आए, यह विडम्बना ही कही जा सकती है. जरूरत है इस तीर्थ के लगभग 500 मीटर घाट को पक्का किया जाए और ऋण मोचन, पाप मोचन कुंड को खोज कर उन्हें संरक्षित किया जाए. जिसे खोज पाना अभी भी संभव है, वरना समय के साथ इनका अस्तित्व पूरी तरह से मिट जाएगा, और धार्मिक महत्व के ये स्थान सिर्फ पुराणों में सिमट कर रह जाएंगे.